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Auraiya News: सरकारी जमीनों पर बिना नक्शा व लेआउट के प्लॉटिंग

Fri, 26 Jun 2026 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:09 AM IST
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Plotting on government land without approved maps or layouts.
फोटो-2- जालौन सड़क पर काटे गए प्लॉट। संवाद
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फोटो-3- समरथपुर में काटे गए प्लॉट। संवाद
सदर एसडीएम व जिला पंचायत स्तर से जारी किए जा चुके नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। विनियमित क्षेत्र (शहरी सीमा के बाहर सरकारी जमीन) पर बिना लेआउट और नक्शा के अवैध प्लॉटिंग का कारोबार हो रहा है। शहर से अन्य कस्बों को जाने वाले प्रमुख मार्गों के किनारे यह प्लॉटिंग की जा रही हैं। मनमानी को लेकर एसडीएम स्तर से नोटिस भी जारी हो रहे हैं, फिर भी मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा है।
करीब एक माह पहले सदर एसडीएम स्तर से विनियमित क्षेत्र के करीब 20 अवैध प्लॉटिंग को बिना नक्शा व लेआउट के प्लॉट काटने को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। जबकि जिला पंचायत की ओर से भी 20 के करीब लोगों को नोटिस थमाए गए थे। इन नोटिनों के बाद भी रियल एस्टेट कारोबारी विनियमित क्षेत्र के जरूरी मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं।
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नोटिस जारी होने के बाद भी हो रही इस मनमानी को लेकर प्रशासन शांत है। शहर के जालौन सड़क, समरथपुर, हाईवे किनारे और दिबियापुर सड़क पर कई जगह प्लॉटिंग काटने का काम जारी है। क्षेत्रीय लेखपालों की ओर से इन अवैध प्लाटिंग की सूचना भी तहसील प्रशासन को भेजी जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार विनियमित क्षेत्र में 40 से ज्यादा स्थानों पर यह काम मानकों को किनारे करके किया जा रहा है। अवैध प्लाटिंग कर रहे लोगों के दुस्साहस को इस बात से आंका जा सकता है कि दो माह पहले सुरान सड़क किनारे तीन अवैध प्लाटिंग ध्वस्त भी कराई गई थीं। प्लॉट खरीदने वाले कई लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं। मेहनत से कमाई गई पूंजी प्लॉट में निवेश करना उन्हें भारी पड़ गया था। लेकिन यह कारोबार लगातार जारी है।
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किसानों की जमीन और बिचौलिए काट रहे मौज
विनियमित क्षेत्र की ज्यादातर प्लाटिंग में किसानों की जमीनें शामिल हैं। खेती वाली जमीन को राजस्व संहिता की धारा-80 के तहत व्यावसायिक में बदला जाना चाहिए। इसके लिए जमीन की कीमत के सापेक्ष एक प्रतिशत धनराशि सरकारी खजाने में जानी होती है। लेकिन प्लाटिंग कारोबारी किसानों से अनुबंध पर जमीन लेकर सीधे प्लॉटों को बिक्री कर दे रहे हैं। यही नहीं नक्शा व लेआउट को लेकर जमा होने वाली सरकारी फीस भी नहीं दी जा रही है। ऐसे में सरकारी खजाने को बड़ी चपत लगाई जा रही है। किसानों की जमीन पर बिचौलिए मौज काट रहे हैं।



वर्जन---
चिह्नित अवैध प्लाटिंग को लेकर लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं। नोटिस की समयावधि पूरी हो जाने पर संबंधित प्लाटिंग को ढहाया जाएगा। अवैध प्लॉटिंग को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर
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