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Auraiya News: आधी रात जन्मे कन्हाई, घर-मंदिर में बाजी बधाई
Mon, 18 Aug 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 18 Aug 2025 12:28 AM IST
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फोटो-17एयूआरपी 14- अजीतमल में जन्माष्टमी चलता भजन कीर्तन। संवाद
औरैया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर घरों में लोगों ने आकर्षक झांकियां सजाईं। दिनभर उपवास रखकर भजन कीर्तन किया। रात 12 बजते ही मंदिरों और घरों में जय-जय कृष्ण-कन्हाई के जयकारे गूंजने लगे।
लोगों ने भगवान का अभिषेक किया और शृंगार कर पूजा- अर्चना करते हुए आरती की। वहीं कई जगह बच्चों ने बाल लीलाएं कीं। थाना कोतवाली स्तर पर भी कृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया।
जन्माष्टमी पर शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई जगह बच्चों ने राधा-कृष्ण का स्वरूप धारण किया। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। महिलाओं ने घरों में श्रीकृष्ण का झूला सजाकर भजन-कीर्तन किया। जगह-जगह मटकी-फोड़ प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जन्माष्टमी की रौनक बढ़ा दी।
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अजीतमल में कोतवाली परिसर के शिव मंदिर पर जन्मोत्सव पर कोतवाली प्रभारी ललितेश त्रिपाठी ने प्रसाद वितरण करवाया। जनता महाविद्यालय स्थित ध्यान मंदिर पर शाम से ही कीर्तन व भजनों का दौर चला। गांव जगन्नाथपुर में जगन्नाथ मंदिर पर चल रहे कार्यक्रम में भक्तों ने दही हांडी फोड़ कार्यक्रम किया। हविलिया गांव में रामजानकी मंदिर में झांकी सजाई गई और जवाबी कीर्तन हुआ।
बिधूना के अछल्दा रोड स्थित राधाकृष्ण मंदिर, लोहा मंडी स्थित शिव मंदिर, वनखंडेश्वर मंदिर और दुर्गा मंदिर में विशेष आयोजन हुए। बेला स्थित सिद्धेश्वर मंदिर पर वृंदावन से आए कलाकारों ने रासलीला का मंचन कर श्रीकृष्ण के जन्म की लीला प्रस्तुत की। यह आयोजन पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश सिंह चौहान व ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान की देखरेख में हुआ।
दिबियापुर थाना स्थित मंदिर के पंडाल में बच्चे श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजकर नृत्य करते नजर आए। छोटी सब्जी मंडी में स्थित मंदिर सहित नगर के विभिन्न मंदिरों में जन्मोत्सव मनाया गया। थाने के निकट 112 वर्ष पुराने श्रीराम मंदिर में मेला लगा। जहां बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूलों का आनंद लिया।
सेहुद स्थित हनुमान मंदिर के राधाकृष्ण दरबार में विशेष झांकी सजाई गई। बालयोगी बाबा रामप्रिय दास भी मौजूद रहे। गेल स्थित सर्वेश्वर मंदिर में भक्तों ने श्रीराधाकृष्ण को भोग लगाया। ककराही गांव के पथवरिया मंदिर को फूलों और झालर से सजाया गया।
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लोगों ने भगवान का अभिषेक किया और शृंगार कर पूजा- अर्चना करते हुए आरती की। वहीं कई जगह बच्चों ने बाल लीलाएं कीं। थाना कोतवाली स्तर पर भी कृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया।
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जन्माष्टमी पर शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई जगह बच्चों ने राधा-कृष्ण का स्वरूप धारण किया। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। महिलाओं ने घरों में श्रीकृष्ण का झूला सजाकर भजन-कीर्तन किया। जगह-जगह मटकी-फोड़ प्रतियोगिता व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने जन्माष्टमी की रौनक बढ़ा दी।
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अजीतमल में कोतवाली परिसर के शिव मंदिर पर जन्मोत्सव पर कोतवाली प्रभारी ललितेश त्रिपाठी ने प्रसाद वितरण करवाया। जनता महाविद्यालय स्थित ध्यान मंदिर पर शाम से ही कीर्तन व भजनों का दौर चला। गांव जगन्नाथपुर में जगन्नाथ मंदिर पर चल रहे कार्यक्रम में भक्तों ने दही हांडी फोड़ कार्यक्रम किया। हविलिया गांव में रामजानकी मंदिर में झांकी सजाई गई और जवाबी कीर्तन हुआ।
बिधूना के अछल्दा रोड स्थित राधाकृष्ण मंदिर, लोहा मंडी स्थित शिव मंदिर, वनखंडेश्वर मंदिर और दुर्गा मंदिर में विशेष आयोजन हुए। बेला स्थित सिद्धेश्वर मंदिर पर वृंदावन से आए कलाकारों ने रासलीला का मंचन कर श्रीकृष्ण के जन्म की लीला प्रस्तुत की। यह आयोजन पूर्व ब्लॉक प्रमुख राजेश सिंह चौहान व ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान की देखरेख में हुआ।
दिबियापुर थाना स्थित मंदिर के पंडाल में बच्चे श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजकर नृत्य करते नजर आए। छोटी सब्जी मंडी में स्थित मंदिर सहित नगर के विभिन्न मंदिरों में जन्मोत्सव मनाया गया। थाने के निकट 112 वर्ष पुराने श्रीराम मंदिर में मेला लगा। जहां बच्चों ने खिलौने खरीदे और झूलों का आनंद लिया।
सेहुद स्थित हनुमान मंदिर के राधाकृष्ण दरबार में विशेष झांकी सजाई गई। बालयोगी बाबा रामप्रिय दास भी मौजूद रहे। गेल स्थित सर्वेश्वर मंदिर में भक्तों ने श्रीराधाकृष्ण को भोग लगाया। ककराही गांव के पथवरिया मंदिर को फूलों और झालर से सजाया गया।