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Auraiya News: आजीविका गारंटी मिशन में जारी होंगे गारंटी कार्ड
Thu, 02 Jul 2026 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:05 AM IST
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फोटो-20- जानकारी देते डीसी रामदुलार।संवाद
बिधूना। केंद्र सरकार ने एक जुलाई से विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) लागू कर दिया है। नई योजना में अब ग्रामीण श्रमिकों को विकसित भारत गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब पात्र परिवारों को वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। मजदूरी दर में भी बढ़ोतरी करते हुए 252 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। मजदूरी का भुगतान कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो पात्र श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
डीसी मनरेगा रामदुलार ने बताया कि एक जुलाई से योजना लागू है, लेकिन विभागीय पोर्टल अपडेट होने से पहले दिन कार्य शुरू नहीं हो सके। दो जुलाई से कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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योजना में 60 दिन का लीड पीरियड निर्धारित किया गया है। इससे खेती के समय किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े। वहीं, किसी भी विकास कार्य को शुरू करने के लिए कम से कम 10 श्रमिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
उन्होंने बताया कि नई योजना को ग्राम पंचायतों की कार्य योजनाओं व पीएम गति शक्ति से जोड़ा गया है। इसके तहत कार्यों की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। सभी श्रमिकों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी और एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
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नई व्यवस्था के तहत अब पात्र परिवारों को वर्ष में 100 दिन के स्थान पर 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी। मजदूरी दर में भी बढ़ोतरी करते हुए 252 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। मजदूरी का भुगतान कार्य पूरा होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो पात्र श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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डीसी मनरेगा रामदुलार ने बताया कि एक जुलाई से योजना लागू है, लेकिन विभागीय पोर्टल अपडेट होने से पहले दिन कार्य शुरू नहीं हो सके। दो जुलाई से कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
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योजना में 60 दिन का लीड पीरियड निर्धारित किया गया है। इससे खेती के समय किसानों को मजदूरों की कमी का सामना न करना पड़े। वहीं, किसी भी विकास कार्य को शुरू करने के लिए कम से कम 10 श्रमिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
उन्होंने बताया कि नई योजना को ग्राम पंचायतों की कार्य योजनाओं व पीएम गति शक्ति से जोड़ा गया है। इसके तहत कार्यों की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। सभी श्रमिकों की बायोमीट्रिक उपस्थिति दर्ज होगी और एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।