{"_id":"570401914f1c1bd137c810c8","slug":"morning-and-evening-jam-in-auraiya","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुबह-शाम जाम से परेशान शहरवासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुबह-शाम जाम से परेशान शहरवासी
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Tue, 05 Apr 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
शहर के सुभाष चौराहे पर लगा भीषण जाम
- फोटो : amar ujala beuro
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में जाम लगना तो आम बात है। लेकिन एक दिन में तीन-चार बार जाम के झाम में फंसना शहरवासियों के लिए परेशानी बनती जा रही है। सुबह, दोपहर या फिर शाम लोगों को जाम में घंटों फंसना अब मामूली बात है। यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होना भी लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।
शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण नो इंट्री के बावजूद भी बड़े वाहन शहर में प्रवेश कर जाते है। बड़े वाहनों के शहर के प्रवेश करते ही सुभाष चौराहे से लेकर दिबियापुर रोड पर वाहनों की लंबी कतारे लग जाती है। जिससे लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ता है। यहीं नहीं नो इंट्री का कोई महत्व न होने के कारण कई लोग अपनी जानें तक गंवा चुके हैं। पीक अवर में शहर के बाजाराें की स्थिति और खराब है।
जिस व्यक्ति का जहां पर मन हुआ वह वहीं पर अपनी बाइक व कार खड़ी करने के बाद सामान खरीदने लगता है। फिर चाहे इस वाहन के पीछे कितना ही जाम क्यों न लगे। जब लोग घंटों परेशान हो जाते हैं तो मजबूरी में किसी दूसरे रास्ते से निकलकर अपनी जान बचा पाते हैं। अभी गर्मी कुछ खास नहीं पड़ रही है, फिर भी शहरवासी दोपहर में अगर बाजार करने के लिए निकलते हैं तो उनका पसीना बहना तय है।
विज्ञापन
क्योंकि शहर के प्रमुख चौराहों पर नियम-कायदे न होने के कारण लोगों को घंटों जाम से जूझ कर अपना पसीना बहाना पड़ता है। मामले में सीओ सुभाष अत्री ने बताया कि जाम की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाए जाने के लिए प्रयास चल रहे हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कमी के चलते सभी चौराहों पर उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जा पा रही है। जिससे जाम की समस्या बन जाती है।
विज्ञापन
शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण नो इंट्री के बावजूद भी बड़े वाहन शहर में प्रवेश कर जाते है। बड़े वाहनों के शहर के प्रवेश करते ही सुभाष चौराहे से लेकर दिबियापुर रोड पर वाहनों की लंबी कतारे लग जाती है। जिससे लोगों को घंटों तक जाम से जूझना पड़ता है। यहीं नहीं नो इंट्री का कोई महत्व न होने के कारण कई लोग अपनी जानें तक गंवा चुके हैं। पीक अवर में शहर के बाजाराें की स्थिति और खराब है।
विज्ञापन
जिस व्यक्ति का जहां पर मन हुआ वह वहीं पर अपनी बाइक व कार खड़ी करने के बाद सामान खरीदने लगता है। फिर चाहे इस वाहन के पीछे कितना ही जाम क्यों न लगे। जब लोग घंटों परेशान हो जाते हैं तो मजबूरी में किसी दूसरे रास्ते से निकलकर अपनी जान बचा पाते हैं। अभी गर्मी कुछ खास नहीं पड़ रही है, फिर भी शहरवासी दोपहर में अगर बाजार करने के लिए निकलते हैं तो उनका पसीना बहना तय है।
विज्ञापन
क्योंकि शहर के प्रमुख चौराहों पर नियम-कायदे न होने के कारण लोगों को घंटों जाम से जूझ कर अपना पसीना बहाना पड़ता है। मामले में सीओ सुभाष अत्री ने बताया कि जाम की समस्या से शहरवासियों को निजात दिलाए जाने के लिए प्रयास चल रहे हैं। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कमी के चलते सभी चौराहों पर उनकी ड्यूटी नहीं लगाई जा पा रही है। जिससे जाम की समस्या बन जाती है।