फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Dry canal converted into pond for Chhath Puja

Auraiya News: छठ पूजा के लिए सूखी नहर को बनाया तालाब

Thu, 07 Nov 2024 11:36 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 11:36 PM IST
विज्ञापन
Dry canal converted into pond for Chhath Puja
औरैया। सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा पर दिबियापुर नगर पंचायत ने व्रत रखने वाली महिलाओं को सहूलियत देने के लिए सूखी नहर में कृत्रिम तालाब बनवाया है। इसके साथ ही पूजा स्थल पर विशेष साफ-सफाई करवाते हुए मार्ग प्रकाश की भी व्यवस्था की गई है। गुरुवार को महिलाओं ने विधि विधान से व्रत की शुरुआत की व डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया।
विज्ञापन


माहौल को भक्तिमय बनाते हुए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से पूजा स्थल पर साउंड सिस्टम लगवाकर छठी माई के गीत सुनाए जा रहे हैं। दरअसल स्थानीय निचली गंग नहर पुल के उत्तरी ओर बने घाट पर हर वर्ष व्रती महिलाएं पूजा-अर्चना करती रही हैं। पिछले कुछ माह से नए पुल के निर्माण के चलते पश्चिमी ओर करीब 500 मीटर दूर बांध बनाकर पानी का बहाव रोक दिया गया, जिससे नहर पुल के पास बना घाट सूखा पड़ा है।
विज्ञापन

इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राघव मिश्रा ने बताया कि नगर क्षेत्र में पूर्वांचल के काफी लोग रहते हैं। जो विधि विधान पूर्वक छठ पूजा का महापर्व मनाते हैं। उन्होंने बताया कि व्रत रखने वाली महिलाओं को सूर्य अर्घ्य देने में कोई दिक्कत न हो इसके लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। घाट के पास अच्छी सफाई व्यवस्था के अलावा मोबाइल टायलेट भी खड़ा कराया गया है। गुरुवार देर शाम विधायक प्रतिनिधि अजय पोरवाल सहित अन्य सभासदों ने नहर स्थित घाट पर पहुंचकर नगर पंचायत कर्मियों की ओर से बेहतर व्यवस्था बनाने की सराहना की। बुधवार की शाम डीएम, एसपी ने भी निरीक्षण कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन




इनसेट----



गेल गांव के तरणताल में दिया गया अर्घ्य

छठ पर्व का मुख्य व्रत षष्ठी तिथि को रखा जाता है। यह पर्व चतुर्थी तिथि से आरंभ होकर सप्तमी तिथि को सुबह सूर्योदय के समय अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है। चार दिनों तक चलने वाले इस व्रत का मुख्य व्रत सात नवंबर को था। सात नवंबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया और आठ नवंबर को उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इसका समापन होगा। मान्यता है कि छठ व्रत संतान की खुशहाली व तरक्की की कामना के साथ रखा जाता है। गेल गांव स्थित तरण ताल में गुरुवार की शाम डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। इस अवसर पर भारी संख्या में व्रत पालन करने वाली महिलाओं और उनके परिवार के सदस्यों में मिल कर सूर्य की उपासना की। बड़ी संख्या में गेल अधिकारी और गेल गांव वासी अपने परिवार सहित भक्ति भाव में दिखे।


इनसेट----

सूर्य उपासना का महापर्व है छठ पूजा

लगातार चार दिन तक चलने वाला पर्व छठ पूजा सूर्य उपासना का महापर्व है। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को नहाय खाय के साथ शुरू होने वाले इस धार्मिक अनुष्ठान में व्रती महिलाएं सूर्य को साक्षी रखकर घुटने भर जल में सूर्य को अर्घ्य देती हैं। पंचमी को खरना होता है, जबकि षष्ठी तिथि को छठ पूजा पर व्रती महिलाएं व्रत रखती हैं, जो शाम को सूर्यास्त के समय भी अर्घ्य देती हैं और अगले दिन सप्तमी को सूर्योदय काल में अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed