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माता-पिता के पास समयाभाव से बच्चों में आ रही संस्कारों की कमी
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दिबियापुर (औरैया)। पीबीआरपी स्कूल में गुरुवार को सकारात्मक पालन पोषण विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस मौके पर एसडीएम औरैया विजेता ने कहा कि आज का विद्यार्थी मेधावी है, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में अधिक रुचि रखता है। परंतु माता-पिता के पास समयाभाव एवं संयुक्त परिवारों की कमी के कारण बच्चों में संस्कारों की कमी होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संस्कारों की वास्तविक प्रयोगशाला घर एवं परिवार हैं, जहां बच्चों के व्यवहार एवं संस्कारों का वास्तविक प्रयोग होता है।
एसडीएम ने कहा कि आज का शिक्षक एवं छात्र दोनों अंकों के खेल में व्यस्त हो गए हैं। उनका एक ही लक्ष्य सर्वाधिक अंक लाना होता है। इस भागदौड़ के चक्कर में जीवन के अच्छा नागरिक या अच्छा इंसान बनाने के पहलू अछूते रह जाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए कहा।
सकारात्मक पालन पोषण विषय पर आयोजित कार्यशाला में दिल्ली से पहुंचे मोटीवेशनल स्पीकर एवं प्रशिक्षक आविद अख्तर अंसारी ने कहा कि बच्चों को अपने जीवन के उद्देश्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कहा कि सभी शिक्षकों का कर्तव्य बनता है कि समाज व विद्यालय के हर बच्चे को सुसंस्कृत एवं संस्कारी बनाने का प्रयास करें। इससे वह देश व समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। विशिष्ट अतिथि कवि अजय अंजाम, संतोष पांडेय, प्रबंधक इंजीनियर दिनेश पांडेय, प्रधानाचार्य सौरव कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान उपप्रधानाचार्य प्रशांत पुरवार के अलावा लालजी, बृजेंद्र, अंशुमन, अनुज, गौरव, निवेश, नीलम व दीपमाला आदि मौजूद रहीं।
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एसडीएम ने कहा कि आज का शिक्षक एवं छात्र दोनों अंकों के खेल में व्यस्त हो गए हैं। उनका एक ही लक्ष्य सर्वाधिक अंक लाना होता है। इस भागदौड़ के चक्कर में जीवन के अच्छा नागरिक या अच्छा इंसान बनाने के पहलू अछूते रह जाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को अच्छे संस्कार देने के लिए कहा।
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सकारात्मक पालन पोषण विषय पर आयोजित कार्यशाला में दिल्ली से पहुंचे मोटीवेशनल स्पीकर एवं प्रशिक्षक आविद अख्तर अंसारी ने कहा कि बच्चों को अपने जीवन के उद्देश्यों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कहा कि सभी शिक्षकों का कर्तव्य बनता है कि समाज व विद्यालय के हर बच्चे को सुसंस्कृत एवं संस्कारी बनाने का प्रयास करें। इससे वह देश व समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बन सके। विशिष्ट अतिथि कवि अजय अंजाम, संतोष पांडेय, प्रबंधक इंजीनियर दिनेश पांडेय, प्रधानाचार्य सौरव कश्यप ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान उपप्रधानाचार्य प्रशांत पुरवार के अलावा लालजी, बृजेंद्र, अंशुमन, अनुज, गौरव, निवेश, नीलम व दीपमाला आदि मौजूद रहीं।
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