{"_id":"658b1dcc89861a3e1b07282d","slug":"disabled-women-wandering-for-pension-auraiya-news-c-211-1-aur1002-6814-2023-12-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: पेंशन के लिए भटक रहीं दिव्यांग महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: पेंशन के लिए भटक रहीं दिव्यांग महिलाएं
Wed, 27 Dec 2023 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 27 Dec 2023 12:09 AM IST
विज्ञापन
एरवाकटरा। ब्लॉक क्षेत्र के कर्मचारियों की उदासीनता से विधवा, दिव्यांग व वृद्धावस्था पेंशन धारक एक वर्ष से अधिक समय से पेंशन न मिलने से भटक रहे हैं। आरोप है कि सत्यापन के लिए जाने पर कर्मचारियों की ओर से टहला दिए जाने से उनकी पेंशन नहीं मिल पा रही है। जिससे बुढ़ापे में दवाई आदि खर्चों के लिए उन्हें पड़ोसियों व रिश्तेदारों के रहमो करम पर निर्भर होना पड़ रहा है।
लाभार्थियों ने बताया कि कई बार उनके द्वारा केवाईसी के नाम पर आधारकार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जमा कराई गई। इसके बावजूद भी एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके खाते में पेंशन नहीं आई। ब्लॉक जाकर संपर्क किया तो वहां कर्मचारियों ने औरैया जाकर पेंशन का सत्यापन कराने की बात कहकर लौटा दिया। ऐसे में विधवा और दिव्यांग लाभार्थी पेंशन के लिए भटक रहे हैं। ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -
फोटो-26एयूआरपी 02- रामकली। संवाद
एक वर्ष से चक्कर काट रहीं रामकली
तुर्कपुर यासीन निवासी रामकली ने बताया कि एक वर्ष से अधिक समय से पेंशन नहीं आ रही है। ब्लॉक के चक्कर काटकर और कागजात जमा करके थक चुके हैं। पति की मृत्यु के बाद पेंशन का ही एक मात्र सहारा था। अब दवा के लिए भी उधार पैसे लेने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -
फोटो-26एयूआरपी 03 - तकदीरन। संवाद
पेंशन के लिए टरकाया जा रहा
तुर्कपुर यासीन निवासी तकदीरन ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन जो करीब एक वर्ष से अधिक समय से नहीं मिल रही है। पेंशन का ही सहारा है। ब्लॉक में संपर्क किया, लेकिन वहां कोई बात नहीं कर रहा है। जिले पर जाने को दोबारा कागजात जमा कहने की बात कहकर टरका दिया गया। घर में कोई पैरवी करने वाला भी नहीं है।
-- -- -- -- --
फोटो-26एयूआरपी 04 - मुन्नी देवी। संवाद
उमरैन निवासी मुन्नी देवी आंखो और हाथ तथा पैर 100 प्रतिशत दिव्यांग है। पिछले करीब 40 वर्ष से उमरैन मायके में अपने छोटे भाई के साथ रह रही हैं। नवंबर 2022 में अंतिम बार पेंशन आई थी। इसके बाद से उन्हें दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि कई बार उनके भाई ने कई बार ब्लॉक में जाकर प्रयास किया, लेकिन कोई काम नहीं हो सका।
-- -- -- -- -- -
बोले जिम्मेदार-- -
जिन लाभार्थियों की पेंशन पुरानी है, उन्हें जिले पर जाकर अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कराना होता है और उनके खाते में डीबीटी होना भी आवश्यक है। जिन महिला लाभार्थियों को विधवा और वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन मिलने में कोई समस्या है तो वह ब्लॉक में आकर संपर्क कर सकता है। उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जायेगा। - सौरभ बाबू, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण
-- -- -- --
पेंशन सीधे शासन से लाभार्थियों के खाते में आती है। खाते की के-वाईसी न होने के कारण भी पेंशन में समस्या होती है। पेंशन मिलने में कोई समस्या है तो उनकी शिकायत मिलने पर एडीओ समाज कल्याण से निराकरण कराया जायेगा। - रमेश कुमार, खंड विकास अधिकारी
विज्ञापन
लाभार्थियों ने बताया कि कई बार उनके द्वारा केवाईसी के नाम पर आधारकार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कॉपी जमा कराई गई। इसके बावजूद भी एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उनके खाते में पेंशन नहीं आई। ब्लॉक जाकर संपर्क किया तो वहां कर्मचारियों ने औरैया जाकर पेंशन का सत्यापन कराने की बात कहकर लौटा दिया। ऐसे में विधवा और दिव्यांग लाभार्थी पेंशन के लिए भटक रहे हैं। ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन
फोटो-26एयूआरपी 02- रामकली। संवाद
एक वर्ष से चक्कर काट रहीं रामकली
तुर्कपुर यासीन निवासी रामकली ने बताया कि एक वर्ष से अधिक समय से पेंशन नहीं आ रही है। ब्लॉक के चक्कर काटकर और कागजात जमा करके थक चुके हैं। पति की मृत्यु के बाद पेंशन का ही एक मात्र सहारा था। अब दवा के लिए भी उधार पैसे लेने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
फोटो-26एयूआरपी 03 - तकदीरन। संवाद
पेंशन के लिए टरकाया जा रहा
तुर्कपुर यासीन निवासी तकदीरन ने बताया कि उनकी वृद्धावस्था पेंशन जो करीब एक वर्ष से अधिक समय से नहीं मिल रही है। पेंशन का ही सहारा है। ब्लॉक में संपर्क किया, लेकिन वहां कोई बात नहीं कर रहा है। जिले पर जाने को दोबारा कागजात जमा कहने की बात कहकर टरका दिया गया। घर में कोई पैरवी करने वाला भी नहीं है।
फोटो-26एयूआरपी 04 - मुन्नी देवी। संवाद
उमरैन निवासी मुन्नी देवी आंखो और हाथ तथा पैर 100 प्रतिशत दिव्यांग है। पिछले करीब 40 वर्ष से उमरैन मायके में अपने छोटे भाई के साथ रह रही हैं। नवंबर 2022 में अंतिम बार पेंशन आई थी। इसके बाद से उन्हें दिव्यांग पेंशन नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि कई बार उनके भाई ने कई बार ब्लॉक में जाकर प्रयास किया, लेकिन कोई काम नहीं हो सका।
बोले जिम्मेदार
जिन लाभार्थियों की पेंशन पुरानी है, उन्हें जिले पर जाकर अपना जीवित प्रमाण पत्र जमा कराना होता है और उनके खाते में डीबीटी होना भी आवश्यक है। जिन महिला लाभार्थियों को विधवा और वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन मिलने में कोई समस्या है तो वह ब्लॉक में आकर संपर्क कर सकता है। उनकी समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जायेगा। - सौरभ बाबू, सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण
पेंशन सीधे शासन से लाभार्थियों के खाते में आती है। खाते की के-वाईसी न होने के कारण भी पेंशन में समस्या होती है। पेंशन मिलने में कोई समस्या है तो उनकी शिकायत मिलने पर एडीओ समाज कल्याण से निराकरण कराया जायेगा। - रमेश कुमार, खंड विकास अधिकारी