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Auraiya News: निजी बसों में यात्रियों संग दाैड़ रहा खतरा
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बिधूना। यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे के बाद गुरुवार को परिवहन विभाग ने सभी संचालकों को बसों में दो दिन के अंदर अग्निशमन सिलिंडर लगवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में दिल्ली-नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, जयपुर और खाटू श्याम समेत अन्य शहरों के लिए चलने वाली कई निजी बसों में आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले।
बिधूना के साथ ही इटावा-बिधूना, किशनी व छिबरामऊ मार्ग पर चलने वाली निजी बसों में सुरक्षा इंतजाम भगवान भरोसे मिले। कई बसों में चालक की सीट के पीछे और अन्य निर्धारित स्थानों पर अग्निशमन सिलिंडर नहीं लगा मिला। कुछ नई बसों में ही अग्निशमन यंत्र नजर आए। बताया गया कि नई बसों को एनओसी और अन्य औपचारिकताओं के दौरान सुरक्षा उपकरण लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन पुरानी बसों में स्थिति उलट है।
बिधूना, बेला, अछल्दा, कुदरकोट, एरवाकटरा समेत आसपास के कई स्थानों से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, जयपुर और खाटू श्याम के लिए बसें चलतीं हैं। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इन बसों में सफर करते हैं। कुछ ट्रैवल एजेंसी संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नोएडा हादसे के बाद अग्निशमन सिलिंडर लगवाने के निर्देश मिले हैं। एक संचालक ने बताया कि उसकी एक बस में सिलिंडर लगा है, अन्य तीन बसों में अभी यह व्यवस्था नहीं है। पूछताछ पर अन्य संचालकों ने भी जल्द व्यवस्था पूरी कराने की बात कही।
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बिधूना क्षेत्र से विभिन्न रूटों पर रोजाना 25 से 30 निजी बसों का आवागमन होता है। इनमें दिल्ली-एनसीआर से लेकर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और शहरों तक की बसें शामिल हैं। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आग या अन्य आपात स्थिति में सुरक्षा उपकरणों की कमी यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
जिले में पहले भी अभियान चलाकर बसों में परिवहन नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई है। अब बिधूना क्षेत्र से निकलने वाली बसों पर विशेष नजर रखी जाएगी। एक-दो दिन में जिले में फिर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। जिन बसों में अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य अनिवार्य सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एनसी शर्मा, एआरटीओ, औरैया
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बिधूना के साथ ही इटावा-बिधूना, किशनी व छिबरामऊ मार्ग पर चलने वाली निजी बसों में सुरक्षा इंतजाम भगवान भरोसे मिले। कई बसों में चालक की सीट के पीछे और अन्य निर्धारित स्थानों पर अग्निशमन सिलिंडर नहीं लगा मिला। कुछ नई बसों में ही अग्निशमन यंत्र नजर आए। बताया गया कि नई बसों को एनओसी और अन्य औपचारिकताओं के दौरान सुरक्षा उपकरण लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन पुरानी बसों में स्थिति उलट है।
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बिधूना, बेला, अछल्दा, कुदरकोट, एरवाकटरा समेत आसपास के कई स्थानों से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद, जयपुर और खाटू श्याम के लिए बसें चलतीं हैं। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इन बसों में सफर करते हैं। कुछ ट्रैवल एजेंसी संचालकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नोएडा हादसे के बाद अग्निशमन सिलिंडर लगवाने के निर्देश मिले हैं। एक संचालक ने बताया कि उसकी एक बस में सिलिंडर लगा है, अन्य तीन बसों में अभी यह व्यवस्था नहीं है। पूछताछ पर अन्य संचालकों ने भी जल्द व्यवस्था पूरी कराने की बात कही।
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बिधूना क्षेत्र से विभिन्न रूटों पर रोजाना 25 से 30 निजी बसों का आवागमन होता है। इनमें दिल्ली-एनसीआर से लेकर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक और शहरों तक की बसें शामिल हैं। लंबी दूरी की स्लीपर बसों में बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में आग या अन्य आपात स्थिति में सुरक्षा उपकरणों की कमी यात्रियों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
जिले में पहले भी अभियान चलाकर बसों में परिवहन नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई की गई है। अब बिधूना क्षेत्र से निकलने वाली बसों पर विशेष नजर रखी जाएगी। एक-दो दिन में जिले में फिर बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। जिन बसों में अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य अनिवार्य सुरक्षा इंतजाम नहीं मिले हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - एनसी शर्मा, एआरटीओ, औरैया