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Auraiya News: फर्जी वरासत दर्ज कर जमीन का बैनामा करने में चार पर प्राथमिकी
Wed, 11 Mar 2026 11:52 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:52 PM IST
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बिधूना (औरैया)। तहसील में फर्जी तरीके से वरासत दर्ज कर जमीन बेचने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई की है। जांच में लापरवाही पाए जाने पर क्षेत्रीय लेखपाल को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
मामले में विक्रेता, क्रेता व गवाह अधिवक्ता समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बेला थाना क्षेत्र गांव रायपुर कैथावा निवासी संजय सिंह सेंगर ने डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता स्वर्गीय धीरेंद्र सिंह के नाम 0.348 हेक्टेयर भूमि मौजा कैथावा में दर्ज थी।
पिता की मृत्यु के बाद भूमि पर उनकी मां, भाई और उनके नाम वरासत दर्ज नहीं हो सकी थी। शिकायत में कहा गया कि इसी का लाभ उठाकर कैथावा निवासी व हाल निवासी कृष्ण विहार सुल्तानपुरी दिल्ली की सुमन देवी ने स्वयं को धीरेंद्र सिंह की पुत्री बताकर कथित रूप से क्षेत्रीय लेखपाल से साठगांठ कर वरासत दर्ज करा ली।
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आरोप है कि वरासत दर्ज होने के अगले ही दिन भूमि का बैनामा कैथावा निवासी अक्षय प्रताप सिंह के नाम कर दिया गया। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अक्षय प्रताप सिंह के भाई अभय प्रताप सिंह व अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बैनामा में न केवल गवाह हैं, बल्कि पूरे षड्यंत्र में शामिल हैं। इस पर डीएम के निर्देश पर मामले की जांच एसडीएम गरिमा सोनकिया को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान वरासत दर्ज करने में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर एसडीएम ने कैथावा क्षेत्र के लेखपाल सुरजीत सिंह को छह मार्च को निलंबित कर दिया था। वहीं, अब संजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सुमन देवी (विक्रेता), अक्षय प्रताप सिंह (क्रेता), अभय प्रताप सिंह और अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर फर्जी वरासत दर्ज कराकर भूमि का बैनामा करा लिया। इससे पीड़ित को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कोतवाली प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि फर्जी वरासत मामले में उच्चाधिकारियों से मिली जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मामले में विक्रेता, क्रेता व गवाह अधिवक्ता समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बेला थाना क्षेत्र गांव रायपुर कैथावा निवासी संजय सिंह सेंगर ने डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उनके पिता स्वर्गीय धीरेंद्र सिंह के नाम 0.348 हेक्टेयर भूमि मौजा कैथावा में दर्ज थी।
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पिता की मृत्यु के बाद भूमि पर उनकी मां, भाई और उनके नाम वरासत दर्ज नहीं हो सकी थी। शिकायत में कहा गया कि इसी का लाभ उठाकर कैथावा निवासी व हाल निवासी कृष्ण विहार सुल्तानपुरी दिल्ली की सुमन देवी ने स्वयं को धीरेंद्र सिंह की पुत्री बताकर कथित रूप से क्षेत्रीय लेखपाल से साठगांठ कर वरासत दर्ज करा ली।
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आरोप है कि वरासत दर्ज होने के अगले ही दिन भूमि का बैनामा कैथावा निवासी अक्षय प्रताप सिंह के नाम कर दिया गया। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि अक्षय प्रताप सिंह के भाई अभय प्रताप सिंह व अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव बैनामा में न केवल गवाह हैं, बल्कि पूरे षड्यंत्र में शामिल हैं। इस पर डीएम के निर्देश पर मामले की जांच एसडीएम गरिमा सोनकिया को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान वरासत दर्ज करने में लापरवाही और अनियमितता पाए जाने पर एसडीएम ने कैथावा क्षेत्र के लेखपाल सुरजीत सिंह को छह मार्च को निलंबित कर दिया था। वहीं, अब संजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने सुमन देवी (विक्रेता), अक्षय प्रताप सिंह (क्रेता), अभय प्रताप सिंह और अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर फर्जी वरासत दर्ज कराकर भूमि का बैनामा करा लिया। इससे पीड़ित को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कोतवाली प्रभारी मुकेश बाबू चौहान ने बताया कि फर्जी वरासत मामले में उच्चाधिकारियों से मिली जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।