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Auraiya News: सैकड़ों लोगों के बेरोजगार और बेघर होने की आशंका से परेशान दिबियापुरवासी
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संवाद न्यूज एजेंसी
दिबियापुर। नगर में सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी विभाग के कब्जेदारों एवं अतिक्रमण किए लोगों के कब्जे हटाने के लिए दिए गए नोटिस की मियाद समाप्त हो रही है। इस बीच पीडब्ल्यूडी ने 20 मार्च को अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित तिथि बताते हुए पुलिस बल की मांग की है।
प्रशासन का बुल्डोजर गरजने की आशंका से दिबियापुर के लोगों में खलबली मची है। एक जनहित याचिका में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी ने दिबियापुर में 639 मकानों दुकानों के बाहर कब्जा एवं अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस चस्पा किए हैं। सिंचाई विभाग ने 319 एवं पीडब्ल्यूडी ने 320 कब्जाधारकों को कब्जा हटाने के लिए कहा है। कुछ कब्जाधारकों को दिए गए नोटिसों की मियाद 13 मार्च एवं शेष की मियाद 19 मार्च को पूरी हो रही है।
इस बीच स्थानीय लोगों का कहना है कि 639 घरों पर बुल्डोजर चलने से दिबियापुर के लगभग पांच हजार लोग प्रभावित होंगे। सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन जाएगा और वह बेघर हो जाएंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अभियान रोकने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं ताकि दिबियापुर कस्बा उजड़ने से बच जाए।
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फोटो-18एयूआरपी02- दिव्यांग चंद्रशेखर और उनके परिजन। संवाद
हाथों-पैरों से दिव्यांग आटा चक्की स्वामी का परिवार सदमे में
आटा चक्की चलाने वाले दोनों हाथों एवं दोनों पैरों से दिव्यांग चंद्रशेखर के अनुसार उनके बाबा महावीर सिंह ने सिंचाई विभाग के किरायेदार के तौर पर वर्ष 1970 से यहां रहना शुरू किया था। चंद्रशेखर के अनुसार छह अप्रैल 1998 में हुई एक ट्रेन दुर्घटना में दोनों हाथ एवं दोनों पैर खो दिए थे। उनके इलाज में खेती, स्पेलर मशीन, इंजन आदि सब कुछ बिक गया।
सदमे से पिता की 2007 में मृत्यु हो गई थी। वर्ष 2000 में मां भानुमति, भाई जयविजय, पत्नी रीता की मदद से आटा चक्की का कारोबार दोबारा खड़ा किया। वह दुकान की गद्दी पर बैठकर पूरा व्यापार और लेनदेन संभालते हैं। बुल्डोजर चलने की आशंका से पूरा परिवार सदमे में है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं जबकि इस अभियान में एक दिव्यांग का रोजगार ही छिन जाएगा।
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फोटो18एयूआरपी03- सुखलाल गुप्ता। संवाद
सांसद को वादा याद दिलाकर रोक लगाने की मांग करेंगे
गल्ला व्यापारी एवं दिबियापुर नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन शीला गुप्ता के पति सुखलाल गुप्ता के अनुसार वह लोग 70 वर्षों से सिंचाई विभाग के किरायेदार के तौर पर रह रहे हैं। पिछले दिनों यहां आए सांसद डाॅ. रामशंकर कठेरिया ने आश्वासन दिया था कि अगले एक माह तक कोई निर्माण तोड़ा नहीं जाएगा। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ की तैयारी की जा रही है। वह सांसद से इसके लिए नए सिरे से बात करेंगे और उनका वादा याद दिलाएंगे। उनसे मांग करेंगे कि मुख्यमंत्री से मिलकर तोड़फोड़ रुकवाई जाए।
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फोटो-18एयूआरपी04- अरविंद पोरवाल। संवाद
तोड़फोड़ हुई तो व्यापारियों के साथ मिलकर करेंगे विरोध प्रदर्शन
