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बीमार पशुओं के इलाज के लिए घर पहुंचेंगे डाक्टर
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औरैया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के पशुपालकों को अब घर बैठे पशुओं के इलाज की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत जिले को पांच आधुनिक एंबुलेंस जल्द मुहैया कराई जाएंगी। जिसमें 102 व 108 एंबुलेंस की तर्ज पर ही पशुओं के उपचार के लिए 1962 टोल फ्री नंबर पर पशु पालकों को कॉल करनी होगी। इसके बाद इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन की तरफ से इस सेवा के लिए पांच एंबुलेंस वाहन विभाग को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टोल फ्री नंबर पर फोन करते ही पशु चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन व सहायकों से लैस टीम एंबुलेंस से पहुंचकर इलाज की सुविधा मुहैया कराएगी।
अभी तक चिकित्सकों व संसाधनों की कमी के चलते पशुओं के इलाज के लिए चिकित्सालय तक की दौड़ लगानी पड़ती थी। ऐसे में निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज इलाज कराने के बाद भी काफी संख्या में मवेशियों की मौत हो जाती थी।
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इस परेशानी से बचने के लिए जिले में अब मवेशियों के लिए लिये डायल 1962 पशु एंबुलेंस सेवा की शुरूआत होने जा रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हेमचंद्र श्रीवास ने कहा कि जिले में करीब पांच लाख मवेशी हैं। एक लाख मवेशियों पर एक एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जा रही है। एक माह के अंदर इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार शासन की तरफ से इस सेवा के लिए पांच एंबुलेंस वाहन विभाग को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टोल फ्री नंबर पर फोन करते ही पशु चिकित्सक, लैब टेक्नीशियन व सहायकों से लैस टीम एंबुलेंस से पहुंचकर इलाज की सुविधा मुहैया कराएगी।
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अभी तक चिकित्सकों व संसाधनों की कमी के चलते पशुओं के इलाज के लिए चिकित्सालय तक की दौड़ लगानी पड़ती थी। ऐसे में निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज इलाज कराने के बाद भी काफी संख्या में मवेशियों की मौत हो जाती थी।
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इस परेशानी से बचने के लिए जिले में अब मवेशियों के लिए लिये डायल 1962 पशु एंबुलेंस सेवा की शुरूआत होने जा रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हेमचंद्र श्रीवास ने कहा कि जिले में करीब पांच लाख मवेशी हैं। एक लाख मवेशियों पर एक एंबुलेंस की व्यवस्था कराई जा रही है। एक माह के अंदर इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा।