फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   NOTA warning in elections if demanded trains do not stop at Phaphund

Auraiya News: फफूंद में मांगी जा रही ट्रेनों का ठहराव न होने पर चुनाव में नोटा की चेतावनी

Thu, 14 Mar 2024 01:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Mar 2024 01:00 AM IST
विज्ञापन
NOTA warning in elections if demanded trains do not stop at Phaphund
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


दिबियापुर। लोकसभा चुनाव से पहले पड़ोसी जनपदों में ट्रेनों के धड़ाधड़ ठहराव मिल रहा है। जबकि देश में कई रेलवे स्टेशनों के नाम परिवर्तित हो रहे हैं, लेकिन फफूंद रेलवे स्टेशन का न तो नाम परिवर्तित हुआ और तो और यहां पर कोरोना के समय बंद हुई ट्रेनों का दोबारा ठहराव नहीं हुआ।
इस मुद्दे को लेकर बुधवार को स्थानीय लोगों ने सोशल मीडिया पर जमकर भड़ास निकाली। लोगों ने सोशल मीडिया पर चुनाव के समय नोटा का प्रयोग करने तक की चेतावनी दे डाली।स्थानीय लोगों के अनुसार औरैया जिले में कोरोना से पहले वैष्णो देवी यात्रा के लिए सीधी जाने वाली मुरी एक्सप्रेस एवं हरिद्वार जाने के लिए लिंक एक्सप्रेस का ठहराव होता था।
विज्ञापन

इन दोनों ट्रेनों के साथ कई अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग लगातार जिलेवासियों द्वारा की जा रही है, लेकिन दोनों ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं हो सका। इस बीच पड़ोसी जनपद कानपुर देहात के रेलवे स्टेशन रूरा पर पटना कोटा एक्सप्रेस और मुरी एक्सप्रेस के ठहराव को हरी झंडी मिल गई जबकि कोरोना के बाद झींझक में मुरी और लिंक एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस बीच अमेठी जिले में आठ रेलवे स्टेशनों के नाम बदले जाने की सूचना के बाद दिबियापुर के लोगों में रेलवे स्टेशन फफूंद का नाम बदलकर दिबियापुर किए जाने की मांग उठनी शुरू हो गई है। दरअसल पिछले दिनों सांसद डॉ.रामशंकर कठेरिया का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह नाम न बदले जाने पर खरोंचकर नाम दिबियापुर करने का वादा भी करते दिखे थे। कई लोगों ने ट्रेनों का ठहराव न होने पर चुनाव में नोटा का इस्तेमाल किए जाने की चेतावनी दी है।






फफूंद से कई रूटों के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं, यात्री रहते परेशान

स्थानीय लोगों के अनुसार फफूंद से दिल्ली जाने के लिए ऊंचाहार, गोमती, स्वर्ण शताब्दी, महानंदा एवं नेताजी एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। जिस प्रकार से यात्रियों की संख्या है, उस हिसाब से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की संख्या कम है। जबकि आगरा के लिए केवल आगरा लखनऊ इंटरसिटी, मुंबई के लिए अवध एक्सप्रेस ही ट्रेनें हैं। प्रत्येक माह सैकड़ों की संख्या में तीर्थ यात्री प्रमुख तीर्थ स्थलों वैष्णो देवी, बाबा खाटू श्याम, मथुरा वृंदावन स्थित बांके बिहारी मंदिर, अयोध्या जी आदि जाते हैं, लेकिन सीधी ट्रेन सेवा न होने से परेशान रहते हैं। पड़ोसी जनपदों से ट्रेनें पकड़ने को विवश होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed