{"_id":"67e82f0e7e82983cef00ff1f","slug":"pragati-and-anurag-may-get-death-penalty-or-life-imprisonment-auraiya-news-c-211-1-aur1007-124106-2025-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: प्रगति, अनुराग को हो सकती फांसी या आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: प्रगति, अनुराग को हो सकती फांसी या आजीवन कारावास
विज्ञापन
औरैया। मैनपुरी के भोगांव निवासी दिलीप की हत्या के मामले में पकड़े गए आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है।
इसमें प्रेमिका प्रगति व प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर, दुर्लभ यादव व शिवम शामिल हैं। वकीलों के मुताबिक प्रगति व अनुराग पर लगाई गई बीएनएस की धारा-3 (5) बहुत ही गंभीर है। फांसी या फिर आजीवन कारावास की सजा दोनों को सुनाई जा सकती है।
दिलीप हत्याकांड में अभी तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। दर्ज मुकदमे में प्रगति व अनुराग को बीएनएस की धारा-3 (5) आजीवन कारावास या फांसी के फंदे तक ले जा सकती है। अधिवक्ता सुरेश कुमार मिश्रा का कहना है कि यह विरलतम से विरलतम और क्रूरतम अपराध है। इस मामले में दिलीप को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है।
प्रगति ने अपने प्रेमी से मिलकर कांट्रेक्ट किलर से हत्या कराई है। बीएनएस की धारा 3 (5) यह कहती है कि सभी लोगों ने एक राय होकर अपराध किया है। यह नहीं देखा जाएगा कि किसने क्या किया, बल्कि सभी को समान रूप से उत्तरदायी माना जाएगा। इसमें फांसी की सजा भी हो सकती है। न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है। अगर प्रगति के घर वाला कोई पैरवी नहीं करता तो उसे न्यायिक व्यवस्था के तहत सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएगा। लगाई गई धारा गंभीर है, जो भी साक्ष्य जांच में आएंगे, उन्हीं के आधार पर ट्रायल होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसमें प्रेमिका प्रगति व प्रेमी अनुराग समेत शूटर रामजी नागर, दुर्लभ यादव व शिवम शामिल हैं। वकीलों के मुताबिक प्रगति व अनुराग पर लगाई गई बीएनएस की धारा-3 (5) बहुत ही गंभीर है। फांसी या फिर आजीवन कारावास की सजा दोनों को सुनाई जा सकती है।
दिलीप हत्याकांड में अभी तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। दर्ज मुकदमे में प्रगति व अनुराग को बीएनएस की धारा-3 (5) आजीवन कारावास या फांसी के फंदे तक ले जा सकती है। अधिवक्ता सुरेश कुमार मिश्रा का कहना है कि यह विरलतम से विरलतम और क्रूरतम अपराध है। इस मामले में दिलीप को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है।
विज्ञापन
प्रगति ने अपने प्रेमी से मिलकर कांट्रेक्ट किलर से हत्या कराई है। बीएनएस की धारा 3 (5) यह कहती है कि सभी लोगों ने एक राय होकर अपराध किया है। यह नहीं देखा जाएगा कि किसने क्या किया, बल्कि सभी को समान रूप से उत्तरदायी माना जाएगा। इसमें फांसी की सजा भी हो सकती है। न्यूनतम सजा आजीवन कारावास है। अगर प्रगति के घर वाला कोई पैरवी नहीं करता तो उसे न्यायिक व्यवस्था के तहत सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाएगा। लगाई गई धारा गंभीर है, जो भी साक्ष्य जांच में आएंगे, उन्हीं के आधार पर ट्रायल होगा।
विज्ञापन