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Auraiya News: आठ दिन में दिव्यांग बच्चों का सत्यापन न हुआ तो स्पेशल एजूकेटर्स का रुकेगा मानदेय
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। राज्य परियोजना निदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर से लिखे गए पत्र के बाद अब बीएसए समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की सुध लेंगे। इसमें समर्थ पोर्टल पर पंजीकृत दिव्यांग बच्चों का प्रेरणा पोर्टल से सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए आठ दिन के अंदर कार्य पूरा कराए जाने की समय अवधि भी निर्धारित की है। समय सीमा में सत्यापन न होने की स्थिति में स्पेशल एजूकेटर्स को मानदेय नहीं मिलेगा।
अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए शिविरों का आयोजन किया गया। आठ बीआरसी पर लगे कैंप में 123 के करीब बच्चे दिव्यांग पाए गए। जिन्हें प्रमाण पत्र दिए गए। इन बच्चों को समर्थ पोर्टल पर अपडेट किया गया। वहीं शासन स्तर से प्रेरणा पोर्टल पर इन बच्चों का सत्यापन के निर्देश थे।
सितंबर माह का आधा पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी काफी दिव्यांग बच्चों का कार्य अटका हुआ है। जिसे देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को आठ दिन में सत्यापन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि आठ दिन के अंदर सत्यापन कार्य पूरा करने के लिए बीआरसी के स्पेशल एजुकेटर्स को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रेरणा पोर्टल पर दिव्यांग बच्चों का सत्यापन न हो जाने तक बीआरसी के स्पेशल एजुकेटर्स का मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा।
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औरैया। राज्य परियोजना निदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर से लिखे गए पत्र के बाद अब बीएसए समग्र शिक्षा अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की सुध लेंगे। इसमें समर्थ पोर्टल पर पंजीकृत दिव्यांग बच्चों का प्रेरणा पोर्टल से सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए आठ दिन के अंदर कार्य पूरा कराए जाने की समय अवधि भी निर्धारित की है। समय सीमा में सत्यापन न होने की स्थिति में स्पेशल एजूकेटर्स को मानदेय नहीं मिलेगा।
अगस्त माह के अंतिम सप्ताह में समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले में दिव्यांग बच्चों के लिए शिविरों का आयोजन किया गया। आठ बीआरसी पर लगे कैंप में 123 के करीब बच्चे दिव्यांग पाए गए। जिन्हें प्रमाण पत्र दिए गए। इन बच्चों को समर्थ पोर्टल पर अपडेट किया गया। वहीं शासन स्तर से प्रेरणा पोर्टल पर इन बच्चों का सत्यापन के निर्देश थे।
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सितंबर माह का आधा पखवाड़ा बीत जाने के बाद भी काफी दिव्यांग बच्चों का कार्य अटका हुआ है। जिसे देखते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने बीएसए को आठ दिन में सत्यापन सुनिश्चित कराने के लिए कहा है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि आठ दिन के अंदर सत्यापन कार्य पूरा करने के लिए बीआरसी के स्पेशल एजुकेटर्स को निर्देश दे दिए गए हैं। प्रेरणा पोर्टल पर दिव्यांग बच्चों का सत्यापन न हो जाने तक बीआरसी के स्पेशल एजुकेटर्स का मानदेय भुगतान नहीं किया जाएगा।