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Auraiya News: एक कमरे में चल रहीं पांच कक्षाएं और आंगनबाड़ी केंद्र
Sun, 03 Aug 2025 12:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:01 AM IST
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डहारियापुर स्कूल में एकल कक्ष में बैठे बच्चे।
- फोटो : बाढ़ की तबाही से अनजान पानी में पड़े तख्त पर खेलते बच्चे व मौजूद ग्रामीण।
बिधूना। परिषदीय विद्यालयों को कॉन्वेंट स्कूलों से बेहतर माहौल देने के दावे डहारियापुर स्कूल में खोखले साबित हो रहे हैं।
यहां के प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत फरवरी 2024 में ढहा दी गई थी। तब से एक कक्ष में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं चल रहीं, और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहा। इससे शिक्षण कार्य में व्यवधान रहता है।
डहारियापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में कुल 32 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा एक में छह, कक्षा दो में पांच, कक्षा तीन में दो, कक्षा चार में 14 और कक्षा पांच में छह छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें भी शनिवार को 15 छात्र ही स्कूल पहुंचे। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के आसपास गंदगी व रास्ते में जलभराव के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
बताया गया कि विद्यालय का पुराना भवन पिछले वर्ष फरवरी में जर्जर होने के कारण गिरा दिया गया था। डेढ़ साल बीतने के बाद भी उसका मलबा अब तक स्कूल परिसर से नहीं हटाया गया है। इससे न केवल बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है, बल्कि स्कूल की साफ-सफाई और सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय की बाउंड्रीवाॅल भी टूटी हुई है। इससे अन्ना मवेशी परिसर में बेरोक-टोक घुस आते हैं।
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प्रधानाचार्य सरोज कुमारी अवकाश पर हैं। सहायक अध्यापक दीप्ति व शिक्षा मित्र साहब सिंह ने बताया कि पुराना भवन गिराने के बाद से सभी कक्षाओं को एक ही कमरे में संचालित किया जा रहा है। कई बार प्रधान व खंड शिक्षा अधिकारी को मलबा हटाने और बाउंड्रीवॉल की मरम्मत के लिए सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
बीईओ अलकेश कुमार सकलेचा ने बताया कि डहारियापुर में पिछले वर्ष भवन तोड़ा गया था। मलबे की नीलामी होनी है। स्कूल में पड़े मलबे को एक दो दिन में हटवा दिया जाएगा। बताया कि एक कक्ष में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उसी में आंगनबाड़ी के बच्चे बैठते हैं। एक नया कक्ष बन रहा है। उसके बनने पर दोनों कक्षों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।
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यहां के प्राथमिक विद्यालय की जर्जर इमारत फरवरी 2024 में ढहा दी गई थी। तब से एक कक्ष में कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं चल रहीं, और आंगनबाड़ी केंद्र भी संचालित हो रहा। इससे शिक्षण कार्य में व्यवधान रहता है।
डहारियापुर गांव के प्राथमिक विद्यालय में कुल 32 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा एक में छह, कक्षा दो में पांच, कक्षा तीन में दो, कक्षा चार में 14 और कक्षा पांच में छह छात्र-छात्राएं शामिल हैं। इनमें भी शनिवार को 15 छात्र ही स्कूल पहुंचे। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल के आसपास गंदगी व रास्ते में जलभराव के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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बताया गया कि विद्यालय का पुराना भवन पिछले वर्ष फरवरी में जर्जर होने के कारण गिरा दिया गया था। डेढ़ साल बीतने के बाद भी उसका मलबा अब तक स्कूल परिसर से नहीं हटाया गया है। इससे न केवल बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होती है, बल्कि स्कूल की साफ-सफाई और सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। विद्यालय की बाउंड्रीवाॅल भी टूटी हुई है। इससे अन्ना मवेशी परिसर में बेरोक-टोक घुस आते हैं।
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प्रधानाचार्य सरोज कुमारी अवकाश पर हैं। सहायक अध्यापक दीप्ति व शिक्षा मित्र साहब सिंह ने बताया कि पुराना भवन गिराने के बाद से सभी कक्षाओं को एक ही कमरे में संचालित किया जा रहा है। कई बार प्रधान व खंड शिक्षा अधिकारी को मलबा हटाने और बाउंड्रीवॉल की मरम्मत के लिए सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
बीईओ अलकेश कुमार सकलेचा ने बताया कि डहारियापुर में पिछले वर्ष भवन तोड़ा गया था। मलबे की नीलामी होनी है। स्कूल में पड़े मलबे को एक दो दिन में हटवा दिया जाएगा। बताया कि एक कक्ष में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उसी में आंगनबाड़ी के बच्चे बैठते हैं। एक नया कक्ष बन रहा है। उसके बनने पर दोनों कक्षों में बच्चों के बैठने की व्यवस्था की जाएगी।