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Auraiya News: समस्याओं से जूझ रहे वाशिंदें, हस्तांतरण की समय सीमा बीती
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औरैया। शहर में समस्याओं से जूझ रहे आवास विकास परिषद के वाशिंदों को गंदगी, सीवरेज, जलभराव व क्षतिग्रस्त पुलिया की समस्या को अभी और झेलना होगा। लगभग एक पखवारे पूर्व जिलाधिकारी ने 10 दिन में शेष पांच ब्लॉकों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन समय सीमा बीतने के बाद भी आज तक नगर पालिका परिषद को कालोनियां हस्तांतरित नहीं हो सकी हैं।
आवास विकास परिषद की कालोनी में सात ब्लॉक बने हैं। जिसमें से लगभग 15 साल पहले दो ब्लॉक नगर पालिका परिषद को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। जबकि शेष पांच ब्लॉक हस्तांतरित होने को शेष बचे थे। अहम बात यह है कि आवास विकास परिषद के अधिकारियों की अनदेखी से इन पांच ब्लॉकों के वाशिंदों को लंबे समय से मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कालोनी के लोगों ने लगभग तीन साल पहले तत्कालीन कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में तत्कालीन जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा, आवास विकास परिषद के अधिकारियों, नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें गठित की गई समिति की टीम ने निरीक्षण के बाद वहां व्याप्त समस्याओं के साथ ही उसको दूर करने पर खर्च होने वाले बजट का भी खाका तैयार किया था।
तीन साल बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। लगभग एक पखवारे पूर्व आवास विकास जन कल्याण समिति के लोगों ने फिर से पूर्व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश से मिलकर समस्या रखी थी। जिस पर आवास विकास परिषद के एक्सईएन, नगर पालिका परिषद के ईओ के अलावा आवास विकास जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों व पूर्व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह की उपस्थिति में जिलाधिकारी ने आवास विकास परिषद की शेष पांच ब्लॉकों को 10 दिन में नगर पालिका परिषद के सुपुर्द करने के निर्देश दिए थे, लेकिन लगभग एक पखवारा बीतने के बाद भी आज तक ब्लॉकों को स्थानांतरित नहीं किया जा सका है।
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आवास विकास जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव शरण सिंह परिहार ने कहा कि स्थित बहुत खराब है। नालियां गंदगी से बजबजा रहीं हैं। नालियों को पानी पार्क में भर रहा है। जिससे सुबह पार्क में योगा आदि के लिए पहुंचने वालों को काफी परेशानी हो रही है।
छह नंबर ब्लॉक में रहने वाले विष्णु चंद्र गुप्ता कहते हैं कि उनके घर के बाहर सीवर का टैंक है। सीवर लाइन चोक होने के कारण पिछले कई सालों से टैंक की गंदगी बाहर बहती रहती है। जिससे बदबू के कारण घर के अंदर बैठना मुश्किल रहता है। आवास विकास परिषद के लोगों से शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
आवास विकास परिषद की ओर से लगभग 3.25 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर पालिका परिषद को प्रस्ताव दे दिया था। नगर पालिका परिषद की ओर से सीवरेज को लेकर जल निगम से निरीक्षण कर इस्टीमेट बनवाने को पत्र लिखा गया है। नगर पालिका परिषद की ओर से सीवरेज का एस्टीमेट मिलते ही पूरा प्रस्ताव तैयार कर विभाग को बजट उपलब्ध करवाए जाने को पत्राचार किया जाएगा। बजट मिलते ही नगर पालिका परिषद को शेष पांच ब्लॉक हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
-अभिषेक राज, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद, कानपुर
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आवास विकास परिषद की कालोनी में सात ब्लॉक बने हैं। जिसमें से लगभग 15 साल पहले दो ब्लॉक नगर पालिका परिषद को हस्तांतरित किए जा चुके हैं। जबकि शेष पांच ब्लॉक हस्तांतरित होने को शेष बचे थे। अहम बात यह है कि आवास विकास परिषद के अधिकारियों की अनदेखी से इन पांच ब्लॉकों के वाशिंदों को लंबे समय से मूलभूत समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कालोनी के लोगों ने लगभग तीन साल पहले तत्कालीन कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत के नेतृत्व में तत्कालीन जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा, आवास विकास परिषद के अधिकारियों, नगर पालिका परिषद के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। जिसमें गठित की गई समिति की टीम ने निरीक्षण के बाद वहां व्याप्त समस्याओं के साथ ही उसको दूर करने पर खर्च होने वाले बजट का भी खाका तैयार किया था।
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तीन साल बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस है। लगभग एक पखवारे पूर्व आवास विकास जन कल्याण समिति के लोगों ने फिर से पूर्व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह के नेतृत्व में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश से मिलकर समस्या रखी थी। जिस पर आवास विकास परिषद के एक्सईएन, नगर पालिका परिषद के ईओ के अलावा आवास विकास जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों व पूर्व कृषि राज्यमंत्री लाखन सिंह की उपस्थिति में जिलाधिकारी ने आवास विकास परिषद की शेष पांच ब्लॉकों को 10 दिन में नगर पालिका परिषद के सुपुर्द करने के निर्देश दिए थे, लेकिन लगभग एक पखवारा बीतने के बाद भी आज तक ब्लॉकों को स्थानांतरित नहीं किया जा सका है।
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आवास विकास जन कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. शिव शरण सिंह परिहार ने कहा कि स्थित बहुत खराब है। नालियां गंदगी से बजबजा रहीं हैं। नालियों को पानी पार्क में भर रहा है। जिससे सुबह पार्क में योगा आदि के लिए पहुंचने वालों को काफी परेशानी हो रही है।
छह नंबर ब्लॉक में रहने वाले विष्णु चंद्र गुप्ता कहते हैं कि उनके घर के बाहर सीवर का टैंक है। सीवर लाइन चोक होने के कारण पिछले कई सालों से टैंक की गंदगी बाहर बहती रहती है। जिससे बदबू के कारण घर के अंदर बैठना मुश्किल रहता है। आवास विकास परिषद के लोगों से शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
आवास विकास परिषद की ओर से लगभग 3.25 करोड़ का इस्टीमेट बनाकर पालिका परिषद को प्रस्ताव दे दिया था। नगर पालिका परिषद की ओर से सीवरेज को लेकर जल निगम से निरीक्षण कर इस्टीमेट बनवाने को पत्र लिखा गया है। नगर पालिका परिषद की ओर से सीवरेज का एस्टीमेट मिलते ही पूरा प्रस्ताव तैयार कर विभाग को बजट उपलब्ध करवाए जाने को पत्राचार किया जाएगा। बजट मिलते ही नगर पालिका परिषद को शेष पांच ब्लॉक हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।
-अभिषेक राज, अधिशासी अभियंता, आवास विकास परिषद, कानपुर