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शादी टाल कोरोना के खिलाफ जंग में उतरा स्वास्थ्य कर्मी
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फोटो 30एयूआरपी25- कोरोना योद्धा दिलीप संखवार
- फोटो : AURAIYA
औरैया। कोरोना संकट के दौर में स्वास्थ्य कर्मी ने अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए शादी टाल दी। स्वास्थ्य कर्मी की शादी अक्षय तृतीया के दिन थी। राजस्थान राज्य के जिला पाली निवासी दिलीप संखवार की शहर से सटे कस्बा खानपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के रूप में 25 मार्च 2019 को तैनाती हुई थी।
दिलीप ने बताया कि परिजनों ने पाली की ही देविका चौहान से रिश्ता तय किया। शादी अक्षय तृतीया के दिन होनी थी। तैयारियों लगभग पूरी थी पर लॉकडाउन के चलते फर्ज निभाने के लिए शादी टाल दी। दोनों परिवारों के लोगों ने निर्णय लिया कि लॉकडाउन के बाद शादी होगी। बताया कि परिवार वालों ने भी फर्ज निभाने के लिए प्रेरित किया। बताया कि एक माह से लगातार सर्वे का काम कर रहा है।
इसी क्रम में लॉकडाउन के दौरान बिधूना में खुद ट्रैक्टर की स्टेयरिंग थाम कर पूरे नगर को सैनिटाइज करने वाले सीओ बिधूना अपने बेटे और बेटी से महीने भर ज्यादा समय से नहीं मिले हैं। सिर्फ वीडियो कॉल से बातचीत कर लेते हैं। संक्रमण कॉल में वह अपने परिवार से दूर अपने कर्तव्य को अंजाम देने में जुटे हैं। बिधूना सीओ मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से पहले इलाहाबाद में परिजनों (दादा-दादी) के पास दोनों बच्चों को शिफ्ट किया था। तब से वह उनसे नहीं मिले हैं। सीओ व उनकी पत्नी दोनों बिधूना के सरकारी आवास में रहकर अपने-अपने दायित्वों को निभा रहे हैं। बेटी मोबाइल के जरिए अपने वीडियो बनाकर पिता को भेजती है।
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दिलीप ने बताया कि परिजनों ने पाली की ही देविका चौहान से रिश्ता तय किया। शादी अक्षय तृतीया के दिन होनी थी। तैयारियों लगभग पूरी थी पर लॉकडाउन के चलते फर्ज निभाने के लिए शादी टाल दी। दोनों परिवारों के लोगों ने निर्णय लिया कि लॉकडाउन के बाद शादी होगी। बताया कि परिवार वालों ने भी फर्ज निभाने के लिए प्रेरित किया। बताया कि एक माह से लगातार सर्वे का काम कर रहा है।
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इसी क्रम में लॉकडाउन के दौरान बिधूना में खुद ट्रैक्टर की स्टेयरिंग थाम कर पूरे नगर को सैनिटाइज करने वाले सीओ बिधूना अपने बेटे और बेटी से महीने भर ज्यादा समय से नहीं मिले हैं। सिर्फ वीडियो कॉल से बातचीत कर लेते हैं। संक्रमण कॉल में वह अपने परिवार से दूर अपने कर्तव्य को अंजाम देने में जुटे हैं। बिधूना सीओ मुकेश प्रताप सिंह ने बताया कि लॉकडाउन से पहले इलाहाबाद में परिजनों (दादा-दादी) के पास दोनों बच्चों को शिफ्ट किया था। तब से वह उनसे नहीं मिले हैं। सीओ व उनकी पत्नी दोनों बिधूना के सरकारी आवास में रहकर अपने-अपने दायित्वों को निभा रहे हैं। बेटी मोबाइल के जरिए अपने वीडियो बनाकर पिता को भेजती है।
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