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दूषित पानी ने किया बीमार और झोलाछाप ने ली जान
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Thu, 28 Apr 2016 12:00 AM IST
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दूषित कुएं को देखते सीएमओ डा.एसबी मिश्रा
- फोटो : amar ujala beuro
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क्षेत्र के नौगवां गांव में कुएं का दूषित पानी पीने से फैले डायरिया की चपेट में आने से दो दर्जन से अधिक बच्चे, महिलाएं और पुरुष बीमार हैं। मंगलवार रात डायरिया से युवती की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। लेकिन किशोरी की मौत के लिए बीमारी से ज्यादा झोलाछाप जिम्मेदार है। बुधवार को सीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने गांव में बीमार लोगों को दवाएं बांटी। कई लोगों की स्लाइडें भी बनाई हैं। सीएमओ ने प्रधान को गांव के कुओं की सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। लेखपाल रमाकांत अवस्थी ने मौके पर पहुंच जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी है।
युवती लाली की मौत के बोर में लोगों ने बताया कि सोमवार सुबह जब लाली को उल्टी-दस्त शुरू हुए तो परिजन उसे कंचौसी के एक झोलाझाप के पास ले गए। डाक्टर के गलत इलाज से लाली की हालत बिगड़ती चली गई। स्थानीय लोगों की माने तो मंगलवार सुबह से लाली की आवाज भी बंद हो गई। लेकिन झोलाछाप ने उसका इलाज जारी रखा। देर रात लाली की मौत हो गई। सहार स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. संजय बाजपेयी ने बताया कि चार मरीजों को ओवरडोज दिए जाने के कारण हालत बिगड़ी है। जिसमें उनके शारीरिक सिस्टम ने काम करना ही बंद कर दिया है। एक ही मौत हो चुकी है। इलाज करने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई होगी।
यह है डायरिया की चपेट में
इधर गांव में डायरिया की चपेट में आने वालों में बिट्टी देवी (65) पत्नी तुलसीराम, राजाबेटी (50) पत्नी अशर्फीलाल, खेतन (50), मोहिनी (9) पुत्री कप्तान सिंह, अंजली (7), रागनी (5) पुत्रियां कप्तान सिंह, प्रांशी पुत्री सुमन देवी (35), पप्पू (3) पुत्र गेंदालाल, विमला देवी (35) पत्नी गेंदालाल, गोविंद (8) पुत्र इंद्रपाल, रामलखन(52) पुत्र गुलजारी, सोहन पुत्र ब्रजेंद्र कुमार, सुदामा प्रसाद (42) पुत्र सरमन लाल, गौरव (14) पुत्र श्याम कु मार, राहत (2) पुत्र राजेश, प्रियंका (13) पुत्री राधेकृष्ण, लक्ष्मी (05) पुत्री सुरेंद्र आदि डायरिया से पीड़ित है। वहीं मंगलवार की देर रात डायरिया की चपेट में आने से लाली (18) की मौत हो चुकी है।
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कैसे फैला गांव में डायरिया
नौगवां गांव की दलित बस्ती में सालों पुराना एक कुआं है। आधे गांव में करीब 250 लोगों की यह प्यास बुझाता है। गांववासी सुरेंद्र कुमार, नाथूराम, विनोद दोहरे आदि ने बताया कि कई सालों से गांव के कुओं में दवा नहीं डाली गई है। बस्ती में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों से पानी उतर गया है। इसके चलते सभी लोग कुएं का पानी पीते हैं। इस दौरान गांववासियों ने कुएं से पानी निकाल उसमें पनप रहे कीड़े भी दिखाएं।
गांव की बस्ती में कुएं का पानी पू्री तरह से दूषित है। पानी में कीडे़ पडे़े हुए है। प्रधान विवेक दुबे को तत्काल कुएं में दवा डालने को कहा है। वहीं गांव में खुले में शौच आदि करने की जानकारी भी मिली है। लोगों को शौचालय का प्रयोग की सलाह दी गई है।
एसबी मिश्रा (सीएमओ, औरैया)
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युवती लाली की मौत के बोर में लोगों ने बताया कि सोमवार सुबह जब लाली को उल्टी-दस्त शुरू हुए तो परिजन उसे कंचौसी के एक झोलाझाप के पास ले गए। डाक्टर के गलत इलाज से लाली की हालत बिगड़ती चली गई। स्थानीय लोगों की माने तो मंगलवार सुबह से लाली की आवाज भी बंद हो गई। लेकिन झोलाछाप ने उसका इलाज जारी रखा। देर रात लाली की मौत हो गई। सहार स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. संजय बाजपेयी ने बताया कि चार मरीजों को ओवरडोज दिए जाने के कारण हालत बिगड़ी है। जिसमें उनके शारीरिक सिस्टम ने काम करना ही बंद कर दिया है। एक ही मौत हो चुकी है। इलाज करने वाले झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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यह है डायरिया की चपेट में
इधर गांव में डायरिया की चपेट में आने वालों में बिट्टी देवी (65) पत्नी तुलसीराम, राजाबेटी (50) पत्नी अशर्फीलाल, खेतन (50), मोहिनी (9) पुत्री कप्तान सिंह, अंजली (7), रागनी (5) पुत्रियां कप्तान सिंह, प्रांशी पुत्री सुमन देवी (35), पप्पू (3) पुत्र गेंदालाल, विमला देवी (35) पत्नी गेंदालाल, गोविंद (8) पुत्र इंद्रपाल, रामलखन(52) पुत्र गुलजारी, सोहन पुत्र ब्रजेंद्र कुमार, सुदामा प्रसाद (42) पुत्र सरमन लाल, गौरव (14) पुत्र श्याम कु मार, राहत (2) पुत्र राजेश, प्रियंका (13) पुत्री राधेकृष्ण, लक्ष्मी (05) पुत्री सुरेंद्र आदि डायरिया से पीड़ित है। वहीं मंगलवार की देर रात डायरिया की चपेट में आने से लाली (18) की मौत हो चुकी है।
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कैसे फैला गांव में डायरिया
नौगवां गांव की दलित बस्ती में सालों पुराना एक कुआं है। आधे गांव में करीब 250 लोगों की यह प्यास बुझाता है। गांववासी सुरेंद्र कुमार, नाथूराम, विनोद दोहरे आदि ने बताया कि कई सालों से गांव के कुओं में दवा नहीं डाली गई है। बस्ती में लगे तीन सरकारी हैंडपंपों से पानी उतर गया है। इसके चलते सभी लोग कुएं का पानी पीते हैं। इस दौरान गांववासियों ने कुएं से पानी निकाल उसमें पनप रहे कीड़े भी दिखाएं।
गांव की बस्ती में कुएं का पानी पू्री तरह से दूषित है। पानी में कीडे़ पडे़े हुए है। प्रधान विवेक दुबे को तत्काल कुएं में दवा डालने को कहा है। वहीं गांव में खुले में शौच आदि करने की जानकारी भी मिली है। लोगों को शौचालय का प्रयोग की सलाह दी गई है।
एसबी मिश्रा (सीएमओ, औरैया)