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जीका वायरस को लेकर अलर्ट जारी
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फोटो 08एयूआरपी27- बैठक में दिशा निर्देश देते अपर सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। आसपास के जिलों में जीका वायरस के मरीज मिलने पर जिले में स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। सोमवार को बैठक कर अधिकारियों ने इस वायरस से निपटने की रणनीति बनाई। बैठक के बाद शासन से मिले निर्देशों की जानकारी दी गई। सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि मरीजों की जांच करें। किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि जीका वायरस को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पाया जाता है तो उसकी व उसके संपर्क में आने वालों की जांच कराई जाए। कहा हालांकि कोरोना का जिले में फिलहाल कोई केस एक्टिव नहीं है। इसके बाद भी विभाग त्योहार को देखते हुए किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। बताया कि जीका वायरस को लेकर सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। सूचना मिलते ही विभाग की टीम पहुंचेगी। कोई मरीज मिलता है तो उसका उपचार डेंगू वार्ड में भर्ती कर किया जाएगा।
जन स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरफराज आलम अंसारी ने बताया कि जीका वायरस से विशेष रुप से गर्भवतियों को सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि गर्भवती के संक्रमित होने पर बच्चे के मस्तिष्क पर असर पड़ेगा। बच्चे का सिर छोटा रहेगा और विकास भी धीमी गति से होगा। संक्रमित रोगी को मच्छर काटने के बाद सामान्य व्यक्ति को यदि मच्छर काटता है तब यह रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
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जीका के लक्षण
सिर दर्द व बुखार का होना, जोड़ों में दर्द व सूजन, आंखों का लाल होना, त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना।
एक भी जांच नहीं हुई
जिले में डेंगू और बुखार के लगातार मरीज मिल रहे है। डेंगू और बुखार से कई लोगों की मौत भी हुई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांचे हुई, लेकिन किसी भी मरीज का जीका टेस्ट नहीं कराया गया।
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सोमवार को बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि जीका वायरस को लेकर जिले में अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पाया जाता है तो उसकी व उसके संपर्क में आने वालों की जांच कराई जाए। कहा हालांकि कोरोना का जिले में फिलहाल कोई केस एक्टिव नहीं है। इसके बाद भी विभाग त्योहार को देखते हुए किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहता। बताया कि जीका वायरस को लेकर सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। सूचना मिलते ही विभाग की टीम पहुंचेगी। कोई मरीज मिलता है तो उसका उपचार डेंगू वार्ड में भर्ती कर किया जाएगा।
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जन स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरफराज आलम अंसारी ने बताया कि जीका वायरस से विशेष रुप से गर्भवतियों को सावधान रहने की जरूरत है। बताया कि गर्भवती के संक्रमित होने पर बच्चे के मस्तिष्क पर असर पड़ेगा। बच्चे का सिर छोटा रहेगा और विकास भी धीमी गति से होगा। संक्रमित रोगी को मच्छर काटने के बाद सामान्य व्यक्ति को यदि मच्छर काटता है तब यह रोग एक से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
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जीका के लक्षण
सिर दर्द व बुखार का होना, जोड़ों में दर्द व सूजन, आंखों का लाल होना, त्वचा पर लाल चकत्ते उभरना।
एक भी जांच नहीं हुई
जिले में डेंगू और बुखार के लगातार मरीज मिल रहे है। डेंगू और बुखार से कई लोगों की मौत भी हुई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग लापरवाही बरत रहा है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांचे हुई, लेकिन किसी भी मरीज का जीका टेस्ट नहीं कराया गया।