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राहत : यमुना का जलस्तर हुआ कम
Tue, 22 Jul 2025 12:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 22 Jul 2025 12:14 AM IST
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अजीतमल। यमुना नदी का जलस्तर रविवार को बढ़ा तो दर्जनों गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गईं थीं। सुबह गौहानी कलां संपर्क मार्ग भी बंद हो गया था। वहीं, सोमवार सुबह से जलस्तर लगातार घट रहा है। इससे लोगों ने राहत महसूस की।
चंबल नदी में पानी छोड़े जाने से भरेह गांव के पास यमुना नदी में जलस्तर बढ़ जाता है। रविवार की सुबह से यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। देर रात तक गौहानी कलां संपर्क मार्ग पर बनी रपटा पुलिया के ऊपर पानी पहुंच गया था। इससे संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। सुबह स्कूल जाने वाले शिक्षक व बच्चों को पानी से होकर निकलना पड़ा।
सोमवार सुबह से ही पानी स्थिर हुआ और फिर कम होना शुरू हो गया। देर शाम तक जलस्तर काफी कम हो गया। इससे गौहानी कलां के संपर्क मार्ग से भी पानी उतर गया। बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईंन आदि गांवों में होता है।
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एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि चंबल से पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ गया था। सोमवार की सुबह से पानी कम होना शुरू हो गया है। फिर भी ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने और लगातार निगाह रखने के कड़े आदेश दिए गए हैं।
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चंबल नदी में पानी छोड़े जाने से भरेह गांव के पास यमुना नदी में जलस्तर बढ़ जाता है। रविवार की सुबह से यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। देर रात तक गौहानी कलां संपर्क मार्ग पर बनी रपटा पुलिया के ऊपर पानी पहुंच गया था। इससे संपर्क मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया। सुबह स्कूल जाने वाले शिक्षक व बच्चों को पानी से होकर निकलना पड़ा।
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सोमवार सुबह से ही पानी स्थिर हुआ और फिर कम होना शुरू हो गया। देर शाम तक जलस्तर काफी कम हो गया। इससे गौहानी कलां के संपर्क मार्ग से भी पानी उतर गया। बाढ़ का सबसे ज्यादा खतरा सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईंन आदि गांवों में होता है।
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एसडीएम निखिल राजपूत ने बताया कि चंबल से पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यमुना का जलस्तर बढ़ गया था। सोमवार की सुबह से पानी कम होना शुरू हो गया है। फिर भी ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों को सतर्क रहने और लगातार निगाह रखने के कड़े आदेश दिए गए हैं।