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मॉकड्रिल : मजबूत आसरे को देख लें शरण, पहले जान फिर बचाएं माल
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दिबियापुर। पड़ोसी देश पाकिस्तान से तनाव के बीच बॉर्डर पर जहां सुरक्षा की पुख्ता कवायद चल रही है।
वहीं, जिले में सुरक्षा व आपात स्थिति से निपटने का रिहर्सल जारी है। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिजित आर शंकर के नेतृत्व में गेल डीएवी पब्लिक स्कूल में युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन संकट की स्थिति व ब्लैक आउट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का अभ्यास किया गया।
गेल डीएवी के सभागार में अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को सायरन की गंभीरता से अवगत कराया गया। इसके बाद सीएफओ तेजवीर सिंह ने सिलिंडर में आग लगने पर उसे गीले कपड़े से बुझाने की तरकीब बताई। हवाई अटैक होने पर स्वयं को मजबूत आसरे को देखकर शरण लेने की सलाह दी गई। पहले अपनी जान बचाने और फिर माल बचाने का मंत्र दिया गया।
इस सब के बीच घायल होने पर किस तरह उपचार करना है, इसकी बारीकी एनसीसी कैडेट्स ने रिहर्सल के दौरान बताई। ब्लैक आउट के दौरान रोशनी न करने की नसीहत दी। तमाम बारीकी समझाने के बाद एकाएक हॉल में सायरन बजाया गया। इस पर बच्चे कतार में होकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकले। भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।
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इसके बाद बारी-बारी अधिकारी कक्षों में पहुंचे। कैसे स्वयं को सुरक्षित आसरा देना है, इसके लिए टेबल मेज के नीचे दुबकने की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नीरज प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर राकेश कुमार समेत स्कूल का स्टाफ व अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
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वहीं, जिले में सुरक्षा व आपात स्थिति से निपटने का रिहर्सल जारी है। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी व एसपी अभिजित आर शंकर के नेतृत्व में गेल डीएवी पब्लिक स्कूल में युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन संकट की स्थिति व ब्लैक आउट के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों का अभ्यास किया गया।
गेल डीएवी के सभागार में अधिकारियों की मौजूदगी में बच्चों को सायरन की गंभीरता से अवगत कराया गया। इसके बाद सीएफओ तेजवीर सिंह ने सिलिंडर में आग लगने पर उसे गीले कपड़े से बुझाने की तरकीब बताई। हवाई अटैक होने पर स्वयं को मजबूत आसरे को देखकर शरण लेने की सलाह दी गई। पहले अपनी जान बचाने और फिर माल बचाने का मंत्र दिया गया।
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इस सब के बीच घायल होने पर किस तरह उपचार करना है, इसकी बारीकी एनसीसी कैडेट्स ने रिहर्सल के दौरान बताई। ब्लैक आउट के दौरान रोशनी न करने की नसीहत दी। तमाम बारीकी समझाने के बाद एकाएक हॉल में सायरन बजाया गया। इस पर बच्चे कतार में होकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकले। भगदड़ की स्थिति नहीं बनी।
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इसके बाद बारी-बारी अधिकारी कक्षों में पहुंचे। कैसे स्वयं को सुरक्षित आसरा देना है, इसके लिए टेबल मेज के नीचे दुबकने की जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नीरज प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुरेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर राकेश कुमार समेत स्कूल का स्टाफ व अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।