{"_id":"672285d7f0b069566609aa44","slug":"kartik-amavasya-will-start-this-afternoon-auraiya-news-c-216-1-etw1004-117467-2024-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: आज दोपहर बाद शुरू होगी कार्तिक अमावस्या जो एक नवंबर की शाम तक रहेगी\nदकल तीन शुभ मुहूर्तों में मनाई जाएगी दिवाली, वैभव बरसाएंगी माता लक्ष्मीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: आज दोपहर बाद शुरू होगी कार्तिक अमावस्या जो एक नवंबर की शाम तक रहेगी दकल तीन शुभ मुहूर्तों में मनाई जाएगी दिवाली, वैभव बरसाएंगी माता लक्ष्मीन
Thu, 31 Oct 2024 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 31 Oct 2024 12:45 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
इटावा। जिले में दिवाली 31 अक्तूबर और एक नवंबर दो दिन मनाई जा रही है। आचार्यों के अनुसार कार्तिक अमावस्या तिथि 31 को दोपहर बाद शुरू होगी और यह एक नवंबर की शाम तक रहेगी। ऐसे में दिवाली एक अक्तूबर को ही मनाई जाएगी।
पत्रा के अनुसार, दीवाली का पूजन तीन शुभ बेलाओं में होगा। आचार्य भुवनेश मिश्रा ने बताया कि सूर्यास्त के बाद यानी प्रदोष काल में धन की देवी माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा होती है।
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं और जिन घरों में साफ-सफाई, पूजा-पाठ और मंत्रोचार होता है। वहां पर निवास करने लगती हैं। इसलिए दिवाली की शाम महालक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है।छ
विज्ञापन
विज्ञापन
इटावा। जिले में दिवाली 31 अक्तूबर और एक नवंबर दो दिन मनाई जा रही है। आचार्यों के अनुसार कार्तिक अमावस्या तिथि 31 को दोपहर बाद शुरू होगी और यह एक नवंबर की शाम तक रहेगी। ऐसे में दिवाली एक अक्तूबर को ही मनाई जाएगी।
पत्रा के अनुसार, दीवाली का पूजन तीन शुभ बेलाओं में होगा। आचार्य भुवनेश मिश्रा ने बताया कि सूर्यास्त के बाद यानी प्रदोष काल में धन की देवी माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देवता की पूजा होती है।
विज्ञापन
ऐसी मान्यता है कि कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अमावस्या की रात को मां लक्ष्मी पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं और जिन घरों में साफ-सफाई, पूजा-पाठ और मंत्रोचार होता है। वहां पर निवास करने लगती हैं। इसलिए दिवाली की शाम महालक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है।छ
विज्ञापन