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Auraiya News: सूखे चारे के सहारे गोशाला में मवेशियों का संरक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। शासन व सरकार का गोशाला संरक्षण पर विशेष जोर है। 30 रुपये की जगह अब 50 रुपये प्रति मवेशी चारे पानी के इंतजाम के लिए धनराशि जारी की जानी शुरू की गई है, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते धरातल पर गो संरक्षण प्रभावी ढंग से उतर नहीं पा रहा है। गोशाला संचालकों की ओर से मवेशियों को सूखा चारा दिया जा रहा है। आलम यह है कि मानक के आधार पर चारा न मिलने से ज्यादातर मवेशी कमजोर हो रहे हैं। कई मवेशी बीमारी हालत में गोशाला परिसर में पड़े रहते हैं। सेवादार सूखा भूसा डालने की चाकरी बजाकर अपनी कवायद पूरी कर रहे हैं।
फोटो-17- धान की फसल का अवशेष लेकर करचला गोशाला में पहुंचा ट्राॅली-ट्रैक्टर। संवाद
सीन-1
सहार ब्लॉक की करचला गोशाला में 300 से अधिक मवेशी हैं। जिसमें से एक दर्जन के करीब मवेशी कमजोर है। बीमारी हालत में परिसर में पड़े हुए है। चारे के तौर पर धान का फसल अवशेष दिया जा रहा है। न हरा चारा यहां है और न ही दाने का इंतजाम। परिसर में गंदगी का अंबार है। मवेशियों पर संक्रमण का खतरा मड़रा रहा है। आठ सेवादारों की यहां तैनाती है। गो सरंक्षण के नाम पर यहां महज खानापूरी की जा रही है। मामले को लेकर सहार बीडीओ आदित्य तिवारी ने जांच कराए जाने की बात कही है। दोषी पाए जाने पर संचालक पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
फोटो-18-गोसाई पूर्वा गोशाला में काई जमी मवेशियों की पानी की नांद। संवाद
सीन-2
भाग्यनगर ब्लाक की सौंधेमऊ पंचायत के गांव गोसाई पूर्वा की गोशाला में 50 मवेशी पंजीकृत है। मौके पर 40 मवेशी भी नहीं है। सूखा चारा दर्जनों मवेशियों की कमजोर हालत का कारण बना हुआ है। पानी की नांद में काई जमी हुई है। जिसे साफ नहीं किया जा सका है। दूषित पानी पीकर मवेशियों के बीमार होने की संभावना बनी हुई है। भाग्यनगर बीडीओ अतुल यादव का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। निरीक्षण कर गोशाला की हकीकत जांची जाएगी। व्यवस्थाओं को ठीक किया जाएगा।
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गोशालाओं का भ्रमण करते हुए व्यवस्थाओं का जांचा जाएगा। अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान व सचिवों से वजह तलब की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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औरैया। शासन व सरकार का गोशाला संरक्षण पर विशेष जोर है। 30 रुपये की जगह अब 50 रुपये प्रति मवेशी चारे पानी के इंतजाम के लिए धनराशि जारी की जानी शुरू की गई है, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते धरातल पर गो संरक्षण प्रभावी ढंग से उतर नहीं पा रहा है। गोशाला संचालकों की ओर से मवेशियों को सूखा चारा दिया जा रहा है। आलम यह है कि मानक के आधार पर चारा न मिलने से ज्यादातर मवेशी कमजोर हो रहे हैं। कई मवेशी बीमारी हालत में गोशाला परिसर में पड़े रहते हैं। सेवादार सूखा भूसा डालने की चाकरी बजाकर अपनी कवायद पूरी कर रहे हैं।
फोटो-17- धान की फसल का अवशेष लेकर करचला गोशाला में पहुंचा ट्राॅली-ट्रैक्टर। संवाद
सीन-1
सहार ब्लॉक की करचला गोशाला में 300 से अधिक मवेशी हैं। जिसमें से एक दर्जन के करीब मवेशी कमजोर है। बीमारी हालत में परिसर में पड़े हुए है। चारे के तौर पर धान का फसल अवशेष दिया जा रहा है। न हरा चारा यहां है और न ही दाने का इंतजाम। परिसर में गंदगी का अंबार है। मवेशियों पर संक्रमण का खतरा मड़रा रहा है। आठ सेवादारों की यहां तैनाती है। गो सरंक्षण के नाम पर यहां महज खानापूरी की जा रही है। मामले को लेकर सहार बीडीओ आदित्य तिवारी ने जांच कराए जाने की बात कही है। दोषी पाए जाने पर संचालक पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
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फोटो-18-गोसाई पूर्वा गोशाला में काई जमी मवेशियों की पानी की नांद। संवाद
सीन-2
भाग्यनगर ब्लाक की सौंधेमऊ पंचायत के गांव गोसाई पूर्वा की गोशाला में 50 मवेशी पंजीकृत है। मौके पर 40 मवेशी भी नहीं है। सूखा चारा दर्जनों मवेशियों की कमजोर हालत का कारण बना हुआ है। पानी की नांद में काई जमी हुई है। जिसे साफ नहीं किया जा सका है। दूषित पानी पीकर मवेशियों के बीमार होने की संभावना बनी हुई है। भाग्यनगर बीडीओ अतुल यादव का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। निरीक्षण कर गोशाला की हकीकत जांची जाएगी। व्यवस्थाओं को ठीक किया जाएगा।
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गोशालाओं का भ्रमण करते हुए व्यवस्थाओं का जांचा जाएगा। अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान व सचिवों से वजह तलब की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी