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डेंगू हुआ बेकाबू, चार मरीज और मिले, दो की मौत
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औरैया। डेंगू मरीजों की संख्या जिले में लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को जिले में चार और डेंगू के मरीज मिले। जबकि कंचौसी कस्बे में डेंगू संक्रमित 36 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला का प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। निजी अस्पताल में महिला की डेंगू की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव बताई गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टि नहीं कर रहा है। वहीं बुखार से एक महिला की मौत हो गई।
मौसम में ठंडक बढ़ने के बाद भी मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप कम होता नजर नहीं आ रहा है। अस्पतालों में वायरल के मरीजों के साथ डेंगू और मलेरिया के मरीज मिले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बीमारी प्रभावित गांवों में जाकर मरीजों का इलाज कर रहीं हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को सैफई से प्राप्त एलाइजा रिपोर्ट में चार डेंगू संक्रमित और मिले हैं।
जिसमें सलेमपुर नवल सिंह कखावतू में 15 वर्षीय युवती, मलगासवान मंदिर अजीतमल में नौ वर्षीय बालक, देवरपुर में छह वर्षीय बालिका, केके पुरम दिबियापुर में 55 वर्षीय पुरुष है। बताया कि संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वह मरीज के क्षेत्र में मरीजों के परिजनों की जांच करें। साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों के गांवों में टीमें भेजकर उनका उपचार कराएं। बतादें कि सोमवार को मिले चार डेंगू के मरीजों को मिलाकर अब जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 165 जा पहुंची है। जिसमें सक्रिय डेंगू मरीजों की संख्या 79 है।
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जबकि डेंगू से एक की मृत्यु भी हुई है। इधर कंचौसी बाजार निवासी पार्वती देवी (36) पत्नी शैलेंद्र सिंह को शुक्रवार को निजी चिकित्सक के यहां डेंगू की पुष्टि होने पर कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं। उधर, सोमवार को ऐरवाकुइली निवासी पूनम यादव (28) पत्नी देवेंद्र यादव उर्फ लल्ला की बुखार से मौत हो गई। उनके पति देवेंद्र ने बताया कि पत्नी को शनिवार को अचानक हाथ-पैर में दर्द के साथ बुखार आया था।
निजी अस्पताल में इलाज कराया, हालत बिगड़ने पर सैफई लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में मौत हो गई। नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य टीमें भेजे जाने की मांग सीएचसी सहार अधीक्षक राकेश कुमार से की। लेकिन आज तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची हैं। सीएमओ ने बताया कि महिला की मौत डेंगू से हुई है, इसकी जानकारी अभी उन्हें नहीं है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि सोमवार को बुखार से पीड़ित मरीजों वाले ऐरवाकटरा, कखावतू, मधूपुर समेत पांच गांवों में स्वास्थ्य टीमों को भेजा गया है। इन गांवों में 195 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं दीं गईं। साथ ही टीमों ने डेंगू के लक्षण वाले 45 मरीजों के एलाइजा के सैंपल लिए। जिन्हें जांच के लिए सैफई भेजा गया है।
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मौसम में ठंडक बढ़ने के बाद भी मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप कम होता नजर नहीं आ रहा है। अस्पतालों में वायरल के मरीजों के साथ डेंगू और मलेरिया के मरीज मिले रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार बीमारी प्रभावित गांवों में जाकर मरीजों का इलाज कर रहीं हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को सैफई से प्राप्त एलाइजा रिपोर्ट में चार डेंगू संक्रमित और मिले हैं।
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जिसमें सलेमपुर नवल सिंह कखावतू में 15 वर्षीय युवती, मलगासवान मंदिर अजीतमल में नौ वर्षीय बालक, देवरपुर में छह वर्षीय बालिका, केके पुरम दिबियापुर में 55 वर्षीय पुरुष है। बताया कि संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वह मरीज के क्षेत्र में मरीजों के परिजनों की जांच करें। साथ ही बुखार से पीड़ित मरीजों के गांवों में टीमें भेजकर उनका उपचार कराएं। बतादें कि सोमवार को मिले चार डेंगू के मरीजों को मिलाकर अब जिले में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या 165 जा पहुंची है। जिसमें सक्रिय डेंगू मरीजों की संख्या 79 है।
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जबकि डेंगू से एक की मृत्यु भी हुई है। इधर कंचौसी बाजार निवासी पार्वती देवी (36) पत्नी शैलेंद्र सिंह को शुक्रवार को निजी चिकित्सक के यहां डेंगू की पुष्टि होने पर कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार की सुबह महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं। उधर, सोमवार को ऐरवाकुइली निवासी पूनम यादव (28) पत्नी देवेंद्र यादव उर्फ लल्ला की बुखार से मौत हो गई। उनके पति देवेंद्र ने बताया कि पत्नी को शनिवार को अचानक हाथ-पैर में दर्द के साथ बुखार आया था।
निजी अस्पताल में इलाज कराया, हालत बिगड़ने पर सैफई लेकर जा रहे थे। तभी रास्ते में मौत हो गई। नगर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू तेजी से फैल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में स्वास्थ्य टीमें भेजे जाने की मांग सीएचसी सहार अधीक्षक राकेश कुमार से की। लेकिन आज तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची हैं। सीएमओ ने बताया कि महिला की मौत डेंगू से हुई है, इसकी जानकारी अभी उन्हें नहीं है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि सोमवार को बुखार से पीड़ित मरीजों वाले ऐरवाकटरा, कखावतू, मधूपुर समेत पांच गांवों में स्वास्थ्य टीमों को भेजा गया है। इन गांवों में 195 मरीजों का उपचार कर उन्हें दवाएं दीं गईं। साथ ही टीमों ने डेंगू के लक्षण वाले 45 मरीजों के एलाइजा के सैंपल लिए। जिन्हें जांच के लिए सैफई भेजा गया है।