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जिला पंचायत अध्यक्ष के बाद ब्लाक प्रमुखी पर कब्जा
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सहार। अकबरपुर लोक सभा क्षेत्र से सांसद देवेंद्र सिंह भोले के भाई राजेंद्र सिंह की पत्नी राजरानी जिस तरह कानपुर देहात की जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं थीं, कुछ ऐसा ही हाल ब्लॉक प्रमुख चुनाव में भी दिखा। पहले उनके भाई भाजपा से बागी के रूप में थे। अंत में तालमेल ठीक हुआ तो उन्हें भाजपा ने अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया और वह जीतने में कामयाब रहे। इसी तरह सहार ब्लॉक प्रमुखी पर सांसद और उनके भाई की पहले से नजर थी। पूरी तैयारी के बीच त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होते ही बीडीसी सदस्यों पर पकड़ बना ली गई।
अधिकांश सदस्य कंचौसी में रखे गए। इनमें से खासमखास लोगों को आवाजाही पर छूट थी, जबकि अन्य सदस्यों पर माननीयों की कड़ी निगरानी थी। सदस्यों का भारी भरकम समर्थन होने पर एक बार फिर से सांसद के भाई राजेंद्र सिंह ने इस सीट से भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी बगावत करते हुए पुत्र आकाश सिंह को सहार ब्लाक से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करा दिया। यहीं कारण रहा कि भाजपा भी इनकी तरफ रुख नहीं किए थी। लिहाजा नीतू अग्निहोत्री को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। ऐन वक्त पर बीडीसी सदस्यों का समर्थन न मिलता देख नीतू ने अपना पर्चा वापस लकर आकाश को समर्थन दिया। जिसके बाद शुक्रवार देर रात भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा को आकाश सिंह को भाजपा समर्थित प्रत्याशी बनाना पड़ा। आकाश ने जीत दर्ज की।
चप्पे-चप्पे पर ड्रोन से निगरानी
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में ड्रोन कैमरे से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नजर रखे थे। कैमरे की नजर में जहां भीड़ नजर आई पुलिस बल वहां पहुंच कर लोगों को खदेड़ता रहा।
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ई-रिक्शे से भेजे गए प्रत्याशी
मतदान स्थल से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने बैरियर लगाकर सख्ती बरती। वोट डालने पहुंच रहे बीडीसी सदस्यों को ब्लॉक से 200 मीटर पहले ही रोक लिया गया। दिव्यांग सदस्यों को प्रशासन ने ई-रिक्शा से भेजा।
डीएम, एसपी और प्रेक्षक ने लिया जायजा
सुबह 10 बजते ही सभी जिला स्तरीय अधिकारी, नोडल अधिकारी मुस्तैद हो गए। डीएम सुनील कुमार वर्मा, एसपी अपर्णा गौतम, प्रेक्षक डॉ. अशोक चंद्र ने सभी ब्लॉको में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
लंबी कतारों में नजर आए बीडीसी सदस्य
ब्लॉक में मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशियों को लाइन में खड़ा किया गया। बारी-बारी से मतदाता प्रमाण पत्र लेकर अंदर जाते रहे। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
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अधिकांश सदस्य कंचौसी में रखे गए। इनमें से खासमखास लोगों को आवाजाही पर छूट थी, जबकि अन्य सदस्यों पर माननीयों की कड़ी निगरानी थी। सदस्यों का भारी भरकम समर्थन होने पर एक बार फिर से सांसद के भाई राजेंद्र सिंह ने इस सीट से भाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद भी बगावत करते हुए पुत्र आकाश सिंह को सहार ब्लाक से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करा दिया। यहीं कारण रहा कि भाजपा भी इनकी तरफ रुख नहीं किए थी। लिहाजा नीतू अग्निहोत्री को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। ऐन वक्त पर बीडीसी सदस्यों का समर्थन न मिलता देख नीतू ने अपना पर्चा वापस लकर आकाश को समर्थन दिया। जिसके बाद शुक्रवार देर रात भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा को आकाश सिंह को भाजपा समर्थित प्रत्याशी बनाना पड़ा। आकाश ने जीत दर्ज की।
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चप्पे-चप्पे पर ड्रोन से निगरानी
ब्लॉक प्रमुख चुनाव में ड्रोन कैमरे से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी नजर रखे थे। कैमरे की नजर में जहां भीड़ नजर आई पुलिस बल वहां पहुंच कर लोगों को खदेड़ता रहा।
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ई-रिक्शे से भेजे गए प्रत्याशी
मतदान स्थल से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने बैरियर लगाकर सख्ती बरती। वोट डालने पहुंच रहे बीडीसी सदस्यों को ब्लॉक से 200 मीटर पहले ही रोक लिया गया। दिव्यांग सदस्यों को प्रशासन ने ई-रिक्शा से भेजा।
डीएम, एसपी और प्रेक्षक ने लिया जायजा
सुबह 10 बजते ही सभी जिला स्तरीय अधिकारी, नोडल अधिकारी मुस्तैद हो गए। डीएम सुनील कुमार वर्मा, एसपी अपर्णा गौतम, प्रेक्षक डॉ. अशोक चंद्र ने सभी ब्लॉको में पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
लंबी कतारों में नजर आए बीडीसी सदस्य
ब्लॉक में मतदान केंद्र के बाहर प्रत्याशियों को लाइन में खड़ा किया गया। बारी-बारी से मतदाता प्रमाण पत्र लेकर अंदर जाते रहे। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।