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Auraiya News: रास्ता किया बंद, बेटी की मौत के मामले में पिता ने पड़ोसी पर लगाया व्यवधान का आरोप
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अजीतमल। कोतवाली क्षेत्र के अनंत राम चौकी अंतर्गत सोनासी गांव में एक नाबालिग की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
परिजनों ने रास्ता बंद कर दिए जाने से किशोरी को अस्पताल तक न ले जा पाने से मौत होने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। पुलिस ने समझाकर रास्ता दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। वहीं, रास्ता खुलवाए जाने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्र के सोनासी गांव निवासी लाखन सिंह की 17 वर्षीय पुत्री चंचल की शनिवार देर रात मौत हो गई। रविवार सुबह परिजनों ने हंगामा कर पुलिस को सूचना दी। लाखन सिंह का आरोप है कि पड़ोसी ने घर से निकलने वाले रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी। छत पर चढ़कर अन्य पड़ोसियों के जीने से उतरकर घर से निकलना पड़ा। रास्ता न होने से वह हालत बिगड़ने पर पुत्री को अस्पताल नहीं ले जा सके, जिससे तड़पकर उसकी पुत्री ने दम तोड़ दिया।
मौत की सूचना पर गांव के लोग, उसके भाई की बनी कच्ची दीवार को तोड़कर घर तक पहुंचे। मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह, कोतवाल राजकुमार सिंह, अनंतराम चौकी प्रभारी जयेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। निकलने के लिए बंद किए गए रास्ते को खुलवाने और लेखपाल द्वारा गलत रिपोर्ट लगाने के कारण उसे हटाने की मांग करते हुए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मना कर दिया।
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आरोप लगाया कि थाना दिवस में लेखपाल की ओर से गलत प्रस्तुति देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया। न्याय न मिलने की बात पुत्री को पता चली, जिससे बेटी की हालत बिगड़ गई। चारों तरफ रास्ता बंद कर दिये जाने से घर में कैद होकर रह जाने की बात कहते हुए वह सदमे में चली गई। मौत हो गई।
किसी तरह कोतवाल राजकुमार सिंह ने परिजनों को समझाकर रास्ता खुलवाने का आश्वासन देकर शव कब्जे में लिया। पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजस्व विभाग से किसी कर्मचारी व अधिकारी के न पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी रही। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि मामला राजस्व का है। फिलहाल स्थलीय निरीक्षण को देखते हुए मानवता के तौर पर आपसी सहमति के आधार पर दीवार हटवाकर चार फीट का रास्ता दिलवाए जाने का आश्वासन दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
लाखन सिंह बीते कई वर्षों पहले पत्नी नीलेश, पुत्री डोली, चंचल व पुत्र दीपक को लेकर दिल्ली चला गया था। रक्षाबंधन पर घर आया था। निकलने वाले रास्ते को बंद देख वह पड़ोसी के घर की छत से होकर अपने घर पहुंच सका। रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए दूसरी ओर के पड़ोसी फूल सिंह के खिलाफ वह प्रार्थना पत्र लेकर घूम रहा था।
थाना दिवस में भी वह प्रार्थना पत्र लेकर गया था। अधिकारियों से उसने मौके पर चलकर देखते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। उसे सिविल न्यायालय में मामला ले जाने को बात कहकर टरका दिया गया था। आरोप है कि लेखपाल की ओर से उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट दी गई। जिस वजह से उसकी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। उसकी पुत्री की इसी वजह से सदमे में मौत हो गई। तहसीलदार जीतेश वर्मा ने बताया कि मामला पारिवारिक है। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। उसे रास्ता दिलवाया जाएगा।
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परिजनों ने रास्ता बंद कर दिए जाने से किशोरी को अस्पताल तक न ले जा पाने से मौत होने का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं किया। पुलिस ने समझाकर रास्ता दिलवाए जाने का आश्वासन दिया। वहीं, रास्ता खुलवाए जाने का आश्वासन दिया है।
क्षेत्र के सोनासी गांव निवासी लाखन सिंह की 17 वर्षीय पुत्री चंचल की शनिवार देर रात मौत हो गई। रविवार सुबह परिजनों ने हंगामा कर पुलिस को सूचना दी। लाखन सिंह का आरोप है कि पड़ोसी ने घर से निकलने वाले रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी। छत पर चढ़कर अन्य पड़ोसियों के जीने से उतरकर घर से निकलना पड़ा। रास्ता न होने से वह हालत बिगड़ने पर पुत्री को अस्पताल नहीं ले जा सके, जिससे तड़पकर उसकी पुत्री ने दम तोड़ दिया।
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मौत की सूचना पर गांव के लोग, उसके भाई की बनी कच्ची दीवार को तोड़कर घर तक पहुंचे। मौके पर पुलिस क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह, कोतवाल राजकुमार सिंह, अनंतराम चौकी प्रभारी जयेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। निकलने के लिए बंद किए गए रास्ते को खुलवाने और लेखपाल द्वारा गलत रिपोर्ट लगाने के कारण उसे हटाने की मांग करते हुए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने के लिए मना कर दिया।
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आरोप लगाया कि थाना दिवस में लेखपाल की ओर से गलत प्रस्तुति देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया। न्याय न मिलने की बात पुत्री को पता चली, जिससे बेटी की हालत बिगड़ गई। चारों तरफ रास्ता बंद कर दिये जाने से घर में कैद होकर रह जाने की बात कहते हुए वह सदमे में चली गई। मौत हो गई।
किसी तरह कोतवाल राजकुमार सिंह ने परिजनों को समझाकर रास्ता खुलवाने का आश्वासन देकर शव कब्जे में लिया। पंचायतनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजस्व विभाग से किसी कर्मचारी व अधिकारी के न पहुंचने को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी रही। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि मामला राजस्व का है। फिलहाल स्थलीय निरीक्षण को देखते हुए मानवता के तौर पर आपसी सहमति के आधार पर दीवार हटवाकर चार फीट का रास्ता दिलवाए जाने का आश्वासन दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
लाखन सिंह बीते कई वर्षों पहले पत्नी नीलेश, पुत्री डोली, चंचल व पुत्र दीपक को लेकर दिल्ली चला गया था। रक्षाबंधन पर घर आया था। निकलने वाले रास्ते को बंद देख वह पड़ोसी के घर की छत से होकर अपने घर पहुंच सका। रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए दूसरी ओर के पड़ोसी फूल सिंह के खिलाफ वह प्रार्थना पत्र लेकर घूम रहा था।
थाना दिवस में भी वह प्रार्थना पत्र लेकर गया था। अधिकारियों से उसने मौके पर चलकर देखते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। उसे सिविल न्यायालय में मामला ले जाने को बात कहकर टरका दिया गया था। आरोप है कि लेखपाल की ओर से उच्चाधिकारियों को गलत रिपोर्ट दी गई। जिस वजह से उसकी समस्या का निस्तारण नहीं हो सका। उसकी पुत्री की इसी वजह से सदमे में मौत हो गई। तहसीलदार जीतेश वर्मा ने बताया कि मामला पारिवारिक है। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। उसे रास्ता दिलवाया जाएगा।