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लेनदेन को लेकर हुई थी पूर्व फौजी की हत्या, दो गिरफ्तार
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औरैया। बेला थाना क्षेत्र के गांव महू निवासी पूर्व फौजी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की है। पुलिस ने बताया कि लेनदेन के विवाद में घटना को अंजाम दिया गया था।
गांव महू निवासी पूर्व फौजी मनोज सिंह का मंगलवार सुबह गांव के बाहर रक्तरंजित शव मिला था। मृतक के भाई आमोद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गांव निवासी निवर्तमान प्रधान सुमित सिंह, गुरुदयाल, राजेश सिंह, अंजू तिवारी व अमरीश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान गांव महू निवासी मोहन सिंह सेंगर व दुबहा थाना बेला निवासी मोहम्मद नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंची।
मोहन ने बताया कि उसने मनोज से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। वह रुपये वापस मांग रहा था। इसी को लेकर उसने सोमवार रात मनोज सिंह को फोन करके मुर्गी फार्म पर बुलाया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई। मोहन और नौशाद ने मिल कर उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतक की चेन, टूटा मोबाइल व चप्पल भी बरामद की है।
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निवर्तमान प्रधान को बचाने का प्रयास तो नहीं
घटना से 10 दिन पहले निवर्तमान प्रधान सुमित सिंह, रणदीप सिंह, गुरुदयाल, राजेश सिंह के खिलाफ मनोज को धमकाने का मामला दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस की ओर से किए गए खुलासे में छेद ही छेद नजर आ रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि निवर्तमान प्रधान को बचाने के लिए पुलिस ने तानाबाना बुनकर 24 घंटे में खुलासा कर वाहवाही लूूटने का काम किया है। हालांकि एसपी अपर्णा गौतम का कहना है कि इस घटना में जो भी पांच लोग नामजद हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। (संवाद)
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गांव महू निवासी पूर्व फौजी मनोज सिंह का मंगलवार सुबह गांव के बाहर रक्तरंजित शव मिला था। मृतक के भाई आमोद सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गांव निवासी निवर्तमान प्रधान सुमित सिंह, गुरुदयाल, राजेश सिंह, अंजू तिवारी व अमरीश के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच के दौरान गांव महू निवासी मोहन सिंह सेंगर व दुबहा थाना बेला निवासी मोहम्मद नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से हत्यारोपियों तक पुलिस पहुंची।
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मोहन ने बताया कि उसने मनोज से 50 हजार रुपये उधार लिए थे। वह रुपये वापस मांग रहा था। इसी को लेकर उसने सोमवार रात मनोज सिंह को फोन करके मुर्गी फार्म पर बुलाया। वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई। मोहन और नौशाद ने मिल कर उसकी कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने मृतक की चेन, टूटा मोबाइल व चप्पल भी बरामद की है।
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निवर्तमान प्रधान को बचाने का प्रयास तो नहीं
घटना से 10 दिन पहले निवर्तमान प्रधान सुमित सिंह, रणदीप सिंह, गुरुदयाल, राजेश सिंह के खिलाफ मनोज को धमकाने का मामला दर्ज किया गया था। इसमें पुलिस की ओर से किए गए खुलासे में छेद ही छेद नजर आ रहे हैं। लोगों में चर्चा है कि निवर्तमान प्रधान को बचाने के लिए पुलिस ने तानाबाना बुनकर 24 घंटे में खुलासा कर वाहवाही लूूटने का काम किया है। हालांकि एसपी अपर्णा गौतम का कहना है कि इस घटना में जो भी पांच लोग नामजद हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। (संवाद)