नगर पंचायत दिबियापुर के पूर्व चेयरमैन एवं बसपा जिला महासचिव अरविंद पोरवाल का कहना है कि नए मानक लागू करके अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर दोबारा व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। दिबियापुर में यदि कोई तोड़फोड़ हुई तो व्यापारियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए रण नहीं संघर्ष होगा, संघर्ष महाभीषण होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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दिबियापुर। नगर में सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी विभाग के कब्जेदारों एवं अतिक्रमण किए लोगों के कब्जे हटाने के लिए दिए गए नोटिस की मियाद समाप्त हो रही है। इस बीच पीडब्ल्यूडी ने 20 मार्च को अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित तिथि बताते हुए पुलिस बल की मांग की है।
प्रशासन का बुल्डोजर गरजने की आशंका से दिबियापुर के लोगों में खलबली मची है। एक जनहित याचिका में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी ने दिबियापुर में 639 मकानों दुकानों के बाहर कब्जा एवं अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस चस्पा किए हैं। सिंचाई विभाग ने 319 एवं पीडब्ल्यूडी ने 320 कब्जाधारकों को कब्जा हटाने के लिए कहा है। कुछ कब्जाधारकों को दिए गए नोटिसों की मियाद 13 मार्च एवं शेष की मियाद 19 मार्च को पूरी हो रही है।
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इस बीच स्थानीय लोगों का कहना है कि 639 घरों पर बुल्डोजर चलने से दिबियापुर के लगभग पांच हजार लोग प्रभावित होंगे। सैकड़ों लोगों का रोजगार छिन जाएगा और वह बेघर हो जाएंगे। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अभियान रोकने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किए जाएं ताकि दिबियापुर कस्बा उजड़ने से बच जाए।
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फोटो-18एयूआरपी02- दिव्यांग चंद्रशेखर और उनके परिजन। संवाद
हाथों-पैरों से दिव्यांग आटा चक्की स्वामी का परिवार सदमे में
आटा चक्की चलाने वाले दोनों हाथों एवं दोनों पैरों से दिव्यांग चंद्रशेखर के अनुसार उनके बाबा महावीर सिंह ने सिंचाई विभाग के किरायेदार के तौर पर वर्ष 1970 से यहां रहना शुरू किया था। चंद्रशेखर के अनुसार छह अप्रैल 1998 में हुई एक ट्रेन दुर्घटना में दोनों हाथ एवं दोनों पैर खो दिए थे। उनके इलाज में खेती, स्पेलर मशीन, इंजन आदि सब कुछ बिक गया।
सदमे से पिता की 2007 में मृत्यु हो गई थी। वर्ष 2000 में मां भानुमति, भाई जयविजय, पत्नी रीता की मदद से आटा चक्की का कारोबार दोबारा खड़ा किया। वह दुकान की गद्दी पर बैठकर पूरा व्यापार और लेनदेन संभालते हैं। बुल्डोजर चलने की आशंका से पूरा परिवार सदमे में है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वरोजगार को बढ़ावा दे रहे हैं जबकि इस अभियान में एक दिव्यांग का रोजगार ही छिन जाएगा।
फोटो18एयूआरपी03- सुखलाल गुप्ता। संवाद
सांसद को वादा याद दिलाकर रोक लगाने की मांग करेंगे
गल्ला व्यापारी एवं दिबियापुर नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन शीला गुप्ता के पति सुखलाल गुप्ता के अनुसार वह लोग 70 वर्षों से सिंचाई विभाग के किरायेदार के तौर पर रह रहे हैं। पिछले दिनों यहां आए सांसद डाॅ. रामशंकर कठेरिया ने आश्वासन दिया था कि अगले एक माह तक कोई निर्माण तोड़ा नहीं जाएगा। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से तोड़फोड़ की तैयारी की जा रही है। वह सांसद से इसके लिए नए सिरे से बात करेंगे और उनका वादा याद दिलाएंगे। उनसे मांग करेंगे कि मुख्यमंत्री से मिलकर तोड़फोड़ रुकवाई जाए।
फोटो-18एयूआरपी04- अरविंद पोरवाल। संवाद
तोड़फोड़ हुई तो व्यापारियों के साथ मिलकर करेंगे विरोध प्रदर्शन
नगर पंचायत दिबियापुर के पूर्व चेयरमैन एवं बसपा जिला महासचिव अरविंद पोरवाल का कहना है कि नए मानक लागू करके अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर दोबारा व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। दिबियापुर में यदि कोई तोड़फोड़ हुई तो व्यापारियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए रण नहीं संघर्ष होगा, संघर्ष महाभीषण होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।