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Auraiya News: यमुना के किनारे होगा संतो का सम्मेलन
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अजीतमल। क्षेत्र के यमुना तट पर स्थित मझगरा बाबा फरिहा में सोमवार से सीताराम महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा के साथ-साथ संत सम्मेलन व सत्संग कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में जहां यज्ञ शाला में राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत यज्ञाचार्य डॉ. नर्मदा प्रसाद त्रिपाठी द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ यज्ञ में आहूतियां दी जाएंगी। वहीं श्रीमद् भागवत कथा का रसपान पुराण प्रवक्ता डॉ. सियाराम दासजी नैपायक माउंट टाबू राजस्थान के द्वारा कराया जाएगा। संवाद
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भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला सुन झूमे श्रोता
रुरुगंज। रुरुकला स्थित श्री चौबे जी आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जा रही है। छठवें दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथावाचक आचार्य सुबोधानंद जी महाराज ने कहा माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है। कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की। तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। मौके पर रामकृष्ण दुबे, पप्पी दुबे, हरिओम, श्याम मुरारी, प्रदीप आदि मौजूद रहे। संवाद
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बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में ही कराएं
अजीतमल। बाबरपुर देहात में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा में आचार्य पूजा किशोरी जी के द्वारा भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। इस मौके पर अक्षय राजपूत आदि मौजूद रहे। संवाद
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भगवान श्रीकृष्ण की बाललीला सुन झूमे श्रोता
रुरुगंज। रुरुकला स्थित श्री चौबे जी आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा आयोजित की जा रही है। छठवें दिन रविवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। कथावाचक आचार्य सुबोधानंद जी महाराज ने कहा माखन चोरी करने का आशय मन की चोरी से है। कन्हैया ने भक्तों के मन की चोरी की। तमाम बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रोताओं को वात्सल्य प्रेम में सराबोर कर दिया। मौके पर रामकृष्ण दुबे, पप्पी दुबे, हरिओम, श्याम मुरारी, प्रदीप आदि मौजूद रहे। संवाद
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बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में ही कराएं
अजीतमल। बाबरपुर देहात में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन की कथा में आचार्य पूजा किशोरी जी के द्वारा भक्त प्रह्लाद प्रसंग का बखान किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। ऐसे में बच्चों को धर्म व आध्यात्म का ज्ञान दिया जाना चाहिए। माता-पिता की सेवा व प्रेम के साथ समाज में रहने की प्रेरणा ही धर्म का मूल है। इस मौके पर अक्षय राजपूत आदि मौजूद रहे। संवाद