{"_id":"5e39bd438ebc3ee60d66c1aa","slug":"health-auraiya-news-knp5425442116","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंह, स्तन और बच्चेदानी के कैंसर पीड़ित सर्वाधिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुंह, स्तन और बच्चेदानी के कैंसर पीड़ित सर्वाधिक
विज्ञापन
औरैया। विश्व कैंसर दिवस पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर कैंसर के बढ़ते प्रकोप एवं रोकथाम पर चर्चा करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक ने कहा आज के दौर में तेजी से मुख कैंसर की चपेट में लोग आ रहे हैं। मुख व गले के कैंसर का प्रमुख कारण बीड़ी, सिगरेट व तंबाकू है।
डॉ. अशोक ने कहा की कैंसर की बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विश्वभर में 4 फरवरी का दिन कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके पीछे कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य रहता है। इस साल कैंसर दिवस का थीम (मैं हूं और मैं करूंगा) रखा गया है।
गैर संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सभी महिलाओं को पांच वर्ष में कम से कम एक बार जांच अवश्य करानी चाहिए ताकि इससे प्रारम्भिक अवस्था में ही समय से जांच हो सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं में सबसे ज्यादा कैंसर स्तन या बच्चेदानी में पाया जाता है। बच्चेदानी में बढ़ने वाली इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते है वहीं स्तन कैंसर के कारणों में पहला बच्चा अधिक उम्र में होना, ऐसी महिलाएं जिन्होंने अपने बच्चे को कम स्तनपान कराया हो या बिलकुल भी नहीं कराया हो, अधिक वजन होना, शराब और तंबाकू का सेवन, ज्यादा उम्र में माहवारी बंद होना आदि है।
विज्ञापन
डॉ. पुरी ने कहा कि सभी प्रकार के कैंसर में तंबाकू की भूमिका अहम है। कैंसर के अधिकतर मामले हमारे गलत जीवन शैली के कारण सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू, पान मसाला, सुपारी, बीड़ी, सिगरेट आदि का प्रयोग न करें। गोष्ठी में डीसीपीएम अजय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य लोग उपस्थित रहे।
विज्ञापन
डॉ. अशोक ने कहा की कैंसर की बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से विश्वभर में 4 फरवरी का दिन कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके पीछे कैंसर के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य रहता है। इस साल कैंसर दिवस का थीम (मैं हूं और मैं करूंगा) रखा गया है।
विज्ञापन
गैर संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र की सभी महिलाओं को पांच वर्ष में कम से कम एक बार जांच अवश्य करानी चाहिए ताकि इससे प्रारम्भिक अवस्था में ही समय से जांच हो सके। उन्होंने बताया कि महिलाओं में सबसे ज्यादा कैंसर स्तन या बच्चेदानी में पाया जाता है। बच्चेदानी में बढ़ने वाली इस बीमारी के पीछे कई कारण हो सकते है वहीं स्तन कैंसर के कारणों में पहला बच्चा अधिक उम्र में होना, ऐसी महिलाएं जिन्होंने अपने बच्चे को कम स्तनपान कराया हो या बिलकुल भी नहीं कराया हो, अधिक वजन होना, शराब और तंबाकू का सेवन, ज्यादा उम्र में माहवारी बंद होना आदि है।
विज्ञापन
डॉ. पुरी ने कहा कि सभी प्रकार के कैंसर में तंबाकू की भूमिका अहम है। कैंसर के अधिकतर मामले हमारे गलत जीवन शैली के कारण सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू, पान मसाला, सुपारी, बीड़ी, सिगरेट आदि का प्रयोग न करें। गोष्ठी में डीसीपीएम अजय, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य लोग उपस्थित रहे।