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हीट स्ट्रोक: सूख रहीं आंखे, फूल रहीं सांसे
Fri, 21 Apr 2023 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 21 Apr 2023 12:26 AM IST
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औरैया। तेज धूप के साथ 41 डिग्री का अधिकतम तापमान शरीर को नुकसान पहुंचा रहा है। धूप से लोग डायरिया, हीट स्ट्रोक के साथ आंखों का पानी सूखने की समस्या का सामना कर रहे हैं। लू की वजह से प्यास ज्यादा और भूख कम लग रही है। मुंह सूखने और हल्के बुखार के साथ आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायतें आम हो गईं हैं। जो लोग दिन में काम कर रहे है, उनकी थोड़ी सी मेहनत करते ही सांस फूल रही है। डॉक्टरों की सलाह है कि धूप में बच्चों, बुजुर्गों को न निकलने दें। यह धूप उनके लिए हानिकारक साबित हो सकती है।
चिचौली जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. देवेंद्र राजावत ने बताया कि ओपीडी में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत शुगर के मरीजों को हो रही है। शुगर के मरीज के शरीर का तापमान बदल रहे मौसम में ज्यादा तेजी से बढ़ता और घटता है। शरीर का तापमान बढ़ेगा तो पसीना बहुत होगा। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से लोगों को चक्कर, बैचेनी की शिकायत हो रही है।
इन मरीजों में डायरिया के भी लक्षण मिल रहे हैं। हर दिन 60 से 70 मरीज बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बाल रोग, चर्म रोग, सामान्य ओपीडी में करीब 400 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। महिला ओपीडी में गर्भवती महिलाओं को गर्मी की वजह से बैचेनी की समस्या हो रही है। कई महिलाओं के शरीर में पानी की कमी पाई गई है।
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चिकित्सकों के मुताबिक शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। बाहरी तापमान अधिक होने से जब शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है तो इसे ही हीट स्ट्रोक माना जाता है। हीट स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है जब शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना भी बंद हो जाता है। हीट स्ट्रोक के कारण कभी-कभी इंसान कोमा में भी चला जाता है। इन दिनों 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान है। इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
कड़ाके की धूप से लोगों की आंखों का पानी भी सूख रहा है। पुतली में नमी कम होने की वजह से मरीजों को बार-बार पलकें झपकानी पड़ रही हैं। खासतौर पर दिक्कतें उनकी बढ़ी हैं, जो कंप्यूटर के सामने बैठकर घंटों काम करते हैं या फिर लगातार मोबाइल चला रहे हैं।
100 शैया अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि गर्मी में बाहर निकलने पर आंखों की पुतली की नमी तेजी से वाष्पीकृत होती है। इससे आंखों का सूखापन बढ़ जाता है।
शिमर टेस्ट ओर टियर ब्रेक टाइम की जांच में लोगों की आंखों में नमी कम निकल रही है। बताया कि पिछले 15 दिनों के अंदर करीब 100 मरीजों इस तरह की समस्या लेकर पहुंचे हैं। पहली बार अप्रैल माह में इस तरह के मरीज मिल रहे है, पहले ऐसे मामले मई और जून के बीच आते थे।
- बिना आवश्यकता सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक घर से बाहर न निकलें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और बाहर का खाना न खाएं।
- धूप से बचने के लिए छतरी और गमछे का इस्तेमाल करें।
- आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा लगाएं।
- नीबू पानी की शिकंजी पिएं,
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चिचौली जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. देवेंद्र राजावत ने बताया कि ओपीडी में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कत शुगर के मरीजों को हो रही है। शुगर के मरीज के शरीर का तापमान बदल रहे मौसम में ज्यादा तेजी से बढ़ता और घटता है। शरीर का तापमान बढ़ेगा तो पसीना बहुत होगा। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से लोगों को चक्कर, बैचेनी की शिकायत हो रही है।
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इन मरीजों में डायरिया के भी लक्षण मिल रहे हैं। हर दिन 60 से 70 मरीज बुखार, उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बाल रोग, चर्म रोग, सामान्य ओपीडी में करीब 400 से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। महिला ओपीडी में गर्भवती महिलाओं को गर्मी की वजह से बैचेनी की समस्या हो रही है। कई महिलाओं के शरीर में पानी की कमी पाई गई है।
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चिकित्सकों के मुताबिक शरीर का सामान्य तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है। बाहरी तापमान अधिक होने से जब शरीर का तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है तो इसे ही हीट स्ट्रोक माना जाता है। हीट स्ट्रोक आमतौर पर तब होता है जब शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है और पसीना आना भी बंद हो जाता है। हीट स्ट्रोक के कारण कभी-कभी इंसान कोमा में भी चला जाता है। इन दिनों 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान है। इससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।
कड़ाके की धूप से लोगों की आंखों का पानी भी सूख रहा है। पुतली में नमी कम होने की वजह से मरीजों को बार-बार पलकें झपकानी पड़ रही हैं। खासतौर पर दिक्कतें उनकी बढ़ी हैं, जो कंप्यूटर के सामने बैठकर घंटों काम करते हैं या फिर लगातार मोबाइल चला रहे हैं।
100 शैया अस्पताल के नेत्र परीक्षण अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि गर्मी में बाहर निकलने पर आंखों की पुतली की नमी तेजी से वाष्पीकृत होती है। इससे आंखों का सूखापन बढ़ जाता है।
शिमर टेस्ट ओर टियर ब्रेक टाइम की जांच में लोगों की आंखों में नमी कम निकल रही है। बताया कि पिछले 15 दिनों के अंदर करीब 100 मरीजों इस तरह की समस्या लेकर पहुंचे हैं। पहली बार अप्रैल माह में इस तरह के मरीज मिल रहे है, पहले ऐसे मामले मई और जून के बीच आते थे।
- बिना आवश्यकता सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक घर से बाहर न निकलें।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और बाहर का खाना न खाएं।
- धूप से बचने के लिए छतरी और गमछे का इस्तेमाल करें।
- आंखों की सुरक्षा के लिए चश्मा लगाएं।
- नीबू पानी की शिकंजी पिएं,