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ओमिक्रॉन: पीईपी किट और दवाओं का रखना होगा पर्याप्त स्टाक
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औरैया। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी जिले में आधी अधूरी हैं। 16 लाख की आबादी वाले जिले में अभी करीब तीन लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ही नहीं लगी है। इसके अलावा विदेश से लौटे 51 लोगों में 14 का अता पता नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग अभी तक 11 लाख 82 हजार 858 लोगों का पहली और दूसरी डोज लगा दी हैै। 18 या इससे ऊपर उम्र के करीब तीन लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगना बाकी है। कोरोना की तीसरी लहर यदि आती है तो इन तीन लाख लोगों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है।
इसके अलावा, ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। विभाग के आंकड़ों की बात करें तो जिले में पिछले एक माह में अभी तक 51 लोग आ चुके हैं। इनमें 27 लोगों की ट्रैकिंग हो चुकी है। जिनकी विभाग निगरानी कर रहा है। ट्रेस किए गए 27 में 24 की जांच हुई है। जबकि 10 अन्य जनपदों के हैं, इनकी जानकारी संबंधित जिलों के अधिकारियों को दी गई है।
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वहीं, 14 ऐसे विदेशी हैं, जिन्होंने एयरपोर्ट पर अपने नाम, पते के साथ मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा दिए। इसकी वजह से विभाग इन्हें ट्रेस नहीं कर पा रहा है। यह 14 विदेशी यात्री स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं।
अपर सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि विदेश से लौटे जिन यात्रियों के बारे में पता नहीं चला है, उनकी जानकारी जिले में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और शासन को दी गई है। टीमें पता लगा रही हैं। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है, उनका टीकाकरण करने के लिए टीमें घर-घर जा रही हैं, जल्द ही छूटे हुए लोगों का भी टीकाकरण कराया जाएगा।
दवा विक्रेेताओं को पर्याप्त दवाएं और पीपीई किट रखने के निर्देश जारी
औरैया। कोरोना के बदले स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर लगातार तैयारियां चल रही हैं। औषधि प्रशासन विभाग ने केमिस्ट एसोसिएशन के साथ फुटकर व थोक दवा विक्रेताओं को कोरोना की दवाओं और पीपीई किट का पर्याप्त स्टाक रखने के निर्देश दिए हैं। ओमिक्रॉन को कोरोना के दूसरे स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों ने तो यहां तक दावा किया है कि ओमिक्रॉन कोरोना की तीसरी लहर ला सकता है।
ऐसे में जिले का स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट है। दवाओं के इंतजाम के साथ ही सरकारी व निजी अस्पतालों में संसाधनों की हकीकत परखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं। जबकि कुछ चिह्नित निजी अस्पतालों में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अजय कृष्णा न बताया कि दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह लोग कोरोना से जुड़ी दवाओं के साथ ही पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनीटर का पर्याप्त स्टाक रखें।
24 प्रशिक्षित डाक्टरों को लगाया गया
औरैया। ओमिक्रॉन संक्रमण से निपटने और बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। एल-टू और एल-वन प्लस हास्पिटलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं। इनमें 24 प्रशिक्षित डॉक्टरों को लगाया गया है। इसके साथ ही दो बाल रोग विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं।
जिले में बड़ी तादात में लोगों की विदेश से आवाजाही हुई है। देश में करीब 200 मरीज ओमिक्रॉन के पाए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 13 राज्यों में संक्रमण फैलने की बात कह रहा है। ऐसे में जिले में भी अलर्ट जारी है। इधर, सरकारी अस्पतालों में कोरोना जैसे लक्षणों वाले (खांसी, जुकाम, बुखार) के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इनकी जांच को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।
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स्वास्थ्य विभाग अभी तक 11 लाख 82 हजार 858 लोगों का पहली और दूसरी डोज लगा दी हैै। 18 या इससे ऊपर उम्र के करीब तीन लाख लोग ऐसे हैं जिन्हें वैक्सीन की पहली डोज लगना बाकी है। कोरोना की तीसरी लहर यदि आती है तो इन तीन लाख लोगों को सबसे ज्यादा खतरा हो सकता है।
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इसके अलावा, ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। विभाग के आंकड़ों की बात करें तो जिले में पिछले एक माह में अभी तक 51 लोग आ चुके हैं। इनमें 27 लोगों की ट्रैकिंग हो चुकी है। जिनकी विभाग निगरानी कर रहा है। ट्रेस किए गए 27 में 24 की जांच हुई है। जबकि 10 अन्य जनपदों के हैं, इनकी जानकारी संबंधित जिलों के अधिकारियों को दी गई है।
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वहीं, 14 ऐसे विदेशी हैं, जिन्होंने एयरपोर्ट पर अपने नाम, पते के साथ मोबाइल नंबर गलत दर्ज करा दिए। इसकी वजह से विभाग इन्हें ट्रेस नहीं कर पा रहा है। यह 14 विदेशी यात्री स्वास्थ्य विभाग के लिए मुसीबत बने हुए हैं।
अपर सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि विदेश से लौटे जिन यात्रियों के बारे में पता नहीं चला है, उनकी जानकारी जिले में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और शासन को दी गई है। टीमें पता लगा रही हैं। सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि जिन लोगों को वैक्सीन नहीं लगी है, उनका टीकाकरण करने के लिए टीमें घर-घर जा रही हैं, जल्द ही छूटे हुए लोगों का भी टीकाकरण कराया जाएगा।
दवा विक्रेेताओं को पर्याप्त दवाएं और पीपीई किट रखने के निर्देश जारी
औरैया। कोरोना के बदले स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर लगातार तैयारियां चल रही हैं। औषधि प्रशासन विभाग ने केमिस्ट एसोसिएशन के साथ फुटकर व थोक दवा विक्रेताओं को कोरोना की दवाओं और पीपीई किट का पर्याप्त स्टाक रखने के निर्देश दिए हैं। ओमिक्रॉन को कोरोना के दूसरे स्ट्रेन से ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों ने तो यहां तक दावा किया है कि ओमिक्रॉन कोरोना की तीसरी लहर ला सकता है।
ऐसे में जिले का स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट है। दवाओं के इंतजाम के साथ ही सरकारी व निजी अस्पतालों में संसाधनों की हकीकत परखी जा रही है। सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा चुकी हैं। जबकि कुछ चिह्नित निजी अस्पतालों में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। औषधि निरीक्षक अजय कृष्णा न बताया कि दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह लोग कोरोना से जुड़ी दवाओं के साथ ही पीपीई किट, पल्स ऑक्सीमीटर, नेबुलाइजर, डिजिटल थर्मामीटर, ग्लूकोमीटर, बीपी मॉनीटर का पर्याप्त स्टाक रखें।
24 प्रशिक्षित डाक्टरों को लगाया गया
औरैया। ओमिक्रॉन संक्रमण से निपटने और बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली हैं। एल-टू और एल-वन प्लस हास्पिटलों में व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई हैं। इनमें 24 प्रशिक्षित डॉक्टरों को लगाया गया है। इसके साथ ही दो बाल रोग विशेषज्ञ भी तैनात किए गए हैं।
जिले में बड़ी तादात में लोगों की विदेश से आवाजाही हुई है। देश में करीब 200 मरीज ओमिक्रॉन के पाए जा चुके हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 13 राज्यों में संक्रमण फैलने की बात कह रहा है। ऐसे में जिले में भी अलर्ट जारी है। इधर, सरकारी अस्पतालों में कोरोना जैसे लक्षणों वाले (खांसी, जुकाम, बुखार) के मरीज भी बढ़ रहे हैं। इनकी जांच को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।