{"_id":"643058e345a8300fa80894af","slug":"kabaddi-game-roli-became-national-player-in-rugged-soil-auraiya-news-c-12-1-167810-2023-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: बीहड़ की माटी में कबड्डी खेल रोली बनीं राष्ट्रीय खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: बीहड़ की माटी में कबड्डी खेल रोली बनीं राष्ट्रीय खिलाड़ी
Fri, 07 Apr 2023 11:24 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 07 Apr 2023 11:24 PM IST
विज्ञापन
अजीतमल। बीहड़ की माटी में कबड्डी के गुर सीखीं एलचीनगर निवासी रोली गौतम ने संसाधनों के अभाव में भी अपने हुनर के बलबूते पर सफलता हासिल की। इटावा में आयोजित राज्य स्तरीय चंबल कबड्डी लीग में जिले की टीम को फाइनल में जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। बेहतर प्रदर्शन के चलते वह अंडर 19 नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई है।
अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र के एलचीनगर निवासी किसान अभिलाख दोहरे किसानी कर अपनी चार बेटियों और बेटों की परवरिश करते हैं। पिता बताते हैं कि उनकी दूसरे नंबर की बेटी रोली बचपन से ही अक्सर घर के बाहर लड़कियों के साथ कबड्डी खेलती थी। पढ़ाई में मेधावी होने की वजह से परिजन भी उसे खेलने के नहीं रोकते थे। रोली ने बताया कि गांव में खेल का मैदान नहीं है। उसे मन में कबड्डी खेलने का खुमार हमेशा सवार रहता था।
इसलिए वह खेतों में गांव की अन्य लड़कियों के साथ कबड्डी खेलती थी। जनता इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में प्रवेश लेने के बाद उसे खेल में आगे बढ़ाने के लिए पहले गुरु के तौर पर विद्यालय के पीटीआई होशियार सिंह राजपूत मिले। उन्होंने उसे कबड्डी के मूल नियम व तकनीकियों की जानकारी दी। जिससे उसके खेल में निखार आना शुरू हुआ। वह बताती है कि इस वर्ष उसने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं दीं है। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर परिजन थोड़ा चिंतित थे लेकिन उसने अभ्यास करना बंद नहीं किया।
विज्ञापन
11 और 12 मार्च को इटावा के लोहियानगर में आयोजित हुई ओपन राज्य स्तरीय चंबल कबड्डी लीग में जिले की टीम से खेली। टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने पर उसका चयन अंडर-19 राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम दिल्ली की टीम में हुआ है। अब वह मध्य प्रदेश के भिंड निवासी राष्ट्रीय कोच भुवनेश्वर यादव से प्रशिक्षण ले रही है। रोली के चयन पर जिले के खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की है।
विज्ञापन
अजीतमल ब्लॉक क्षेत्र के एलचीनगर निवासी किसान अभिलाख दोहरे किसानी कर अपनी चार बेटियों और बेटों की परवरिश करते हैं। पिता बताते हैं कि उनकी दूसरे नंबर की बेटी रोली बचपन से ही अक्सर घर के बाहर लड़कियों के साथ कबड्डी खेलती थी। पढ़ाई में मेधावी होने की वजह से परिजन भी उसे खेलने के नहीं रोकते थे। रोली ने बताया कि गांव में खेल का मैदान नहीं है। उसे मन में कबड्डी खेलने का खुमार हमेशा सवार रहता था।
विज्ञापन
इसलिए वह खेतों में गांव की अन्य लड़कियों के साथ कबड्डी खेलती थी। जनता इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में प्रवेश लेने के बाद उसे खेल में आगे बढ़ाने के लिए पहले गुरु के तौर पर विद्यालय के पीटीआई होशियार सिंह राजपूत मिले। उन्होंने उसे कबड्डी के मूल नियम व तकनीकियों की जानकारी दी। जिससे उसके खेल में निखार आना शुरू हुआ। वह बताती है कि इस वर्ष उसने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाएं दीं है। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर परिजन थोड़ा चिंतित थे लेकिन उसने अभ्यास करना बंद नहीं किया।
विज्ञापन
11 और 12 मार्च को इटावा के लोहियानगर में आयोजित हुई ओपन राज्य स्तरीय चंबल कबड्डी लीग में जिले की टीम से खेली। टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने पर उसका चयन अंडर-19 राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम दिल्ली की टीम में हुआ है। अब वह मध्य प्रदेश के भिंड निवासी राष्ट्रीय कोच भुवनेश्वर यादव से प्रशिक्षण ले रही है। रोली के चयन पर जिले के खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की है।