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बीमार नवजातों के लिए भी 102 एंबुलेंस सेवा

Tue, 23 Feb 2021 11:41 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2021 11:41 PM IST
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navjaat ke liye ambulence seva
औरैया। एक साल तक के बीमार बच्चों के लिए भी 102 एंबुलेंस घर तक पहुंचेगी। शासन का कहना है कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए 102 एंबुलेंस को वरीयता दी जाएगी। इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने सीएमओ को पत्र भेजा है।
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सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि अभी 102 एंबुलेंस सेवा गर्भवती व प्रसूताओं के लिए है। जिले में 102 की 16 एंबुलेंस हैं। अब नवजात शिशुओं के बीमार होने पर उन्हें भी इसकी सुविधा मिलेगी।
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उन्हें एसएनसीयू तक पहुंचाया जाएगा। जिला अस्पताल स्थित महिला अस्पताल में सिंक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) है। किसी नवजात व एक साल तक के बच्चे की तबीयत बिगड़ती है तो 102 पर कॉल कर एंबुलेंस बुला सकते हैं। अभी तक इसकी जानकारी न होने पर, देरी से वाहन मिलने या इमरजेंसी सेवा 108 के व्यस्त होने पर कई बार बच्चों की जान भी चली जाती थी। इसे देखते हुए शासन ने ये सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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एसएनसीयू की कब पड़ती है जरूरत
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. जीपी चौधरी ने बताया कि 34 सप्ताह से पहले जन्मे, 1800 ग्राम से कम वजन, चार किलो वाले या 40 सप्ताह में जन्मे बच्चों के लिए एसएनसीयू की सुविधा जरूरी है। ज्वाइंडिस, रेस्प्रेटरी डिस्ट्रेस, डायरिया समेत 24 बीमारियों में नवजात का एसएनसीयू में इलाज किया जाता है।
102 एंबुलेंस सेवा के लिए कब करें कॉल
- 102 एंबुलेंस सेवा में गर्भवती को घर से नजदीक सरकारी अस्पताल ले जाने के लिए।
- बेहतर इलाज के लिए गर्भवती महिला और शिशु को जिला अस्पताल ले जाने के लिए।
- जन्म के बाद जच्चा-बच्चा को घर तक छोड़ने के लिए।
- एक साल तक के बच्चे को बीमारी पर अस्पताल ले जाने के लिए।
108 एंबुलेंस के लिए
- दिल का दौरा, तेज पेट दर्द होने पर।
- किसी भी प्रकार की दुर्घटना या बेहोश होने पर।
- अपराध होने पर पुलिस और एंबुलेंस की आवश्यकता पर।
- आग लगने पर पुलिस और एंबुलेंस की आवश्यकता पर।
- अन्य किसी प्रकार की इमरजेंसी होने पर कॉल कर सकते हैं।
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