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भूखे-प्यासे किसान, मुआवजे को हलाकान
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Wed, 08 Apr 2015 12:48 AM IST
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कर्ज लेकर अपनी फसलों को हरी भरी देखने के सपने बेमौसम बारिश से चकनाचूर होने के बाद किसान बदहवास है। सत्यापन टीम की नजरों से ओझल किसान बड़ी संख्या ने सरकारी मदद से हाथ धो बैठे हैं। कर्ज चुकाने को बैंकों का दबाव और क्षति पूर्ति की आस लेकर भूखे-प्यासे किसान बैंकों के चक्कर लगाते देखे जा रहे हैं।
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मंगलवार को अमर उजाला ने बैंकों से किसान की टूटती आस लेकर वापस जाते दिखाई दिए। पेश है हमारे संवाददाता की पड़ताली रिपोर्ट---
हमारी पूरी जिम्मेदारी, अब बीमित कंपनी की बारी - औरैया। सुभाष चौक चौराहा निकट यूनियन बैंक शाखा के बाहर वाहनों के साथ ही किसान डेरा जमाए मिले। बैंक के अंदर काउंटर पर भीड़ टूटी पड़ रही थी। बैंक ने रबी सीजन में 350 केसीसी धारकों में से 93 किसानों को बीमित किया है।
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शाखा प्रबंधक ने बताया कि किसान उनसे फसली नुकसान के बारे में पूछताछ करने आ रहे हैं। हमारा जवाब है कि बैंक ने जिम्मेदारी पूरी कर दी है। अब क्षति पूर्ति करने की बारी बीमित कंपनी की है।
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दस मिनट ज्यादा हो गए, फिर आना-औरैया। यमुना रोड स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया शाखा खानपुर का आलम यह था कि बैंक परिसर के बाहर वाहन तो बैंक के अंदर ऊहापोह की स्थिति दिखाई दी।
शाखा प्रबंधक ने बताया कि बैंक में 222 के सापेक्ष 150 केसीसी धारकों को बीमित किया है। बैंक कांउटर पर अपनी बारी को लोग धक्का-मुक्की तक कर रहे थे। यह भी आवाजें आ रही थीं। दस मिनट अधिक हो चुके हैं। तुम लोग फिर आना।
केस - एक- इटावा के नगला खुर्द महेवा निवासी विश्वनाथ ने बताया कि 45 बीघा जमीन पर सरसों गेहूं व चने की फसल खराब हो गई। मुआवजा नहीं मिला। केसीसी के माध्यम से एसबीआई बैंक से तीन लाख रुपये का कर्ज ले रखा है। आरसी जारी कर दी गई है। लेखपाल वसूली को दबाव बना रहा है।
केस - दो- इटावा के छोटी निवासी संतोष कुमार ने बताया कि 2.5 एकड़ खेत पर खड़ी चना की फसल बर्बाद हो गई। सरकारी सूची में नाम तो दूर गांव में नुकसान का जायजा लेने भी कोई न आया है। केसीसी से फसलें बीमित होने के बाद भी बीमा कंपनी कुछ नहीं कर रही है।
केस - तीन- औरैया झबरा निवासी रामाधार ने केसीसी के तहत एसबीआई लहरापुर शाखा से तीन लाख रुपये कर्ज ले रखा है। बैंक ने प्रीमियम के रूप में 12500 रुपये भी काट लिए हैं। अब बैंक पल्ला झाड़ते हुए बीमित कंपनी पर जिम्मेदारी डाल रही है।
केस - चार- औरैया अर्रु की मड़ैया निवासी ऋषि कुमार को अपनी पुत्री के ब्याह की चिंता है। चार एकड़ में चने की फसल चौपट हो गई है। जांच करने कोई नहीं आया है। बैंक से 1.30 लाख रुप का कर्ज है। वसूली को नोटिस जारी कर दिया गया है।