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Auraiya News: मिट्टी खनन के साथ लेआउट नक्शा पास कराए बिना धड़ल्ले से हो रही प्लाटिंग
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर तहसील क्षेत्र के देवकली चौकी समीप बिना लेआउट नक्शा पास कराए धड़ल्ले से कालोनियों की प्लाटिंग की जा रही है। यहां यमुना नदी से सटे क्षेत्र के ऊंचे-ऊंचे टीलों की मिट्टी रातों रात खनन करते हुए दूसरी जगह पहुंचा दी जा रही है। राजस्व को चूना लगाते हुए प्लाटिंग का धंधा खूब फलफूल रहा है। पुलिस व राजस्व कर्मी कहीं न कहीं सवालों के घेरे में हैं।
फफूंद रोड, समरथपुर, आनेपुर, सुरान रोड, बरमूपुर व बनारसीदास समेत सदर तहसील क्षेत्र के 50 से ज्यादा ऐसी जगहें है जो शहर क्षेत्र में आती तो हैं, लेकिन यहां रहने वाले लोग शहरी सुविधाओं से अछूते हैं। इसके पीछे का कारण बिना नक्शा व लेआउट पास कराए यहां प्लाटिंग की गई। रिहायसी क्षेत्र बढ़ा लेकिन शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं। अब यह काम देवकली चौकी के समीप बड़े स्तर पर किया जा रहा है। खानपुर से सटे इस क्षेत्र में प्रापर्टी डीलर सरकारी तंत्र से गठजोड़ कर बीहड़ के ऊंचे-ऊंचे टीलों की मिट्टी रातों-रात दूसरी जगह पहुंचा रहे है। सुबह जमीन समतल कर दी जा रही है।
भूमाफिया सक्रिय हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी आने वाले दिनों में कई परेशानी खड़ी करेगी। यमुना नदी से सटे इस क्षेत्र में बाढ़ का खतरा रहता है। ऐसे में मानकों को ताक पर रखकर हो रही प्लाटिंग व मिट्टी खनन खतरे से खाली नहीं है। राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
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सेहुद में सरकारी जमीन पर मिली थी प्लाटिंग
अधिकारी अवैध प्लाटिंग को लेकर चुप्पी साधे रहते हैं। जब मामला तूल पकड़ता है तो भूमाफियाओं की हकीकत सामने आती है। सदर तहसील क्षेत्र में एक ही मामला पिछले वर्ष सेहुद से सामने आया था। जहां सरकारी जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने प्लाटिंग कर दी थी। लोगों को प्लाट भी बेच दिए। भवन निर्माण व प्लाट खरीदने के बाद जब दर्जनों लोगों के सामने हकीकत सामने आई तो कोसने के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा। सरकारी तंत्र ने कानून का अमलीजामा पहनाकर कार्रवाई की। प्लाट खरीदने वालों को गहरी चोट लगी। माफिया इसके बाद भी सक्रिय हैं।
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अवैध मिट्टी खनन व प्लाटिंग का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। मानकों पर खरा न उतरने की दिशा पर प्रापर्टी डीलरों पर शिकंजा कसते हुए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सदर तहसील के अधिकारियों को भी इस संबंध में सजग किया गया है। -महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
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एसडीएम से लेआउट पास होने पर ये मिलती हैं सुविधाएं
- सीवर लाइन, पार्क, जलनिकासी की सुविधा समेत अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया होतीं है।
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औरैया। सदर तहसील क्षेत्र के देवकली चौकी समीप बिना लेआउट नक्शा पास कराए धड़ल्ले से कालोनियों की प्लाटिंग की जा रही है। यहां यमुना नदी से सटे क्षेत्र के ऊंचे-ऊंचे टीलों की मिट्टी रातों रात खनन करते हुए दूसरी जगह पहुंचा दी जा रही है। राजस्व को चूना लगाते हुए प्लाटिंग का धंधा खूब फलफूल रहा है। पुलिस व राजस्व कर्मी कहीं न कहीं सवालों के घेरे में हैं।
फफूंद रोड, समरथपुर, आनेपुर, सुरान रोड, बरमूपुर व बनारसीदास समेत सदर तहसील क्षेत्र के 50 से ज्यादा ऐसी जगहें है जो शहर क्षेत्र में आती तो हैं, लेकिन यहां रहने वाले लोग शहरी सुविधाओं से अछूते हैं। इसके पीछे का कारण बिना नक्शा व लेआउट पास कराए यहां प्लाटिंग की गई। रिहायसी क्षेत्र बढ़ा लेकिन शहरी सुविधाएं नहीं मिल सकीं। अब यह काम देवकली चौकी के समीप बड़े स्तर पर किया जा रहा है। खानपुर से सटे इस क्षेत्र में प्रापर्टी डीलर सरकारी तंत्र से गठजोड़ कर बीहड़ के ऊंचे-ऊंचे टीलों की मिट्टी रातों-रात दूसरी जगह पहुंचा रहे है। सुबह जमीन समतल कर दी जा रही है।
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भूमाफिया सक्रिय हैं, लेकिन अधिकारियों की अनदेखी आने वाले दिनों में कई परेशानी खड़ी करेगी। यमुना नदी से सटे इस क्षेत्र में बाढ़ का खतरा रहता है। ऐसे में मानकों को ताक पर रखकर हो रही प्लाटिंग व मिट्टी खनन खतरे से खाली नहीं है। राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा है।
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सेहुद में सरकारी जमीन पर मिली थी प्लाटिंग
अधिकारी अवैध प्लाटिंग को लेकर चुप्पी साधे रहते हैं। जब मामला तूल पकड़ता है तो भूमाफियाओं की हकीकत सामने आती है। सदर तहसील क्षेत्र में एक ही मामला पिछले वर्ष सेहुद से सामने आया था। जहां सरकारी जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने प्लाटिंग कर दी थी। लोगों को प्लाट भी बेच दिए। भवन निर्माण व प्लाट खरीदने के बाद जब दर्जनों लोगों के सामने हकीकत सामने आई तो कोसने के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा। सरकारी तंत्र ने कानून का अमलीजामा पहनाकर कार्रवाई की। प्लाट खरीदने वालों को गहरी चोट लगी। माफिया इसके बाद भी सक्रिय हैं।
अवैध मिट्टी खनन व प्लाटिंग का मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जाएगी। मानकों पर खरा न उतरने की दिशा पर प्रापर्टी डीलरों पर शिकंजा कसते हुए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सदर तहसील के अधिकारियों को भी इस संबंध में सजग किया गया है। -महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
एसडीएम से लेआउट पास होने पर ये मिलती हैं सुविधाएं
- सीवर लाइन, पार्क, जलनिकासी की सुविधा समेत अन्य जरूरी सुविधाएं मुहैया होतीं है।