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Auraiya News: डॉक्टरों की कमी से कराह रहे सरकारी अस्पताल, मरीज बेहाल

Fri, 10 Oct 2025 11:09 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Fri, 10 Oct 2025 11:09 PM IST
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Government hospitals are suffering due to shortage of doctors, patients are suffering.
फोटो-10एयूआरपी 05- मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग। संवाद
औरैया। लगातार जिले की आबादी बढ़ रही है लेकिन सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की संख्या में इजाफा नहीं हो रहा है। आबादी के हिसाब से डॉक्टरों की कमी खल रही है। औरैया जिले की बात करें तो यहां पर मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में 150 डॉक्टरों की जरूरत है पर महज 78 डॉक्टर ही तैनात है। स्वीकृत के मुकाबले डॉक्टरों के आधे पद रिक्त हैं। इससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों की कमी को लेकर लगातार शासन को डिमांड भेजी है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार एक हजार की जनसंख्या पर एक डॉक्टर होना चाहिए। यह अंतरराष्ट्रीय मानक है। मानक के अनुसार अगर डॉक्टर मिल जाए तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस मानक के अनुसार अगर हम औरैया की बात करें तो यहां पर इस समय करीब 14 लाख की आबादी है। ऐसे में एक हजार की आबादी के हिसाब से 1400 डॉक्टर होने चाहिए लेकिन स्वास्थ्य महकमे में इस समय मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल व सीएचसी में 150 पद डॉक्टरों के स्वीकृत हैं। इनके मुकाबले करीब 78 की तैनाती है। शेष पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं।
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सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी से मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। खास बात तो यह है कि मेडिकल कॉलेज की ओपीडी रोजाना दो हजार के पार जा रही है। वहीं, जिला अस्पताल में 500 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। कुछ ऐसा हाल सीएचसी का भी है। मरीजों की भीड़ उमड़ रही है लेकिन उन्हें इलाज के लिए डॉक्टर मिल नहीं रहे हैं। इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। तब कहीं जाकर उन्हें इलाज नसीब हो रहा है। गंभीर रोगियों को तो गैर जनपद की दौड़ लगानी पड़ रही है। सीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डॉक्टरों के रिक्त पदों को लेकर शासन में लगातार डिमांड भेजी जा रही है। धीरे-धीरे डॉक्टरों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षकों के 86 पद स्वीकृत है। इसके मुकाबले 35 की तैनाती हो सकी है। 51 पद रिक्त हैं। ऐसा ही हाल शहर के जिला अस्पताल का है। यहां पर स्वीकृत 22 पदों के मुकाबले नौ की तैनाती है। 13 डॉक्टरों की कमी है। सीएचसी की बात करें तो हर सीएचसी में डॉक्टरों के छह पद स्वीकृत हैं लेकिन इनके मुकाबले आधे से ज्यादा पद खाली हैं। दिबियापुर में तीन, बेला में दो, बिधूना में दो, अछ्ल्दा में तीन, एरवाकटरा में दो, सहार में दो व अजीतमल में दो पद रिक्त हैं।

फोटो-10एयूआरपी 05- मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग। संवाद

फोटो-10एयूआरपी 05- मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग। संवाद

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