{"_id":"65f0aee58c734f2bfc025274","slug":"revenue-advocates-remained-on-strike-for-the-second-day-auraiya-news-c-211-1-aur1001-109696-2024-03-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: दूसरे दिन भी राजस्व अधिवक्ता रहे हड़ताल पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: दूसरे दिन भी राजस्व अधिवक्ता रहे हड़ताल पर
विज्ञापन
अजीतमल। तहसील के राजस्व अधिवक्ता मंगलवार को हड़ताल पर रहे। कोई कार्य नहीं हुआ। न तो कोई वाद की सुनवाई हुई और न ही कोई बैनामा हुआ। जिसके चलते फरियादियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बिना काम के ही उन्हें लौटना पड़ा। अधिवक्ताओं के साथ-साथ स्टांप वेंडर व लेखन कार्य करने वाले लोगों ने भी कार्य नहीं किया। जिससे पूरी तरह कार्य प्रभावित रहा।
सोमवार की सुबह तहसील अजीतमल में तहसीलदार ने सुबह की पाली में कोर्ट लगाए जाने के निर्देश दिए तो अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया था। तहसीलदार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कार्य से विरत हो गए थे। मंगलवार की सुबह अजीतमल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह सेंगर व महामंत्री आमोद त्रिपाठी के नेतृत्व में एक मंच पर बैठकर हड़ताल रखी गई। जिसके चलते तहसील के सभी कार्य पूर्ण रूप से बंद रहे।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह व महामंत्री आमोद त्रिपाठी ने बताया की तहसीलदार की हठधर्मिता के चलते कोर्ट का समय अपराह्न दो बजे से शुरू होता है, लेकिन सुबह की पाली में कोर्ट लगाने से बाहरी लोगों के द्वारा कार्य करने आदि मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल की गई है। वहीं सब रजिस्ट्रार राजेश यादव ने बताया कि एक भी बैनामा नहीं हुआ है। रोजाना के मुताबिक तकरीबन आठ से 10 लाख रुपये की राजस्व हानि हुई है।
विज्ञापन
इस संबंध में एसडीएम रामौतार ने बताया की अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। जिसके चलते कार्य बाधित हुआ है। अधिवक्ता तहसील के नियमों के हिसाब से कार्य नहीं करना चाह रहे हैं। तीन कोर्ट लगने का नियम पहले ही बनाया गया था। जिससे वाद निपटने में शीघ्रता हो सके।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
वकीलों के बस्ते के पास बन रहे शौचालय का विरोध
बिधूना। सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के बस्तों के पास बनाए जा रहे शौचालय के विरोध में मंगलवार को वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए उच्चाधिकारियों से शौचालय हटवाने बात राजस्व अधिवक्ताओं ने कही। संतोष जनक जवाब न मिलने पर तहसील परिसर में राजस्व अधिवक्ता बैठ गए।
मंगलवार को सिविल बार एसोसिएशन बिधूना के अध्यक्ष गंभीर सिंह शाक्य व महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि सिविल बार के अधिवक्ताओं के बस्तों के पास बनवाए जा रहे शौचालय को गलत तरीके से बनाया जा रहा है। जिसका विरोध अधिवक्ताओं के द्वारा किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एक प्रतिनिधि मंडल प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रयागराज से मिलने अतिशीघ्र जा रहा है। जब तक प्रस्तावित शौचालय को स्थान परिवर्तित नहीं होगा तो सिविल बार के अधिवक्ता अपने आंदोलन को दिन प्रतिदिन और प्रखर करने पर मजबूर होंगे।
विज्ञापन
सोमवार की सुबह तहसील अजीतमल में तहसीलदार ने सुबह की पाली में कोर्ट लगाए जाने के निर्देश दिए तो अधिवक्ताओं ने विरोध करते हुए कार्य बहिष्कार कर दिया था। तहसीलदार पर हठधर्मिता का आरोप लगाते हुए कार्य से विरत हो गए थे। मंगलवार की सुबह अजीतमल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह सेंगर व महामंत्री आमोद त्रिपाठी के नेतृत्व में एक मंच पर बैठकर हड़ताल रखी गई। जिसके चलते तहसील के सभी कार्य पूर्ण रूप से बंद रहे।
विज्ञापन
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह व महामंत्री आमोद त्रिपाठी ने बताया की तहसीलदार की हठधर्मिता के चलते कोर्ट का समय अपराह्न दो बजे से शुरू होता है, लेकिन सुबह की पाली में कोर्ट लगाने से बाहरी लोगों के द्वारा कार्य करने आदि मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल की गई है। वहीं सब रजिस्ट्रार राजेश यादव ने बताया कि एक भी बैनामा नहीं हुआ है। रोजाना के मुताबिक तकरीबन आठ से 10 लाख रुपये की राजस्व हानि हुई है।
विज्ञापन
इस संबंध में एसडीएम रामौतार ने बताया की अधिवक्ता हड़ताल पर हैं। जिसके चलते कार्य बाधित हुआ है। अधिवक्ता तहसील के नियमों के हिसाब से कार्य नहीं करना चाह रहे हैं। तीन कोर्ट लगने का नियम पहले ही बनाया गया था। जिससे वाद निपटने में शीघ्रता हो सके।
वकीलों के बस्ते के पास बन रहे शौचालय का विरोध
बिधूना। सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं के बस्तों के पास बनाए जा रहे शौचालय के विरोध में मंगलवार को वकीलों ने हड़ताल शुरू कर दी। नारेबाजी करते हुए उच्चाधिकारियों से शौचालय हटवाने बात राजस्व अधिवक्ताओं ने कही। संतोष जनक जवाब न मिलने पर तहसील परिसर में राजस्व अधिवक्ता बैठ गए।
मंगलवार को सिविल बार एसोसिएशन बिधूना के अध्यक्ष गंभीर सिंह शाक्य व महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से बताया कि सिविल बार के अधिवक्ताओं के बस्तों के पास बनवाए जा रहे शौचालय को गलत तरीके से बनाया जा रहा है। जिसका विरोध अधिवक्ताओं के द्वारा किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने कहा कि एक प्रतिनिधि मंडल प्रशासनिक न्यायमूर्ति प्रयागराज से मिलने अतिशीघ्र जा रहा है। जब तक प्रस्तावित शौचालय को स्थान परिवर्तित नहीं होगा तो सिविल बार के अधिवक्ता अपने आंदोलन को दिन प्रतिदिन और प्रखर करने पर मजबूर होंगे।