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अस्पताल में केवल 12 डॉक्टर उनमें भी 10 ‘गायब’
औरैया, अमर उजाला
Updated Tue, 11 Apr 2017 12:30 AM IST
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ये है सरकारी अस्पताल का हाल
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डीएम के आदेश के बाद भी डाक्टरों ने अपना ढर्रा नहीं बदला। सोमवार को भी चिचौली के सौ शैय्या अस्पताल में कोई भी डाक्टर समय पर नहीं पहुंचा। 12 डाक्टरों में एक दो ही पहुंचे। सोमवार को करीब 190 मरीज अस्पताल आए। अल्ट्रासाउंड करने के लिए महिलाओं की कतारें लगी रहीं। सीएमएस छुट्टी पर थे, लेकिन जानकारी देने वाला कोई नहीं। आलम यह कि उसके कमरे के बाहर मरीजों की कतार लगी हुई थी। इसके बावजूद मरीजों को इटवा, कानपुर व अन्य जगहों की दौड़ लगानी पड़ रही है। आखिर थक हारकर मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
बिना जांच के दी दवा
सोमवार को चिचौली जिला अस्पताल में दो चिकित्सक ही मौजूद रहे। डा. रोहित सचान ने बिना आला और जांच के मरीज को दवाई खिल दी। डाक्टर के पास मरीज को बैठाने के लिए स्टूल तक नहीं था। जानकारी करने पर चिकित्सक ने बताया कि उन्हें कुर्सी ही बड़ी मुश्किल में मिली है। स्टूल तो बार-बार चोरी हो रहे हैं। सोमवार को चिचौली अस्पताल में कुल 190 मरीज पहुंचे।
दोपहर एक बजे पहुंचे एक्सरे रूम
डा. डीके सक्सेना का कक्ष खाली पड़ा था, जबकि वे एक्सरे कक्ष में स्टाफ के लोगों के साथ बात करने में व्यस्त दिखे। उनकी तलाश मेें भटक रहे मरीजों ने बताया कि वह सुबह से अपने कमरे में नहीं बैठे। हां जब फोटो खींचने की जानकारी पर लगभग एक बजे डा. अपने कमरे में पहुंचे और मरीजों को देखने की मात्र खानापूरी की।
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जानकारी के अभाव लगी लाइन
चिचौली जिला अस्पताल में सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी छुट्टी पर थे। अस्पताल में उनके कमरे के बाहर बैठकर घंटों महिला मरीजों ने इंतजार किया और फिर बिना इलाज के ही लौटीं। किसी ने मरीजों को नहीं बताया कि सीएमएस छुट्टी पर हैं।
महिलाएं कमरे के बाहर इंतजार करतीं हुईं
लगातार 15 दिन से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चक्कर लगा रहीं महिलाएं आज भी बिना बैरंग लौट गईं। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक की कोई सूचना नहीं हैं। डीएम के आदेश के बावजूद भी अल्ट्रासाउंड चिकित्सक नदारद हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कंचौसी, अछल्दा, दिबियापुर, बिरिया आदि कई स्थानों से महिला पहुंची थी। इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या सबसे अधिक देखने को मिली।
शिकायत डीएम से तो इलाज भी उन्हीं से कराएं
सुबह से दोपहर तक चिकित्सकों का इंतजार कर रहे मरीजों का जब गुस्सा भड़का तो उन्हें महिला स्टाफ नर्सों ने धमकाने का काम किया। मरीजों ने बताया कि उन्हें धमकाते हुए स्टाफ नर्स कह रहीं थी कि वे लोग जब डीएम के पास शिकायत करने गए थे तो इलाज भी डीएम से करा लें। यहां कोई नहीं मिलेगा, डीएम भी उनका व चिकित्सकों का कुछ नहीं कर सकते। इसी बीत फोटो खिंचते देख महिला स्टाफ नर्स मरीजों के बीच से भाग खड़ीं हुईं।
सही जानकारी नहीं दी जा रही है
अछल्दा के गांव बैसोली अड्डा से आई वृद्ध महिला बासमती ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों से अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल आ रही है। उसका न तो अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है और न ही उसे सही जानकारी दी जा रही है। बताया कि बार-बार आने से वह परेशान हैं। कहा कि यदि चिकित्सकों के पास समय नहीं है तो वह नौकरी छोड़ दें। किसी और को अवसर मिले और मरीजों को सुविधा मिले।
