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बढ़ रहा कोरोना का खतरा, प्राइवेट अस्पतालों में नहीं लग रही बूस्टर डोज

Wed, 22 Jun 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:57 PM IST
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Increasing risk of corona, booster dose is not being used in private hospitals
फोटो-22एयूआरपी-10- 50 शैया अस्पताल में वैक्सीन लगवाती किशोरी। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। कोरोना के मामले जिले में फिर बढ़ने लगे हैं। कोरोना से बचाव के लिए दो डोज लगवा चुके 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए तैयार बैठे हैं, मगर यहां के प्राइवेट अस्पताल बूस्टर डोज लगाने के लिए तैयार नहीं हैं।
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सरकार ने 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को दस अप्रैल से बूस्टर डोज लगवाने की मंजूरी दी थी। नियम के तहत दो डोज लगवाने के बाद 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग प्राइवेट टीकाकरण केंद्रों पर रुपये देकर बूस्टर लगवा सकते है। कंपनियों ने बूस्टर डोज लगवाने की दरें भी तय कर रखी है, लेकिन दो माह बाद भी जिले के प्राइवेट अस्पतालों में बूस्टर डोज नहीं लग रहे हैं, जबकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग बूस्टर डोज लगवाने के लिए तैयार बैठे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि जिले का कोई भी प्राइवेट अस्पताल बूस्टर डोज लगाने के लिए आगे नहीं आया है। किसी के साथ जोर जबरदस्ती नहीं कर सकते हैं। अभी बड़े शहरों में ही यह व्यवस्था है। इधर बढ़ रहे खतरे को लेकर हर कोई चिंतित दिखने लगा है।
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इस कारण आगे नहीं आ रहे निजी अस्पताल
शहर के कुछ प्राइवेट अस्पताल संचालकों ने बताया कि सरकार ने 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को बूस्टर डोज के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया है। इसमें वैक्सीन और लगाने का चार्ज भी शामिल किया गया है।
इस वजह से लोग रुचि नहीं दिखा रहे हैं। वहीं एक वॉयल में करीब 15 से 20 लोगों को डोज लगती है, लेकिन वॉयल खोलने पर यदि लाभार्थी पूरे नहीं हुए तो वह खराब हो जाती है, ऐसे में नुकसान होगा, इसलिए प्राइवेट अस्पताल टीकाकरण केंद्र नहीं बना रहे हैं।
फ्री में लगे वैक्सीन तो बढ़े बूस्टर डोज के लाभार्थी
जिले में 18 वर्ष से 60 वर्ष तक के लाखों लोगों ने पहली और दूसरी डोज लगवा रखी है, लेकिन बूस्टर डोज लगवाने में लोग आगे नहीं आ रहे हैं। इसके पीछे का कारण बताया जा रहा है कि इसके लिए सरकार ने शुल्क निर्धारित किया है। यदि बूस्टर डोज निशुल्क लगे तो शायद लोग आगे आएं और बूस्टर डोज का आंकड़ा बढ़े।
दूसरी डोज से वंचित हैं हजारों लाभार्थी
विभागीय आंकड़ों की बात करें तो 15 वर्ष से अधिक के अभी भी हजारों लाभार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरी डोज नहीं लगवाई है। हालांकि विभाग का कहना है कि कुछ लोगों ने पहली डोज जिले में और दूसरी डोज अन्य जिलों में लगवा रखी है। 60 वर्ष से ऊपर वाले बुजुर्गों के बूस्टर डोज का आंकड़ा भी काफी कम है।

जिले में अभी प्राइवेट टीकाकरण केंद्र नहीं हैं। इस वजह से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बूस्टर डोज नहीं दी जा रही है। विभाग प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों के साथ बैठक करेगा। इसके बाद उनको टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में बूस्टर डोज की व्यवस्था मुफ्त है। -डॉ. राकेश सचान, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, औरैया।
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