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कम आय पर पांच बस चालकों को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो औरैया।
Updated Wed, 22 Feb 2017 11:40 PM IST
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एआरएम हरिश्चंद्र वर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
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विधानसभा चुनाव में रोडवेज बसों के जाने से जिले के डिपो को रोज एक से डेढ़ लाख राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं कम आय लाने वाले पांच बसों के चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
औरैया रोडवेज डिपो में 81 बसों का संचालन है। जिसमें आधी बसें इन दिनों विधानसभा चुनाव में हैं वहीं 35 बसों से यात्रियों को सुविधाएं देकर राजस्व जुटाया जा रहा है। एआरएम हरिश्चंद्र वर्मा ने बताया कि हर रूट पर यात्रियों को सुविधा मुहैया कराने के लिए हैं। बसें कम होने के कारण इन दिनों अधिक सवारियां मिलनी चाहिए, लेकिन कुछ बसों में सवारियां कम आने से राजस्व में कमी देखने को मिल रही है। जिसके कारण 65 प्रतिशत से कम राजस्व देने वाले चालकों के खिलाफ विभाग ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली जैसे रूट पर भी चालक कम राजस्व दें रहे हैं। जबकि इन दिनों इन रूटों पर अधिक राजस्व आना चाहिए। एआरएम ने बताया कि 65 फीसदी से कम राजस्व देने वाले विपुल सक्सेना, विनोद कुमार समेत पांच चालकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। यदि वह संतुष्ट जवाब नहीं देते हैं और आय नहीं बढ़ाते हैं तो उनके स्थान पर अन्य चालकों को लगाया जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई होगी।
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अधिकारियों के आदेश मिलते ही कम आय लाने वाले चालकों के वेतन से कटौती भी की जा सकती है। एआरएम की मानें तो इन दिनों सहालग का समय है और सड़कों पर बसें भी कम हैं। ऐसे में हर बस में सवारियों की संख्या अधिक होनी चाहिए। लेकिन बढ़ने के बजाय आय कम हो रहीं हैं।
औरैया रोडवेज डिपो में 81 बसों का संचालन है। जिसमें आधी बसें इन दिनों विधानसभा चुनाव में हैं वहीं 35 बसों से यात्रियों को सुविधाएं देकर राजस्व जुटाया जा रहा है। एआरएम हरिश्चंद्र वर्मा ने बताया कि हर रूट पर यात्रियों को सुविधा मुहैया कराने के लिए हैं। बसें कम होने के कारण इन दिनों अधिक सवारियां मिलनी चाहिए, लेकिन कुछ बसों में सवारियां कम आने से राजस्व में कमी देखने को मिल रही है। जिसके कारण 65 प्रतिशत से कम राजस्व देने वाले चालकों के खिलाफ विभाग ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली जैसे रूट पर भी चालक कम राजस्व दें रहे हैं। जबकि इन दिनों इन रूटों पर अधिक राजस्व आना चाहिए। एआरएम ने बताया कि 65 फीसदी से कम राजस्व देने वाले विपुल सक्सेना, विनोद कुमार समेत पांच चालकों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। यदि वह संतुष्ट जवाब नहीं देते हैं और आय नहीं बढ़ाते हैं तो उनके स्थान पर अन्य चालकों को लगाया जाएगा। इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ अन्य कार्रवाई होगी।
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अधिकारियों के आदेश मिलते ही कम आय लाने वाले चालकों के वेतन से कटौती भी की जा सकती है। एआरएम की मानें तो इन दिनों सहालग का समय है और सड़कों पर बसें भी कम हैं। ऐसे में हर बस में सवारियों की संख्या अधिक होनी चाहिए। लेकिन बढ़ने के बजाय आय कम हो रहीं हैं।