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Auraiya News: रामलीला से पहले सुलह, प्रशासन ने सुलझाया विवाद
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फफूंद। कस्बे और क्षेत्र में रामलीला आयोजन को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को प्रशासन की पहल पर सुलझ गया। थाना परिसर में एसडीएम सदर ब्रह्मानंद और सीओ अजीतमल शैलेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद सहमति बनाई गई, जिससे आयोजन को लेकर बना गतिरोध समाप्त हो गया।
फफूंद नगर में करीब 157 वर्ष पुरानी रामलीला के आयोजन स्थल को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे। कमेटी अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ला ने बताया कि वर्षों से इसी स्थान पर रामलीला आयोजित होती आ रही है। वहीं, जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले मनमोहन मिश्रा ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वह अपनी जमीन पर आयोजन के पक्ष में नहीं हैं। दोनों पक्षों ने प्रशासन के निर्णय का पालन करने पर सहमति जताई। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष रामलीला पूर्व की तरह उसी स्थान पर होगी। आयोजन के बाद दोनों पक्षों के दस्तावेज और अभिलेखों की जांच कर जमीन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
थाना क्षेत्र के जसा का पूर्वा गांव में करीब 82 वर्षों से रामलीला होती आ रही है। इस बार अध्यक्ष पद और कलाकारों की बुकिंग को लेकर दो पक्षों में विवाद था। बैठक में तय हुआ कि इस वर्ष रामलीला जगदीश राजपूत की देखरेख में होगी। मुकेश बाबू राजपूत द्वारा बुक किए गए कलाकारों को आयोजन में शामिल किया जाएगा या उन्हें 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। दोनों पक्षों ने थाने में लिखित सहमति दी। बैठक में थानाध्यक्ष अजय कुमार, लेखपाल विमलेश मोहन, प्रेम कुमार गुप्ता, प्रमोद नारायण तिवारी, पूर्व चेयरमैन अनिल कुमार अग्निहोत्री, नितिन तिवारी, सुरेश चंद्र गुप्ता, श्याम बाबू राजपूत, रमेश चंद्र और कन्हैया लाल शुक्ला समेत कई लोग मौजूद रहे।
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फफूंद नगर में करीब 157 वर्ष पुरानी रामलीला के आयोजन स्थल को लेकर दो पक्ष आमने-सामने थे। कमेटी अध्यक्ष कृपाशंकर शुक्ला ने बताया कि वर्षों से इसी स्थान पर रामलीला आयोजित होती आ रही है। वहीं, जमीन पर मालिकाना हक जताने वाले मनमोहन मिश्रा ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और वह अपनी जमीन पर आयोजन के पक्ष में नहीं हैं। दोनों पक्षों ने प्रशासन के निर्णय का पालन करने पर सहमति जताई। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष रामलीला पूर्व की तरह उसी स्थान पर होगी। आयोजन के बाद दोनों पक्षों के दस्तावेज और अभिलेखों की जांच कर जमीन के संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
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थाना क्षेत्र के जसा का पूर्वा गांव में करीब 82 वर्षों से रामलीला होती आ रही है। इस बार अध्यक्ष पद और कलाकारों की बुकिंग को लेकर दो पक्षों में विवाद था। बैठक में तय हुआ कि इस वर्ष रामलीला जगदीश राजपूत की देखरेख में होगी। मुकेश बाबू राजपूत द्वारा बुक किए गए कलाकारों को आयोजन में शामिल किया जाएगा या उन्हें 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। दोनों पक्षों ने थाने में लिखित सहमति दी। बैठक में थानाध्यक्ष अजय कुमार, लेखपाल विमलेश मोहन, प्रेम कुमार गुप्ता, प्रमोद नारायण तिवारी, पूर्व चेयरमैन अनिल कुमार अग्निहोत्री, नितिन तिवारी, सुरेश चंद्र गुप्ता, श्याम बाबू राजपूत, रमेश चंद्र और कन्हैया लाल शुक्ला समेत कई लोग मौजूद रहे।
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