{"_id":"6a29b49bf29f31f27401ea47","slug":"fir-registered-against-four-people-including-former-mlc-kamlesh-pathak-for-encroaching-upon-a-plot-auraiya-news-c-12-1-knp1098-1553162-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत चार पर प्लाॅट कब्जाने की प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत चार पर प्लाॅट कब्जाने की प्राथमिकी
Thu, 11 Jun 2026 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:31 AM IST
विज्ञापन
औरैया। रसूख के बल पर जमीन हड़पने के मामले में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के खौफ और दबदबे के कारण एक पीड़ित करीब 35 साल तक अपनी ही जमीन के लिए भटकता रहा।
वह पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। अब जब अदालत से पूर्व एमएलसी को सजा हो चुकी है तब पीड़ित ने कोतवाली पुलिस में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत चार व अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मूल रूप से इटावा के ग्राम जसरौरा हाल निवासी करमगंज कोतवाली जनपद इटावा के रहने वाले मदन गोपाल स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करते थे। औरैया में ससुराल है। उन्होंने बताया कि 23 मई 1977 को उन्होंने आैरैया के गांव खानपुर के गाटा संख्या 60 में अमजद खां उर्फ घसीट खां से दो प्लॉट खरीदे थे। इनमें से एक प्लॉट उनके नाम और दूसरा उनकी पत्नी शकुंतला देवी के नाम पर था।
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद अस्वस्थ रहने और सड़क हादसे में घायल होने के कारण वे लंबे समय तक अपने प्लॉटों की देखरेख करने नहीं आ सके। हाल ही में जब वह अपनी जमीन देखने औरैया पहुंचे तो वहां उनके प्लॉट पर बने कमरे की दीवार पर लाल रंग से लिखा था...मकान किराये पर खाली है। साथ ही वहां दो मोबाइल नंबर और मालिक के रूप में शाहिद सुल्तान शेख का नाम लिखा था।
विज्ञापन
जानकारी करने पर पता चला कि खानपुर निवासी अब्दुल सत्तार उर्फ सत्तार अहमद ने 17 जुलाई 1991 के एक कथित मुख्तारनामे (पावर ऑफ अटॉर्नी) का सहारा लेकर, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की शह पर प्लॉट पर कब्जा कर लिया है। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि अब्दुल सत्तार उर्फ सत्तार अहमद, शाहिद सुल्तान शेख, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, शाहिद का बेटा अन्य के लिए खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर की गई है।
-- -- -- -
कमलेश पाठक की सजा की खबर सुनकर आई हिम्मत
औरैया। बुधवार को हुई रिपोर्ट में पीडि़त ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि आरोपी अब्दुल सत्तार उन्हें लगातार पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के नाम और रसूख की धौंस देता था।
कमलेश पाठक के भारी दबदबे के कारण पीड़ित में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह थाने जाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सके, लेकिन हाल ही में जब अखबारों के माध्यम से उन्हें पता चला कि पूर्व एमएलसी को कोर्ट से सजा हो गई है, तब जाकर उन्होंने पुलिस के पास आने की हिम्मत जुटाई।
उधर, करीब तीन माह पहले बटन कारोबारी राजेश की तहरी पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व अब्दुल सत्तार समेत अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में पूर्व एमएलसी समेत सब्दुल सत्तार को हाईकोर्ट से राहत मिली और करीब चार दिन पहले अब्दुल सत्तार जेल से रिहा हो गए। हालांकि पूर्व एमएलसी पुराने मामले में बाहर नहीं आ सके।
-- --
ब्राह्मण होने की सजा दी जा रही है। वर्तमान सरकार अभूतपूर्व कार्रवाई कर रही है। वादी मुकदमा को जानते नहीं है, जेल से बाहर न आए इस वजह से यह सब मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।-
तिलक राज पाठक-बेटा
विज्ञापन
वह पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका। अब जब अदालत से पूर्व एमएलसी को सजा हो चुकी है तब पीड़ित ने कोतवाली पुलिस में पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक समेत चार व अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मूल रूप से इटावा के ग्राम जसरौरा हाल निवासी करमगंज कोतवाली जनपद इटावा के रहने वाले मदन गोपाल स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करते थे। औरैया में ससुराल है। उन्होंने बताया कि 23 मई 1977 को उन्होंने आैरैया के गांव खानपुर के गाटा संख्या 60 में अमजद खां उर्फ घसीट खां से दो प्लॉट खरीदे थे। इनमें से एक प्लॉट उनके नाम और दूसरा उनकी पत्नी शकुंतला देवी के नाम पर था।
विज्ञापन
स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्ति के बाद अस्वस्थ रहने और सड़क हादसे में घायल होने के कारण वे लंबे समय तक अपने प्लॉटों की देखरेख करने नहीं आ सके। हाल ही में जब वह अपनी जमीन देखने औरैया पहुंचे तो वहां उनके प्लॉट पर बने कमरे की दीवार पर लाल रंग से लिखा था...मकान किराये पर खाली है। साथ ही वहां दो मोबाइल नंबर और मालिक के रूप में शाहिद सुल्तान शेख का नाम लिखा था।
विज्ञापन
जानकारी करने पर पता चला कि खानपुर निवासी अब्दुल सत्तार उर्फ सत्तार अहमद ने 17 जुलाई 1991 के एक कथित मुख्तारनामे (पावर ऑफ अटॉर्नी) का सहारा लेकर, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की शह पर प्लॉट पर कब्जा कर लिया है। कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि अब्दुल सत्तार उर्फ सत्तार अहमद, शाहिद सुल्तान शेख, पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक, शाहिद का बेटा अन्य के लिए खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर की गई है।
कमलेश पाठक की सजा की खबर सुनकर आई हिम्मत
औरैया। बुधवार को हुई रिपोर्ट में पीडि़त ने पुलिस को दी तहरीर में लिखा है कि आरोपी अब्दुल सत्तार उन्हें लगातार पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक के नाम और रसूख की धौंस देता था।
कमलेश पाठक के भारी दबदबे के कारण पीड़ित में इतनी हिम्मत नहीं थी कि वह थाने जाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सके, लेकिन हाल ही में जब अखबारों के माध्यम से उन्हें पता चला कि पूर्व एमएलसी को कोर्ट से सजा हो गई है, तब जाकर उन्होंने पुलिस के पास आने की हिम्मत जुटाई।
उधर, करीब तीन माह पहले बटन कारोबारी राजेश की तहरी पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व अब्दुल सत्तार समेत अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में पूर्व एमएलसी समेत सब्दुल सत्तार को हाईकोर्ट से राहत मिली और करीब चार दिन पहले अब्दुल सत्तार जेल से रिहा हो गए। हालांकि पूर्व एमएलसी पुराने मामले में बाहर नहीं आ सके।
ब्राह्मण होने की सजा दी जा रही है। वर्तमान सरकार अभूतपूर्व कार्रवाई कर रही है। वादी मुकदमा को जानते नहीं है, जेल से बाहर न आए इस वजह से यह सब मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।-
तिलक राज पाठक-बेटा