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Auraiya News: हेल्थ एटीएम- महज कुछ दिन ही मिला लाभ
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-चार माह में हो सकीं सिर्फ तीन सौ जांचें
फोटो 25एयूआरपी 39- हेल्थ एटीएम कक्ष में मौजूद मशीन व पसरा सन्नाटा। संवाद
-अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से 100 शैया युक्त जिला अस्पताल को दान में दी गई थी मशीन
हृतिक मिश्रा
औरैया। दिसंबर 2022 को अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से दी गई हेल्थ एटीएम मशीन का लाभ अधिकांश लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिससे मशीन सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। सूत्रों की माने तो अस्पताल प्रशासन को दी गई निशुल्क किट खत्म हो जाने के बाद से किट की उपलब्धता न हो पाने से बीच में काफी दिनों तक मशीन बंद रही। जिससे अब तक महज तीन सैकड़ा लोगों को इसका लाभ मिल पा रहा है। इससे मरीजों को कई जांचों के लिए अस्पताल के बाहर पैथोलॉजी पर जेब हल्की करनी पड़ रही है।
100 शैया युक्त जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के लिए डॉक्टरों और पैथोलॉजी के चक्कर न लगाने पड़े। इसके लिए दिसंबर 2022 में अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से हेल्थ एटीएम मशीन दान की गई थी। मशीन के संचालन के लिए रेडक्रास के बजट से किट भी उपलब्ध कराई गई थीं। मशीन मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे सीटी स्कैन कक्ष के सामने वाले कक्ष में स्थापित कर शुभारंभ कर दिया। इस मशीन से मरीजों को 50 से अधिक जांचों की सुविधा मिली। कुछ दिनों में ही मौजूद कार्ड के प्रयोग होने के बाद से मशीन से जांच की सुविधा बंद कर दी गई। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को खून की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी के बाहर घंटों लाइन लगाई पड़ रही है। इसके साथ ही अलग-अलग रोगों के हिसाब से अलग-अलग जांचें करवाने से जेब पर भी बोझ पड़ रहा है।
सूत्रों की माने तो हेल्थ एटीएम मशीन के साथ रेडक्रास सोसाइटी के बजट से जांच की किट दी गईं थी, उन किटों के खत्म होने के बाद अस्पताल अपने बजट से नहीं बल्कि रेडक्रास सोसाइटी के बजट से फिर किट उपलब्ध होने की उम्मीद लगाए बैठा है। जिससे जांचों के लिए मरीजों को अस्पताल के बाहर पैथोलॉजी तक की दौड़ लगाानी पड़ रही है।
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मशीन से की जाने वाली जांचे-- -
मशीन के शुरू होने पर मरीजों को ऊंचाई, वजन, बीएमआई, हाईड्रेशन, बॉडी मास, मसल्स, क्वालिटी स्कोर, शरीर में वसा का अनुपात, बोन मास, डायस्टोलिक बीपी, टाइफाइड, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, यूरिन पैरामीटर, शुगर समेत 50 जांच शामिल हैं।
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सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच में परेशानी
- जिले में मातृत्व योजना के तहत होने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच में अल्ट्रासाउंड को छोड़कर बांकी सभी जांचे इसी मशीन से आसानी से हो जाती थीं। जिससे गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता था। जांच न हो पाने से उन्हें अब पैथोलॉजी में जाकर अपनी जांचें करवानी पड़ रहीं हैं।
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बोले जिम्मेदार-- -
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि कार्ड के लिए मांग पत्र भेजा जा चुका है। कार्ड मिलते ही मरीजों को हेल्थ एटीएम की सुविधा दी जानी शुरू कर दी जाएगी।
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फोटो 25एयूआरपी 39- हेल्थ एटीएम कक्ष में मौजूद मशीन व पसरा सन्नाटा। संवाद
-अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से 100 शैया युक्त जिला अस्पताल को दान में दी गई थी मशीन
हृतिक मिश्रा
औरैया। दिसंबर 2022 को अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से दी गई हेल्थ एटीएम मशीन का लाभ अधिकांश लोगों को नहीं मिल पा रहा है। जिससे मशीन सिर्फ दिखावा साबित हो रही है। सूत्रों की माने तो अस्पताल प्रशासन को दी गई निशुल्क किट खत्म हो जाने के बाद से किट की उपलब्धता न हो पाने से बीच में काफी दिनों तक मशीन बंद रही। जिससे अब तक महज तीन सैकड़ा लोगों को इसका लाभ मिल पा रहा है। इससे मरीजों को कई जांचों के लिए अस्पताल के बाहर पैथोलॉजी पर जेब हल्की करनी पड़ रही है।
100 शैया युक्त जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को जांच के लिए डॉक्टरों और पैथोलॉजी के चक्कर न लगाने पड़े। इसके लिए दिसंबर 2022 में अल्ट्रा साउंड एसोसिएशन की ओर से हेल्थ एटीएम मशीन दान की गई थी। मशीन के संचालन के लिए रेडक्रास के बजट से किट भी उपलब्ध कराई गई थीं। मशीन मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इसे सीटी स्कैन कक्ष के सामने वाले कक्ष में स्थापित कर शुभारंभ कर दिया। इस मशीन से मरीजों को 50 से अधिक जांचों की सुविधा मिली। कुछ दिनों में ही मौजूद कार्ड के प्रयोग होने के बाद से मशीन से जांच की सुविधा बंद कर दी गई। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को खून की जांच कराने के लिए पैथोलॉजी के बाहर घंटों लाइन लगाई पड़ रही है। इसके साथ ही अलग-अलग रोगों के हिसाब से अलग-अलग जांचें करवाने से जेब पर भी बोझ पड़ रहा है।
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सूत्रों की माने तो हेल्थ एटीएम मशीन के साथ रेडक्रास सोसाइटी के बजट से जांच की किट दी गईं थी, उन किटों के खत्म होने के बाद अस्पताल अपने बजट से नहीं बल्कि रेडक्रास सोसाइटी के बजट से फिर किट उपलब्ध होने की उम्मीद लगाए बैठा है। जिससे जांचों के लिए मरीजों को अस्पताल के बाहर पैथोलॉजी तक की दौड़ लगाानी पड़ रही है।
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मशीन से की जाने वाली जांचे
मशीन के शुरू होने पर मरीजों को ऊंचाई, वजन, बीएमआई, हाईड्रेशन, बॉडी मास, मसल्स, क्वालिटी स्कोर, शरीर में वसा का अनुपात, बोन मास, डायस्टोलिक बीपी, टाइफाइड, गर्भावस्था, डेंगू, मलेरिया, यूरिन पैरामीटर, शुगर समेत 50 जांच शामिल हैं।
सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाओं की जांच में परेशानी
- जिले में मातृत्व योजना के तहत होने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच में अल्ट्रासाउंड को छोड़कर बांकी सभी जांचे इसी मशीन से आसानी से हो जाती थीं। जिससे गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता था। जांच न हो पाने से उन्हें अब पैथोलॉजी में जाकर अपनी जांचें करवानी पड़ रहीं हैं।
बोले जिम्मेदार
सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव ने बताया कि कार्ड के लिए मांग पत्र भेजा जा चुका है। कार्ड मिलते ही मरीजों को हेल्थ एटीएम की सुविधा दी जानी शुरू कर दी जाएगी।