अभद्र व्यवहार वालों पर कार्रवाई होगी
सीएमओ डा. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि एडी साहब को अस्पताल के संबंध में जानकारी दे दी गई है। लापरवाही चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के कदम उठा दिए गए हैं। जल्द ही उन पर कार्रवाई होगी। मरीजों से अभद्र व्यवहार करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
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बिना जांच के दी दवा
सोमवार को चिचौली जिला अस्पताल में दो चिकित्सक ही मौजूद रहे। डा. रोहित सचान ने बिना आला और जांच के मरीज को दवाई खिल दी। डाक्टर के पास मरीज को बैठाने के लिए स्टूल तक नहीं था। जानकारी करने पर चिकित्सक ने बताया कि उन्हें कुर्सी ही बड़ी मुश्किल में मिली है। स्टूल तो बार-बार चोरी हो रहे हैं। सोमवार को चिचौली अस्पताल में कुल 190 मरीज पहुंचे।
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दोपहर एक बजे पहुंचे एक्सरे रूम
डा. डीके सक्सेना का कक्ष खाली पड़ा था, जबकि वे एक्सरे कक्ष में स्टाफ के लोगों के साथ बात करने में व्यस्त दिखे। उनकी तलाश मेें भटक रहे मरीजों ने बताया कि वह सुबह से अपने कमरे में नहीं बैठे। हां जब फोटो खींचने की जानकारी पर लगभग एक बजे डा. अपने कमरे में पहुंचे और मरीजों को देखने की मात्र खानापूरी की।
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जानकारी के अभाव लगी लाइन
चिचौली जिला अस्पताल में सीएमएस डा. राजीव रस्तोगी छुट्टी पर थे। अस्पताल में उनके कमरे के बाहर बैठकर घंटों महिला मरीजों ने इंतजार किया और फिर बिना इलाज के ही लौटीं। किसी ने मरीजों को नहीं बताया कि सीएमएस छुट्टी पर हैं।
महिलाएं कमरे के बाहर इंतजार करतीं हुईं
लगातार 15 दिन से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चक्कर लगा रहीं महिलाएं आज भी बिना बैरंग लौट गईं। अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर खड़ी महिलाओं ने बताया कि चिकित्सक की कोई सूचना नहीं हैं। डीएम के आदेश के बावजूद भी अल्ट्रासाउंड चिकित्सक नदारद हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कंचौसी, अछल्दा, दिबियापुर, बिरिया आदि कई स्थानों से महिला पहुंची थी। इनमें गर्भवती महिलाओं की संख्या सबसे अधिक देखने को मिली।
शिकायत डीएम से तो इलाज भी उन्हीं से कराएं
सुबह से दोपहर तक चिकित्सकों का इंतजार कर रहे मरीजों का जब गुस्सा भड़का तो उन्हें महिला स्टाफ नर्सों ने धमकाने का काम किया। मरीजों ने बताया कि उन्हें धमकाते हुए स्टाफ नर्स कह रहीं थी कि वे लोग जब डीएम के पास शिकायत करने गए थे तो इलाज भी डीएम से करा लें। यहां कोई नहीं मिलेगा, डीएम भी उनका व चिकित्सकों का कुछ नहीं कर सकते। इसी बीत फोटो खिंचते देख महिला स्टाफ नर्स मरीजों के बीच से भाग खड़ीं हुईं।
सही जानकारी नहीं दी जा रही है
अछल्दा के गांव बैसोली अड्डा से आई वृद्ध महिला बासमती ने बताया कि वह पिछले 15 दिनों से अल्ट्रासाउंड के लिए अस्पताल आ रही है। उसका न तो अल्ट्रासाउंड किया जा रहा है और न ही उसे सही जानकारी दी जा रही है। बताया कि बार-बार आने से वह परेशान हैं। कहा कि यदि चिकित्सकों के पास समय नहीं है तो वह नौकरी छोड़ दें। किसी और को अवसर मिले और मरीजों को सुविधा मिले।
अभद्र व्यवहार वालों पर कार्रवाई होगी
सीएमओ डा. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि एडी साहब को अस्पताल के संबंध में जानकारी दे दी गई है। लापरवाही चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने के कदम उठा दिए गए हैं। जल्द ही उन पर कार्रवाई होगी। मरीजों से अभद्र व्यवहार करने वालों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।