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दर्जनों गांवों में हिंसक जानवर की दहशत
auraiya,amar ujala beauro
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:01 AM IST
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पशुआ गांव में बच्चों की रखवाली करते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
क्षेत्र के गांव दासीपुर में बाघ आने की खबर की दहशत आस पास के दो दर्जन गांव तक फैल गई है। दहशत से गांवों में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों ने रतजगा करके रात काटी। वहीं एकजुट होकर बल्लम और हंसिया लेकर ही खेतों पर पहुंचे। रविवार को हमले में घायल हुए दो किसानों ने दावा किया कि वह बाघ ही था।
शनिवार को दासीपुर गांव के किसान जाहरनाथ पुत्र मुलायम नाथ व अजीब खान पुत्र गिरीश खान निवासी नहरा बोझ पर किसी जंगली जानवर ने हमला बोल दिया। चिल्लाने पर आस पास के ग्रामीण दौड़े तो जानवर भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह पीले रंग का धारीदार था जो कि बाघ है। इसके बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम व चिड़ियाघर कानपुर की टीम मौके पर पहुंच गई। मगर कहीं नही मिला। पैरों के निशान की जांच होती रही।
बाघ की दहशत आस पास के दो दर्जन से अधिक गांव में फैल गई। ग्रामीण लाठी बल्लम व हंसिया लेकर घूमते रहे। रात भर ग्रामीण जागते रहे। सोमवार को क्षेत्र के समायन हमीरपुर, नगलाचंदन, नहरा बोझ, दासीपुर, पशुआ, गाजीपुर समेत दो दर्जन गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। घर के बच्चों की रखवाली में ग्रामीण लगे रहे। दहशत के कारण सभी काम ठप हो गए। ग्रामीण अगर खेतों तक फसल देखने गए तो एकजुट होेकर हंसिया बल्लम लेकर ही पहुंचे। इन गांव की महिलाएं भी घरों में दुबकी रही। घर में चूल्हा तभी जला जब कोई रखवाली क रने वाला खड़ा रहा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर एक दूसरे के घरों में भी पहरा दिया।
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नही खुले स्कूल
आस पास क्षेत्रों में स्कूल भी बंद रहे। एक दो जगह स्कूल खुले तो बच्चे नही पहुंचे। वह भी कुछ देर बाद बंद हो गए। अभिभावकों ने दहशत के आगे बच्चों को घर से निकलने ही नही दिया।
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शनिवार को दासीपुर गांव के किसान जाहरनाथ पुत्र मुलायम नाथ व अजीब खान पुत्र गिरीश खान निवासी नहरा बोझ पर किसी जंगली जानवर ने हमला बोल दिया। चिल्लाने पर आस पास के ग्रामीण दौड़े तो जानवर भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह पीले रंग का धारीदार था जो कि बाघ है। इसके बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई। वन विभाग की टीम व चिड़ियाघर कानपुर की टीम मौके पर पहुंच गई। मगर कहीं नही मिला। पैरों के निशान की जांच होती रही।
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बाघ की दहशत आस पास के दो दर्जन से अधिक गांव में फैल गई। ग्रामीण लाठी बल्लम व हंसिया लेकर घूमते रहे। रात भर ग्रामीण जागते रहे। सोमवार को क्षेत्र के समायन हमीरपुर, नगलाचंदन, नहरा बोझ, दासीपुर, पशुआ, गाजीपुर समेत दो दर्जन गांवों में सन्नाटा पसरा रहा। घर के बच्चों की रखवाली में ग्रामीण लगे रहे। दहशत के कारण सभी काम ठप हो गए। ग्रामीण अगर खेतों तक फसल देखने गए तो एकजुट होेकर हंसिया बल्लम लेकर ही पहुंचे। इन गांव की महिलाएं भी घरों में दुबकी रही। घर में चूल्हा तभी जला जब कोई रखवाली क रने वाला खड़ा रहा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर एक दूसरे के घरों में भी पहरा दिया।
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नही खुले स्कूल
आस पास क्षेत्रों में स्कूल भी बंद रहे। एक दो जगह स्कूल खुले तो बच्चे नही पहुंचे। वह भी कुछ देर बाद बंद हो गए। अभिभावकों ने दहशत के आगे बच्चों को घर से निकलने ही नही दिया।