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कोहरे के बीच रेल यात्रियों की लापरवाही जान पर भारी
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
Updated Mon, 12 Jan 2015 12:14 AM IST
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इस समय कोहरे के कारण धुंध छायी रहती है। धुंध के कारण दृश्यता काफी कम होने के बावजूद रेलयात्री लापरवाही पूर्वक रेलवे लाइन पार करते हैं, उन्हें आभास तक नहीं होता कि जरा सी लापरवाही जान पर भारी पड़ सकती है।
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बता दें कि औरैया जिले से दिल्ली हावड़ा रेलमार्ग गुजरता है और इस अतिव्यस्ततम ट्रैक पर प्रत्येक दो से तीन मिनट में एक ट्रेन गुजरती है।
सुबह कोहरे क ी धुंध के कारण पास की वस्तुएं भी नहीं दिख रही हैं। रेलवे स्टेशन फफूंद पर यात्री किस कदर लापरवाही बरतते हैं। लापरवाही में यात्रियों के साथ रेलकर्मी भी शामिल हैं। रेलयात्री एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक जाने को फुट ओवरब्रिज के स्थान पर रेलवे लाइन पार करते नजर आते हैं।
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लापरवाही बरतने में युवाओं के साथ महिलाओं की संख्या बहुतायत में हैं। वे यह नहीं सोचते कि जरा सी लापरवाही उनके लिए काल बन सकती है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2014 में 50 से अधिक लोग विभिन्न कारणों से ट्रेनों की चपेट में आकर काल के गाल में समा चुके हैं। दो दर्जन लोग ट्रेन की चपेट में आकर अपने हाथ -पैर गवां चुके हैं। यह आंकड़े बहुत ही चौंकाने वाले हैं।
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लोगों का मानना है कि रेलवे प्रशासन जागरूकता अभियान चलाए और रेलवे पुलिस सतर्कता एवं सख्ती बरते तो यात्रियों को अपनी जान जोखिम में डालने से रोका जा सकता है। जहां तक रेलवे स्टेशन फफूंद की बात है तो यहां रेल प्रशासन की ओर से इस आशय का एक भी संकेतात्मक नहीं लगाया गया है।
बताया जाए कि रेलवे ट्रैक पार करने से जान जोखिम में आ सकती है या फिर रेलवे ट्रैक पार करना रेलवे एक्ट की धाराओं में अपराध है।
..यह हैं नियम - रेलवे लाइन पार करने में व्यक्ति को आरपीएफ द्वारा रेलवे एक्ट की धारा 147 में निरुद्ध कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता है। मजिस्ट्रेट द्वारा 1000 रुपये जुर्माना या छह माह के कारावास या फिर दोनों की सजा सुनाई जाती है।