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Auraiya News: विधानसभा दिबियापुर में बड़े नेताओं के न आने से नहीं दिख रहा चुनावी जोश
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दिबियापुर। लोकसभा चुनाव में मतदान के मात्र 13 दिन रह गए हैं। इसके बावजूद अभी तक दिबियापुर विधानसभा में कोई बड़ा नेता न आने से स्थानीय लोगों में चुनावी जोश दिखाई नहीं दे रहा है। मतदाताओं में नीरसता से यहां का चुनावी माहौल गर्म नहीं हो रहा है।
दिबियापुर विधानसभा में अभी तक चुनाव की कमान स्थानीय नेताओं के हवाले है जबकि दो दिन पहले औरैया एवं बिधूना विधानसभा में बड़े नेताओं के आने से चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। इटावा लोकसभा में जिले की औरैया और दिबियापुर विधानसभा का क्षेत्र पड़ता है जबकि कन्नौज लोकसभा में जिले की बिधूना विधानसभा का क्षेत्र पड़ता है।
लोकसभा इटावा एवं कन्नौज लोकसभा से विभिन्न प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन करा चुके हैं। इटावा लोकसभा से भाजपा के निवर्तमान सांसद डाॅ.रामशंकर कठेरिया, सपा से जितेंद्र दोहरे एवं बसपा से हाथरस की पूर्व सांसद सारिका सिंह नामांकन करा चुकी हैं। यहां पिछले दो बार हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिल चुकी है। भाजपा यहां हैट्रिक लगाने को बेताब है।
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वर्तमान में भाजपा के डाॅ.रामशंकर कठेरिया इटावा के सांसद हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की गृह जनपद की सीट होने के कारण सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस सीट को दोबारा पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। वहीं बसपा से घोषित प्रत्याशी सारिका सिंह का इटावा के ढोकरन टोला में मायका होने के कारण वह जीत के लिए जोर लगाए हैं। यहां वर्ष 1991 में बसपा के संस्थापक स्व. कांशीराम ने जीत दर्ज की थी।
बसपाइयों को आशा है कि इस बार फिर से कमाल हो सकता है। इधर, कन्नौज लोकसभा सीट पर सपा मुखिया अखिलेश यादव के मैदान में आने से चुनाव खासा रोमांचक हो गया है। इस सीट पर पिछले चुनाव में भाजपा के सुब्रत पाठक चुनाव जीते थे। वह इस बार भी मैदान में हैं। दोनों सीटों पर चुनाव खासा रोमांचक होने के बावजूद दिबियापुर विधानसभा में अभी तक किसी बड़े नेता की जनसभा नहीं हुई है।
इससे दिबियापुर विधानसभा के मतदाताओं में नीरसता है जबकि दो दिन पहले इटावा लोकसभा सीट के अजीतमल में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा कर चुके हैं। वहीं कन्नौज लोकसभा सीट के बिधूना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव रोड शो करके जनसभा कर चुके हैं।
इंसेट-- --
बहुत कम अंतर से दिबियापुर विधानसभा में हुई थी भाजपा की हार
दिबियापुर। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुत थोड़े अंतर से भाजपा प्रत्याशी पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को हार का मुंह देखना पड़ा था। यहां सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद प्रदीप यादव को 80865 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को 80392 मत मिले थे। राजनीतिक जानकारों की माने तो दिबियापुर विधानसभा के लिए विभिन्न दलों के बड़े नेताओं की अनदेखी से मतदान प्रतिशत कम हो सकता है। वहीं जीत हार के आंकड़े भी गड़बड़ा सकते हैं।
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दिबियापुर विधानसभा में अभी तक चुनाव की कमान स्थानीय नेताओं के हवाले है जबकि दो दिन पहले औरैया एवं बिधूना विधानसभा में बड़े नेताओं के आने से चुनावी हलचल तेज हो चुकी है। इटावा लोकसभा में जिले की औरैया और दिबियापुर विधानसभा का क्षेत्र पड़ता है जबकि कन्नौज लोकसभा में जिले की बिधूना विधानसभा का क्षेत्र पड़ता है।
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लोकसभा इटावा एवं कन्नौज लोकसभा से विभिन्न प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने नामांकन करा चुके हैं। इटावा लोकसभा से भाजपा के निवर्तमान सांसद डाॅ.रामशंकर कठेरिया, सपा से जितेंद्र दोहरे एवं बसपा से हाथरस की पूर्व सांसद सारिका सिंह नामांकन करा चुकी हैं। यहां पिछले दो बार हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिल चुकी है। भाजपा यहां हैट्रिक लगाने को बेताब है।
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वर्तमान में भाजपा के डाॅ.रामशंकर कठेरिया इटावा के सांसद हैं। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की गृह जनपद की सीट होने के कारण सपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस सीट को दोबारा पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। वहीं बसपा से घोषित प्रत्याशी सारिका सिंह का इटावा के ढोकरन टोला में मायका होने के कारण वह जीत के लिए जोर लगाए हैं। यहां वर्ष 1991 में बसपा के संस्थापक स्व. कांशीराम ने जीत दर्ज की थी।
बसपाइयों को आशा है कि इस बार फिर से कमाल हो सकता है। इधर, कन्नौज लोकसभा सीट पर सपा मुखिया अखिलेश यादव के मैदान में आने से चुनाव खासा रोमांचक हो गया है। इस सीट पर पिछले चुनाव में भाजपा के सुब्रत पाठक चुनाव जीते थे। वह इस बार भी मैदान में हैं। दोनों सीटों पर चुनाव खासा रोमांचक होने के बावजूद दिबियापुर विधानसभा में अभी तक किसी बड़े नेता की जनसभा नहीं हुई है।
इससे दिबियापुर विधानसभा के मतदाताओं में नीरसता है जबकि दो दिन पहले इटावा लोकसभा सीट के अजीतमल में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनसभा कर चुके हैं। वहीं कन्नौज लोकसभा सीट के बिधूना क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री सपा मुखिया अखिलेश यादव रोड शो करके जनसभा कर चुके हैं।
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बहुत कम अंतर से दिबियापुर विधानसभा में हुई थी भाजपा की हार
दिबियापुर। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में बहुत थोड़े अंतर से भाजपा प्रत्याशी पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को हार का मुंह देखना पड़ा था। यहां सपा प्रत्याशी पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद प्रदीप यादव को 80865 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा प्रत्याशी पूर्व राज्यमंत्री लाखन सिंह राजपूत को 80392 मत मिले थे। राजनीतिक जानकारों की माने तो दिबियापुर विधानसभा के लिए विभिन्न दलों के बड़े नेताओं की अनदेखी से मतदान प्रतिशत कम हो सकता है। वहीं जीत हार के आंकड़े भी गड़बड़ा सकते हैं।