{"_id":"636a9db340196879ae6bacfa","slug":"cultural-up-news-auraiya-news-auraiya-auraiya-news-knp727291293","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम चरित्र मानस का पाठ कर बने संस्कारवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम चरित्र मानस का पाठ कर बने संस्कारवान
विज्ञापन
मानस सम्मेलन में बोलते जिलाधिकारी। संवाद
- फोटो : AURAIYA
अजीतमल । बाबरपुर कस्बा स्थित सब्जी मंडी में साप्ताहिक 25वां मानस सम्मेलन का मंगलवार को जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि घर का वातावरण संस्कारवान बनाना है तो हमें अपने परिवार में रामचरित मानस का पाठन करना चाहिए।
जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रामचरित मानस में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श को पढ़कर हमें उनके चरित्र को जीवन में उतारना चाहिए। कहा कि रामचरित मानस विश्व का अद्वितीय ग्रंथ है। भाई-भाई का प्रेम यदि देखना है तो राम और भरत का चरित्र पढ़ना होगा।
इतने बढ़े राज्य को छोड़कर पिता और माता की आज्ञा से 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया।
जगत जननी मां सीता ने 14 वर्ष वन में रहकर पति की सेवा करके आज की नारियों को बड़ी शिक्षा दी। वहीं कई अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रख लोगों को ईमानदारी के रास्ते पर चलने की सलाह दी। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि रामचरित मानस में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श को पढ़कर हमें उनके चरित्र को जीवन में उतारना चाहिए। कहा कि रामचरित मानस विश्व का अद्वितीय ग्रंथ है। भाई-भाई का प्रेम यदि देखना है तो राम और भरत का चरित्र पढ़ना होगा।
विज्ञापन
इतने बढ़े राज्य को छोड़कर पिता और माता की आज्ञा से 14 वर्ष का वनवास सहर्ष स्वीकार किया।
जगत जननी मां सीता ने 14 वर्ष वन में रहकर पति की सेवा करके आज की नारियों को बड़ी शिक्षा दी। वहीं कई अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रख लोगों को ईमानदारी के रास्ते पर चलने की सलाह दी। इस दौरान सीडीओ अनिल कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अखिलेश कुमार सिंह भी मौजूद रहे।
विज्ञापन