अयाना। सनातन धर्म परंपरा में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन देव दीपावली का पर्व मनाने के साथ ही भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि यमुना में स्नान कर दान पुण्य करने वाले सुखी रहते हैं। मंगलवार को जुहीखा स्थित पचनद (पांच नदियों का संगम) व बीझलपुर यमुना घाट पर रात एक बजे से ही स्नान करने के लिए आस्थावानों की भीड़ उमड़ी।
यमुना, चंबल, सिद्ध, पहुज व क्वारी नदी के संगम पर प्रतिवर्ष की तरह कार्तिक मास की पूर्णिमा पर रात एक बजे से ही आस्थावानों की तांता लग गया। आस्थावानों ने नदी मेें डुबकी लगाने के बाद सूर्यदेव को जल अर्पित किया। बाबा साहब मंदिर, कालेश्वर महादेव व कर्णदेवी मंदिर में मत्था टेकने के बाद विधिवत दान-पुण्य किया।
बीझलपुर यमुना घाट पर भी आस्थावानों की भीड़ बनी रही। इटावा, जालौन व औरैया से हजारों की संख्या में आस्थावान तड़के से घाट पर पहुंचे। इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से अयाना थाना पुलिस घाटों पर मुस्तैद रही। सीओ अजीतमल सुरेंद्र नाथ व थाना प्रभारी भोला प्रसाद रस्तोगी ने सुरक्षा व्यवस्था की जांच की।