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हाइवे पर गुमराह कर रहे संकेतांक
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Wed, 20 Apr 2016 12:34 AM IST
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अजीतमल का गलत नाम दिखाता बोर्ड
- फोटो : amar ujala beuro
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नेशनल हाइवे दो पर लगे सांकेतिक बोर्ड राहगीरों को गुमराह कर रहे हैं। बोर्ड और पट्टिकाओं पर दी गई जानकरी सही न होने से राहगीरों को भटकना पड़ता है।
हाइवे पर लगे बोर्ड पर नजर डाले तो इटावा की ओर से भीखेपुर जाने वाले मार्ग पर बोर्ड पर जुंआ गांव को जुआरी गांव लिख दिया गया है। वहीं आगे लगे बोर्ड पर फफूंद को मात्र दो किलोमीटर दूर दर्शाया गया है। इसी प्रकार जलूपुर 30 किलोमीटर व कानपुर 75 किलोमीटर की दूरी पर दिखाए गए है।
जबकि भीखेपुर से जलूपुर की दूरी दो किलोमीटर, फफूंद 12 किलोमीटर और कानपुर 120 किलोमीटर है। वहीं दूसरी ओर भीखेपुर से इटावा की ओर बोर्ड में अजीतमल को अजितमल लिखा है। हाईवे कंपनी के बोर्ड की चूक से आम आदमी परेशान है। समाजसेवी प्रतीक त्रिपाठी, हरेंद्र राठौर, अजय पाल सिंह, आशू भदौरिया, अवनीश त्रिपाठी आदि ने तहसील प्रशासन से बोर्ड की गलतियों में सुधार की मांग की है। मामले में तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि बोर्ड पर भ्रामक सूचनाएं लिखी हैं तो यह गलत है। इससे लोगों को परेशानी हो सकती है। वह मामले की जांच करा हाईवे कंपनी को इसकी जानकारी देकर गलतियां सुधारने को कहेंगे।
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हाइवे पर लगे बोर्ड पर नजर डाले तो इटावा की ओर से भीखेपुर जाने वाले मार्ग पर बोर्ड पर जुंआ गांव को जुआरी गांव लिख दिया गया है। वहीं आगे लगे बोर्ड पर फफूंद को मात्र दो किलोमीटर दूर दर्शाया गया है। इसी प्रकार जलूपुर 30 किलोमीटर व कानपुर 75 किलोमीटर की दूरी पर दिखाए गए है।
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जबकि भीखेपुर से जलूपुर की दूरी दो किलोमीटर, फफूंद 12 किलोमीटर और कानपुर 120 किलोमीटर है। वहीं दूसरी ओर भीखेपुर से इटावा की ओर बोर्ड में अजीतमल को अजितमल लिखा है। हाईवे कंपनी के बोर्ड की चूक से आम आदमी परेशान है। समाजसेवी प्रतीक त्रिपाठी, हरेंद्र राठौर, अजय पाल सिंह, आशू भदौरिया, अवनीश त्रिपाठी आदि ने तहसील प्रशासन से बोर्ड की गलतियों में सुधार की मांग की है। मामले में तहसीलदार अरविंद कुमार ने बताया कि बोर्ड पर भ्रामक सूचनाएं लिखी हैं तो यह गलत है। इससे लोगों को परेशानी हो सकती है। वह मामले की जांच करा हाईवे कंपनी को इसकी जानकारी देकर गलतियां सुधारने को कहेंगे।
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