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पर्यावरण का बचाव ही है खुशहाली की राह

Fri, 14 May 2021 12:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 14 May 2021 12:13 AM IST
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Pollution,tree
बेला(औरैया)। पर्यावरण बचाव और खुशहाली लाओ, यह कहना है कस्बे की युवा पीढ़ी का। इस समय कोरोना संक्रमण काल में पूरा देश ऑक्सीजन के संकट से जूझ रहा है। हरियाली को उजाड़ने का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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वायुमंडल में ऑक्सीजन देने वाले हरे-भरे पेड़ों को बड़े पैमाने पर कटान होने से कुदरती ऑक्सीजन में आई कमी की भरपाई करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इन पेड़ों के कटान के चलते ऑक्सीजन का संकट सामने आया है। इस गंभीर समस्या से निपटने और पर्यावरण को बचाने के लिए क्षेत्र के युवाओं ने क्षेत्र और देशवासियों से पर्यावरण बचाओ, खुशहाली लाओ की अपील की है। इसके साथ ही वह जागरूकता अभियान चलाने जा रहे हैं।
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क्या कहते युवा
युवा पार्थ मिश्रा का कहना है कि ऑक्सीजन देने वाले बड़े पेड़ों के अंधाधुंध कटान से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। नतीजतन कोरोना के भयावह संक्रमण काल में सांसों के लिए चल रही जंग और ऑक्सीजन की मारामारी के लिए काफी हद तक लोग खुद जिम्मेदार है। अब सभी की जिम्मेदारी है कि पर्यावरण को हर हाल में बचाएं।
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अक्कू ठाकुर कहते है कि बाग-बगीचों समेत हरे-भरे पेड़ो के कटान पर प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। अगर ऐसा न किया गया तो लोगों को भविष्य में ऑक्सीजन का संकट और अधिक भुगतना पड़ सकता है। कोरोना के इस संक्रमण काल में चल रही सांसों की जंग में लोगों की जिंदगी महफूज नहीं रह गई है।
अमित गुप्ता का कहना है कि अगर पर्यावरण नहीं बचाया गया तो लोगों की भावी पीढ़ियां भी माफ नहीं करेगी। कोरोना के संकटकाल में लोगों को अपनी गलती का अहसास होने लगा है। प्रकृति का जो नुकसान हमने या अन्य लोगों ने किया है। उसका खामियाजा पूरी इंसानियत को भुगतना पड़ रहा है।

अमित सविता का कहना है कि पेड़-पौधों की कटान को लेकर लोग अगर अब भी नहीं चेते तो आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी। आने वाले समय में स्थितियां और अधिक भयावह हो जाएंगी। देश की युवा पीढ़ी को चाहिए कि वे अपने घर के आसपास पांच पेड़ जरूर लगाएं। जिससे आने वाले वर्षों में हरियाली बढ़ने और पर्यावरण के बिगड़े संतुलन में सुधार हो।
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